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रिश्वत लेने वाले डीएसपी पाठक को भेजा जेल

एक वर्ष पहले
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लोकायुक्त पुलिस ने पुलिस मुख्यालय की शिकायत शाखा में पदस्थ डीएसपी एसएन पाठक को सोमवार को कोर्ट पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने रविवार को भोपाल से उन्हें गिरफ्तार कर एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया था। रिश्वत की मांग करने वाले डीएसपी ने वाइस सैंपल देने से इनकार कर दिया। रेत माफियाओं से रिश्वत लेते पाठक का वीडियो वायरल होने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह वीडियो पिछले साल मई-जून में वायरल हुआ था।

जबलपुर लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा के अनुसार पाठक के खिलाफ कार्रवाई पाटन निवासी अमित अग्रवाल की शिकायत पर हुई है। पाठक पाटन में एसडीओपी थे, तब उन्होंने अमित से रेत की गाड़ी निकलवाने के एवज में रिश्वत ली थी। रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ था। बाद में अमित डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेने की शिकायत लोकायुक्त से की थी। रविवार को टीम जब पाठक को गिरफ्तार करने भोपाल पहुंची तो वह कार्रवाई से बचने के लिए अस्पताल में भर्ती हो गए थे, लेकिन मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराने पर सामान्य पाए गए। वे पुलिस के नर्मदा गेस्ट हाउस में रह रहे थे।

एसपी विश्वकर्मा का कहना है कि पाठक ने वाइस सैंपल देने से इनकार कर दिया है। वीडियो में पाठक रिश्वत की मांग करते हुए दिखे थे। सोमवार को एक दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने पर उन्हें कोर्ट पेश किया गया था। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया है। पाठक मूलत: छपरा, बिहार के रहने वाले हैं। लोकायुक्त पुलिस ने दो दिन पहले पाठक के जबलपुर और बनारस स्थित ठिकानों पर छापा मारा था। छापे के दौरान आधा किलो सोना, 80 हजार रुपए नगदी समेत बहुत सारा सामान मिला है। जबलपुर में उनका एक प्लाट भी है। इसके अलावा बनारस में 1500 वर्ग फीट पर बना एक मकान भी है। बैंक खातों में लगभग 20 लाख रुपए जमा हैं।

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