प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक माह से नहीं डॉक्टर, एमपीडब्ल्यू व नर्स कर रहे इलाज

Badwani News - भास्कर संवाददाता | वरला/बलवाड़ी शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डेढ़ साल से डॉक्टर नहीं है। यहां होम्योपैथी...

Bhaskar News Network

Oct 12, 2019, 09:11 AM IST
Sendhwa News - mp news doctors mpw and nurses are undergoing treatment at the primary health center for a month
भास्कर संवाददाता | वरला/बलवाड़ी

शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डेढ़ साल से डॉक्टर नहीं है। यहां होम्योपैथी इलाज की ही सुविधा है। मरीजों को इलाज कराने वरला जाना पड़ रहा है। गांव में मच्छरजनीत बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में मरीज और उनके परिजन परेशान हैं।

शासकीय अस्पताल में 1.5 वर्ष से डॉक्टर नहीं है। एक होम्योपैथिक डॉक्टर है जो होम्योपैथी में इलाज करता है। ऐसे में अधिकांश मरीजों को वरला शासकीय अस्पताल या निजी डॉक्टरों के पास जाना पड़ रहा है। लैब टेक्नीशियन के पास भी दो अस्पतालों का जिम्मा है। इससे बलवाड़ी में तीन दिन ही सेवाएं देता है। बलवाड़ी में मच्छर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इससे गांव में मच्छरजनीत रोग जैसे मलेरिया व डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सितंबर माह में 3 मरीज थे। अब बढ़कर 6 हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और जनपद पंचायत ने इनकी रोकथाम के लिए उचित उपाय नहीं किए हैं। मुख्य मार्ग पर गंदगी है। श्मशान घाट जाने वाले मार्ग पर भी नदी किनारे गंदगी का ढेर पड़ा हुआ है। बलवाड़ी में पहला डेंगू का मरीज 15 सितंबर को मिला था। इलाज की उचित सुविधा नहीं होने से लोग महाराष्ट्र में इलाज कराते हैं। इससे परिवार पर आर्थिक बोझ पड़ता है। गांव के हेमराज पिता गोकुल, रुपेश पिता गोपाल पिंकी पिता गोकुल प्रतिभा प्रदीप पाटिल अजमल पिता जगराम ने महाराष्ट्र में इलाज करवाया। गांव के लोगों ने डॉक्टर की नियुक्ति और नियमित सफाई की मांग की है।

स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन होती है लगभग 50 से 60 मरीजों की ओपीडी

भास्कर संवाददाता | सेंधवा/धनोरा

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक माह से डॉक्टर नहीं होने से मरीजों का प्राथमिक इलाज एमपीडब्ल्यू (बहुद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता) और स्टाफ नर्स द्वारा किया जा रहा है। गंभीर स्थिति होने पर मरीज को सेंधवा सिविल अस्पताल ले जाना पड़ रहा है।

स्टाफ की कमी होने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद ही बीमार है। यहां पर पदस्थ डॉक्टर का जिले में ही अन्य अस्पताल में स्थानांतरण हो गया है। इसके बाद से ही यहां पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। अस्पताल से करीब 22 गांव जुड़े हुए हैं। इनके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ऊपर है। स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन लगभग 50 से 60 मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें वायरल बुखार, खांसी, सर्दी सहित कई बीमारियों के मरीज शामिल होते हैं। डॉक्टर नहीं होने से उन्हें सिर्फ प्राथमिक उपचार ही मिल पाता है। इसके अलावा अस्पताल में हर माह 20 से अधिक प्रसव होते हैं। डॉक्टर नहीं होने से गंभीर स्थिति होने पर एक माह में 5 से अधिक महिलाओं को सेंधवा रैफर किया जाता है। दुर्घटना में घायल या पॉइजनिंग केस आने पर भी मरीजों को रैफर करना पड़ता है। प्राथमिक इलाज ही मिलने से मरीज के परिजन आए दिन स्टाफ से विवाद करते हैं।

फार्मासिस्ट का पद खाली, गंभीर बीमारी या हादसों में देते हैं केवल प्राथमिक सेवाएं

अस्पताल में फार्मासिस्ट का पद भी खाली है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर एक फार्मासिस्ट को 2 दिन के लिए धनोरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नियुक्त किया गया है। जो स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध दवाई गोली सहित अन्य सुविधाओं की सिर्फ जानकारी और ओपीडी देख लेते हैं। इसके अलावा यहां पर मरीजों का इलाज एमपीडब्ल्यू और स्टाफ नर्स के भरोसे है। जो सिर्फ प्राथमिक उपचार तक ही सीमित है। इसके अलावा कोई गंभीर बीमारी या दुर्घटना में भी वह सिर्फ अपनी प्राथमिक सेवाएं दे पाते हैं। उचित इलाज के लिए या सलाह के लिए उन्हें सेंधवा या बड़वानी रैफर करना होता है।

डेढ़ साल से नहीं डाॅक्टर, 3 दिन ही रहता है लैब टेक्नीशियन

धनोरा शासकीय अस्पताल में एमपीडब्ल्यू इलाज कर रहे हैं।

प्रशासन ने जिले से दो मशीनें भेजकर फॉगिंग करवाई

प्रशासन द्वारा मच्छरों की रोकथाम के लिए गांव में फॉगिंग करवाई जा रही है। बड़वानी जिला मलेरिया कार्यालय से 2 फाॅगिंग मशीन के साथ जिला मलेरिया कार्यालय के सादिक शेख, एमपीडब्ल्यू सुनील मोहिदे ने शाम 5 बजे गांव में फाॅगिंग करवाई। बलवाड़ी में अभी भी जगह-जगह नालियां चोक हैं व कचरे का ढेर है। गांव के लोगों ने सरपंच व पंच से नियमित साफ-सफाई करने के साथ मुख्य स्थानों पर कचरा पेटी लगाने की मांग की है। महात्मा गांधी चौक, वल्लभनगर, कृषक भवन, वरला रोड, भिलाटी मोहल्ला, बाजार पट्टा, शिव मंदिर बस स्टैंड सहित अन्य स्थानों पर कचरा पेटी लगाने से रहवासी पेटी में ही कचरा डालेंगे। इससे गांव में फैली गंदगी खत्म होगी। खासकर धवली व वरला मार्ग पर आए दिन गंदगी का अंबार लगा रहता है। पंचायत सचिव अनिल पंवार ने बताया नियमित सफाई को लेकर सफाईकर्मियों को निर्देशित किया है। एक-दो दिन में कीटनाशक का भी छिड़काव किया जाएगा।

गांव में शाम को फोगिंग मशीन से धुआं करते कर्मचारी।

ये स्टाफ नहीं अस्पताल में







Sendhwa News - mp news doctors mpw and nurses are undergoing treatment at the primary health center for a month
X
Sendhwa News - mp news doctors mpw and nurses are undergoing treatment at the primary health center for a month
Sendhwa News - mp news doctors mpw and nurses are undergoing treatment at the primary health center for a month
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना