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अफवाह के चलते युवक के शव का पीएम कराया, अन्य युवक का शव दिल्ली से आने की चर्चा पर चिंता

Damoh News - जिले में कोरोना वायरस का फिलहाल कोई भी पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है लेकिन इसका डर बढ़ता जा रहा है। हटा के लुहारी में...

Mar 27, 2020, 06:56 AM IST
Damoh News - mp news due to rumor pm of the young man39s body was made pm there was concern over the discussion of another youth39s body coming from delhi

जिले में कोरोना वायरस का फिलहाल कोई भी पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है लेकिन इसका डर बढ़ता जा रहा है। हटा के लुहारी में एक युवक की मौत हो जाने पर कोरोना से मौत की अफवाह फैल गई। इसके चलते युवक के शव का पोस्टमार्टम करवाना पड़ा। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि मृतक की मां ने जो बीमारी के लक्षण बताए हैं उसके हिसाब से इस मौत को कोरोना से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। उधर मड़ियादो के एक युवक की दिल्ली में किसी बीमारी से मौत हो गई है। ऐसी चर्चा है उसका शव दिल्ली से दमोह लाया जा रहा है। इस चर्चा से दमोह से लेकर हटा और मड़ियादो तक में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन इस बारे में कुछ भी बताने से बच रहा है।

मृतक भागचंद में कोरोना के लक्षण नहीं मिले : हटा के लुहारी में गुरुवार को सुबह 9.30 बजे भागचंद पिता खेमचंद साहू 29 वर्ष ग्राम लुहारी तहसील पटेरा को मृत अवस्था में परिजनों द्वारा लाया गया। इस बीच आशंका जताई गई कि उसकी मृत्यु कोरोना वायरस से हुई है। डाॅक्टर द्वारा दोपहर 2 बजे के बाद शव का परीक्षण किया गया, जिसमें कोरोना से संबंधित कोई भी लक्षण नहीं पाए गए, चिकित्सक द्वारा विसरा सुरक्षित करने के पश्चात लाने वाले आरक्षक को शव की सुपदर्गी कर दी गई है। सीबीएमओ पीडी करगैया ने बताया कि युवक की मां से बात हुई है। उन्होंने जो लक्षण बताए हैं, उस हिसाब से कोरोना से जोड़कर नहीं देखा जा सकता है। अफवाह के चलते पीएम कराया गया।

डाॅक्टरों को चिंता, हटा में पोस्टमार्टम न करना पड़े: दिल्ली में मड़ियादो के एक युवक की संदिग्ध बीमारी के चलते मौत हो गई है। उसका शव दिल्ली से दमोह के लिए लाया जा रहा है। वहां से शव रवाना कर दिया है और सुबह दमोह पहुंचेगा। इधर युवक का शव आने से हटा में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। डाॅक्टरों काे डर है कि कहीं उसका पोस्टमार्टम यहां पर न करना पड़े। डाॅक्टर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। उधर दिल्ली से शव रवाना कर दिया गया है। मड़ियादो पुलिस और पीएचसी मड़ियादो में पदस्थ डॉॅ. केसी आर्या को इसकी सूचना मिली गई है। इस संबंध में एसडीएम राकेश मरकाम का कहना है कि उन्हें दिल्ली से शव आने की कोई सूचना नहीं मिली है और न ही कोई जानकारी दी गई है। इसी तरह कलेक्टर तरुण राठी का कहना है कि मुझे अभी तक इसके बारे में कोई सूचना नहीं है।

दिल्ली में फंसे दमोह के 60 मजदूर, वीडियो वायरल करके सुनाई व्यथा


दमोह। मजदूरी करने के लिए दमोह से दिल्ली गए 60 मजदूर कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लॉकडाउन होने से फंस कर रह गए हैं। इन मजदूरों के लिए रहने से लेकर खाने तक के लाले पड़ गए हैं। दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में फंसे इन मजदूरों ने वीडियो वायरल करके अपनी व्यथा बताई है। हालांकि अभी तक परिजनों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। वीडियो में लखन अहिरवार नामक व्यक्ति ने बताया कि वे तीन दिन से फंसे हैं। उनके साथ बच्चे और महिलाएं हैं, लेकिन घर जाने के लिए कोई मदद नहीं मिल रही है। यहां पर बार-बार पुलिस उन्हें जाने के लिए कह रही है, लेकिन कोई रास्ता नहीं मिल रहा है, न ही कोई खाने का इंतजाम है और न ही रूकने का। वीडियो में लखन अहिरवार के साथ ग्रामीण भी दिल्ली की केजरीवाल सरकार और मध्यप्रदेश की सरकार से मदद करने की गुहार लगा रहे हैं। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि मजदूर दमोह में किस स्थान के रहने वाले हैं और न ही उनसे संपर्क हो पा रहा है।

