बिजली बिल का नहीं हो पा रहा ऑनलाइन पेमेंट
वजह- नए सॉफ्टवेयर के एक्टिवेट नहीं होने से बढ़ी परेशानी
काेलार, मिसराेद, नीलबड़ अाैर रातीबड़ के करीब 60 हजार बिजली उपभाेक्ता अभी गूगल पे अाैर फाेन पे के जरिए बिजली बिलाें का अाॅनलाइन पेमेंट नहीं कर सकेंगे। वजह- नेशनल पेमेंट कार्पाेरेशन(एनपीसीअाई) से बिजली कंपनी का बिलिंग संबंधी नया साॅफ्टवेयर लिंक ताे हाे गया है, लेेकिन एक्टिवेट नहीं हुअा है। इसके एक्टिवेट हाेने के बाद ही इन इलाकाें के कंज्यूमर्स इन दाेनाें माध्यमाें से अाॅनलाइन भुगतान कर पाएंगे। हालांकि अफसरों के मुताबिक इसमें एक माह का समय लगेगा।
गाैरतलब है कि मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी के अाईटी से जुड़े विशेषज्ञाें ने बिलिंग संबंधी नया साॅफ्टवेयर नेक्स्ट बिलिंग जनरेशन( एनजीबी) डेवलप किया है। माैजूदा साफ्टवेयर कस्टमर केयर एंड बिलिंग(सीसीएंडबी) से यह ज्यादा एडवांस है। कंपनी के अधिकारी इस साॅफ्टवेयर से हर इलाके काे जाेड़ रहे हैं। भाेपाल शहर समेत कंपनी के दायरे में अाने वाले कुछ इलाकाें में यह एक्टिवेट भी हाे गया है। इसीलिए इन क्षेत्राें में उपभाेक्ता गूगल पे अाैर फाेन पे से बिलाें का अाॅनलाइन पेमेंट भी कर रहे हैं। भाेपाल के शहरी क्षेत्र के उपभाेक्ता इन दाेनाें यूपीअाई से बिजली बिलाें का अाॅनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसकी वजह वही है कि यह एनपीसीए से जुड़ने के बाद एक्टिवेट हाे गया है।
एप से नहीं पोर्टल पर जाकर कर सकते हैं पेमेंट
बिजली कंपनी की अाईटी सेल के जीएम अभिषेक मार्तंड कहते हैं ये उपभाेक्ता बिजली कंपनी के पाेर्टल portal.mpcz.in पर जाकर या सिर्फ कंपनी के माेबाइल एप
उपाय पर जाकर अाॅनलाइन पेमेंट कर सकते हैं।
19 साल में बिलिंग का तीसरा साॅफ्टवेयर
बिजली कंपनी पिछले 19 साल में बिलिंग से जुड़े तीन साॅफ्टवेयर लाॅन्च किए जा चुके हैं। 2001 रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (अारएमएस), 2014- 2015 में इसे अपग्रेड कर कस्टमर केयर एंड बिलिंग(सीसीएंडबी) साॅफ्टवेयर से काम शुरू किया गया। अब कंपनी ने अपने ही इंजीनियर्स अाैर एक्सपर्ट से नया साफ्टवेयर एनजीबी तैयार कराया।
1912 पर दर्ज कर सकते हैं शिकायत
कंपनी के काॅल सेंटर पर अाॅनलाइन पेमेंट से जुड़ी हर जाेन से 5- 6 शिकायतें पहुंच रही हैं। कंपनी के अधिकारियाें का कहना है कि ये उपभाेक्ता काॅल सेंटर के नंबर 1912 के अलावा जाेन दफ्तराें में इस भी इस बारे में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
कोलार समेत 4 क्षेत्रों के उपभोक्ताओं की परेशानी
यह समस्या भी... बिल जमा करने के बाद भी पेंडिंग
शहर के कई इलाकाें के उपभाेक्ताअाें द्वारा अाॅनलाइन पेमेंट करने के बाद भी बिल पेंडिंग बताने के पीछे भी यही खास वजह है। जब तक शहर के अन्य क्षेत्राें में भी यह एक्टिवेट नहीं हाेगा, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।
5- 6 शिकायतें रोज पहुंच रही**