होम्योपैथ चिकित्सकों में सीएचओ की भर्ती को लेकर असंतोष

News - इंदौर/भोपाल

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 08:30 AM IST
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इंदौर/भोपाल
राज्य सरकार नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) की भर्ती करना चाहती है। ये चिकित्सक कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर पर तैनात होंगे। लेकिन इसके लिए बीएएमएस, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी और जीएनएम कोर्स पूरा करने वाले उम्मीदवारों को ही शामिल किया गया है।

पहले चयनित उम्मीदवारों को सर्टिफिकेट कोर्स इन कम्यूनिटी हेल्थ (सीसीसीएच) के लिए छह माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उसके बाद सफल उम्मीदवारों की तैनाती की जाएगी। सरकार के इस रवैए से होम्योपैथ चिकित्सकों में असंतोष है। उनका कहना है कि अन्य राज्यों में आयुर्वेद के साथ होम्योपैथ के डॉक्टर्स को कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर के लिए मौका दिया जा रहा है। ऐसे में राज्य शासन हमारे साथ अन्याय कर रहा है। प्रदेश में लगभग 32 हजार होम्योपैथ चिकित्सक बेरोजगार घूम रहे हैं। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार शिक्षित बेरोजगारों को नौकरी देने की बात करती है, वहीं भर्ती प्रक्रिया में मनमाने नियम थोपकर हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

क्या है मामला

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश भर में उपस्वास्थ्य केंद्र स्तरीय हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ नियुक्त करना है। इस कड़ी में 23 अक्टूबर को सीसीसीएच चयन परीक्षा का विज्ञापन जारी किया गया। उसमें बीएएमएस, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी और जीएनएम कोर्स पासआउट उम्मीदवारों से ही आवेदन मंगाए गए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें इग्नू, भोज विश्वविद्यालय और दूरवर्ती-स्वाध्यायी बीएससी नर्सिंग करने वाले आवेदन नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा मप्र शासन में सेवारत नियमित स्टाफ नर्सेस को भी प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। होम्योपैथ चिकित्सकों का कहना है कि जब अन्य राज्यों में हमें सीएचओ पद के लिए पात्र माना गया है, तो हमारे साथ अपने ही प्रदेश में अन्याय क्यों हाे रहा है? गौरतलब है कि आयुष कोर्स कर चुके स्टूडेंट्स को डॉक्टरी का ज्ञान होता है, उन्हें किसी प्रशिक्षण की जरूरत नहीं हाेती है। वहीं इस भर्ती के लिए चयनित उम्मीदवारांे को छह माह की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस पर खर्च होने वाली राशि सरकार वहन करेगी।

केंद्र और राज्य में विरोधाभास

एक तरफ केंद्र सरकार आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा दे रही है। इसके मद्देनजर देश के कई राज्यों में कम्यूनिटी हेल्थ अॉफिसर के लिए आयुर्वेद के साथ होम्योपैथ डाॅक्टर्स को भी मौका दिया जा रहा है, वहीं मप्र सरकार यहां पक्षपात कर रही है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश समेत अनेक राज्यों ने कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर के लिए हेल्थ ऑफिसर की भर्ती हो रही है। वहीं होम्योपैथ एसोसिएशन का आरोप है कि प्रदेश में अफसरों की मंशा आयुर्वेद और नर्सिंग वालों से ये पद भरने की है।

प्रदेश में 52 हजार आयुष चिकित्सक बेरोजगार

प्रदेश में करीब 52 हजार आयुष चिकित्सक बेरोजगार हैं। इनमें 32 हजार होम्योपैथ, 16 हजार आयुर्वेद और 5 हजार के लगभग यूनानी के हैं। वहीं हर साल 1 हज़ार नए आयुष डॉक्टर कॉलेजों से पढ़कर निकल रहे हैं। नौकरी के लिए भटक रहे डिग्रीधारी होम्योपैथ डॉक्टर्स ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बना लिया है। उन्होंने प्रमुख सचिव, आयुष, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, आयुक्त सह मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पत्र लिखा है। एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। हालांकि एसोसिएशन का यह भी कहना है कि हमारी मांग नहीं मानी गई तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

सीधी बात
अन्याय नहीं होगा

सीएचओ के लिए आयुष में होम्योपैथ के बजाय नर्सिंग वालों को क्यों मौका दे रहे हैं?

- मैं इस बारे में पता करवाता हूं।

अन्य राज्यों में होम्योपैथ चिकित्सकों को भी पात्र माना गया है?

- इसके लिए अधिकारियों से जानकारी लेकर ही कुछ कह पाऊंगा।

प्रदेश भर में लगभग 52 हजार आयुष चिकित्सक बेरोजगार हैं?

- जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। वह किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी।

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