कोरोना की रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर तैयारी

जिले में कोरोना वायरस को रोकने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं, अब तक दमोह में कोरोना संक्रमण का एक भी केस नहीं मिला है, हालांकि जिले में धारा 144 एवं देश स्तरीय लॉकडाउन जारी है और ऐसा करने के पीछे डाॅक्टरों का तर्क करोना वायरस के संक्रमण की चेन को रोकना बताया जा रहा है। इधर प्रशासन ने जिला अस्पताल में 10 पलंग का आइसोलेशन वार्ड तैयार करके रखा है, इसमें अभी तक एक भी संक्रमित मरीज भर्ती नहीं किया गया है। जबलपुर में कोरोना वायरस के 6 केस पॉजीटिव केस मिलने के बाद जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं और सभी टोल बैरियर, नाकों पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस का महकमा आने-जाने वाले सभी यात्रियों की जांच कर रहा है।

दरअसल जिले में चैकिंग के दौरान जांच में स्वास्थ्य खराब मिलने या फिर संक्रमण की आशंका के चलते मरीजों को नजदीकी सीएचसी और पीएचसी भेजा जा रहा है। इसके बाद भी स्थिति कंट्रोल में न होने पर दमोह जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। जिलास्तर पर बनाई गई टीम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रहलाद पटेल ने बताया कि जिले में अभी तक कोरोना को लेकर कोई भी सेंपल नहीं लिया गया है। हमारी पूरी तैयारियां हैं।

शासन का अनोखा आदेश: घरेलू सामग्री खरीदने के लिए तीन घंटे की मोहलत, मगर शराब दुकानें पांच घंटे तक खुलेंगी, पुलिस परेशान

दमोह | जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन की ओर से जारी किया गए संपूर्ण लॉकडाउन के बीच जिला प्रशासन की ओर से जारी किया गया एक आदेश पुलिस को मुसीबत बन गया है। शासन ने आदेश जारी किया है कि जिले सहित शहर भर में शराब की दुकानें तीन की जगह पांच घंटे खुलेंगी। जबकि सामान्य लोगों को हर दिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक समय राशन, दवा और सब्जी सामग्री के लिए दिया है, जैसे ही तीन घंटे पूरे होते हैं और पुलिस लोगों को घर जाने के लिए सख्ती दिखाती है, तो लोग शराब लेने के लिए दुकान जाने का बहाना बना देते हैं, ऐसे में पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाती है। गुरुवार को कुछ इसी तरह के नजारे देखने को मिले।

दरअसल घरों में बंद रहने वाले लोगों को खरीदी करने का समय तीन घंटे का दिया गया है, लेकिन अधिकारियों ने शराब दुकानों के लिए 5 घंटे का समय दिया है। हैरानी की बात यह है कि शराब दुकानें खोलने का समय बढ़ाने के पीछे अधिकारियों का तर्क है कि दुकानें एकांत में संचालित हैं और उनमें शराब का स्टाक है, ऐसे में चाेरी होने का खतरा बना रहता है। दुकानें खुली रहेंगी तो निगरानी होगी और सप्लाई भी चालू रहेगी। अधिकारी भी संक्रमण फैलने की संभावना पर बता रहे हैं कि भीड़ एकत्रित न हो, इसलिए अहाता बंद रखे गए हैं। लोग शराब लेकर जा सकते हैं।

दरअसल कलेक्टर ने दो दिन पहले लॉकडाउन घोषित होने पर तीन घंटे के लिए दवा, राशन और सब्जी खरीदी का समय दिया था। बाजार से लोग दोपहर 12 से 3 बजे तक खरीदी करने के बाद वापस अपने घर वापस लौटेंगे, गुरुवार को आदेश फिर से जारी किया गया, जिसमें शराब दुकानों का समय पांच घंटे बढ़ाने का उल्लेख किया गया। आदेश के बाद जिले की देशी और अंग्रेजी शराब दुकानें दोपहर 12 बजे से 5 बजे तक खुली रहेंगी।

आदेश के पहले दिन ही शाम पांच जब तक लोग शराब की खरीदी में लगे रहे। खास बात यह है कि इस बीच शराब दुकान के संचालकों ने मनमाने दाम भी वसूले।

यहां पर बता दें कि जिले में देशी शराब की दुकानें 41 संचालित हैं, जबकि अंग्रेजी शराब
दुकानों की संख्या 17 है। अब यह दुकानें तीन की जगह पांच घंटे खुली रहेगीं।

वाहन न मिलने पर 65 किमी पैदल चलकर अभाना पहुंचे मजदूर, पैरों में पड़े छाले, पुलिस वाहन से गांव भेजा गया

तीन गुल्ली पर चैकिंग पर लगे एक आरक्षक ने बताया कि तीन घंटे की मोहलत लोगों को दी गई है, इसके बाद जो भी घूमते मिलता है, उसे घर जाने के लिए कहते हैं, लेकिन अब लोग इस बात को लेकर बहाना बनाते हैं कि वे शराब की दुकान जा रहे हैं, इसलिए उन्हें छोड़ना पड़ता है। क्योंकि आदेश जारी हो गया है कि शराब दुकानें पांच बजे तक खुली रहेंगी। इसका बहाना लेकर लोग 5 बजे तक सड़कों पर घूमते रहेंगे और उन्हें घर जाने की सख्ती भी नहीं दिखा पाएंगे। इस संबंध में अतिरिक्त आबकारी अधिकारी अवधकिशोर चौबे का कहना है कि शासन से जारी की गई गाइड लाइन के हिसाब से यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अंचलों में कई शराब दुकानें एकांत में हैं, जहां पर चोरी होने का डर रहता है। कुछ विभागीय काम भी नहीं हो पा रहे थे, इसलिए टाइमिंग बढ़वाई गई है। 5 घंटे तक शराब दुकानें खुली रहेंगी, जबकि अहाता बंद रहेंगे।

Ãशराब दुकानों के संबंध में जिला प्रशासन की ओर से आदेश जारी किया गया है। इस मामले में मैं कलेक्टर से बात करता हूं। हो सकता है कोई बीच का रास्ता निकल आए। - हेमंत चौहान, एसपी दमोह

हम क्या करें, सख्ती दिखाते हैं तो लोग बहाना बनाते हैं


बनवार | फसल कटाई के लिए मजदूरों को लॉकडाउन के चलते सागर जिले के रोन कुमरई गए मजदूरों को जब वाहन नहीं मिले तो वह पैदल ही चल पड़े, बच्चों के साथ घर जाने के बाद अभाना तक पहुंच गए। इस बीच लगातार 65 किमी पैदल चलने के कारण महिलाओं के पैरों में छाले पड़ गए। नोहटा पुलिस को बाहरी व्यक्तियों के आने की सूचना मिलने पर पलायन से घर लौटे मजदूरों को रोककर जानकारी ली तो वह हतप्रद रह गए। जिनके लिए पुलिस द्वारा वाहन से भेजने की व्यवस्था की गई।

जानकारी के अनुसार 26 मार्च दिन गुरुवार को रोन कुमरई गांव से कटाई करने गए मझौली निवासी दर्जनों महिला, पुरुष लॉकडाउन के चलते फंस गए थे। वाहन बंद होने से मजबूरी में रोन कुमरई से पैदल चलते-चलते 65 किमी दूरी तय कर यह मजदूर अभाना तक पहुंच गए थे। लेकिन महिलाएं बच्चे व शरीर पर वजनदार बोझ लेकर पैदल चलते चलते पैरों में गंभीर छाले पड़ गए। वहीं अन्य लोगों के पैरों में भी सूजन आ गई थी। इसके बावजूद घर पहुंचने के लिए सभी लोग गिरते-उठते अपने गांव मझौली जा रहे थे। बाहरी लोगों के आने की सूचना मिलते ही नोहटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी एवं बनवार चौकी प्रभारी संजय सिंह ने जानकारी ली तो लॉकडाउन से परेशान मजदूरों की बेहाल स्तिथि देख नहीं पाए और तत्काल जबेरा तहसीलदार अरविंद यादव से अनुमति लेकर वाहन व्यवस्था करके मजदूरों को उनके गृह गांव मझौली भेजा। जैसे ही यह खबर आसपास फैली वैसे ही मौके पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोग नोहटा थाना प्रभारी एवं नोहटा पुलिस द्वारा किए गए कार्य की तारीफ करते नजर आए। मजदूरों ने कहा कि पहली बार हम लोगों ने पुलिस की मानवता देखी है। इस मौके पर एएसआई एसएस दुबे, प्रधान आरक्षक रविशंकर डिम्हा, आरक्षक देवेंद्र, सत्येंद्र दुबे सहित अन्य लोग मौजूद रहे ।

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