- Hindi News
- National
- Bhopal News Mp News Electricity Connection Cut 10 Days Before Employment Office Registration Updation Closed
रोजगार कार्यालय का 10 दिन पहले बिजली कनेक्शन काटा, रजिस्ट्रेशन अपडेशन बंद
जिस कंपनी से सरकार ने अनुबंध किया था, उसकी ही लापरवाही से कटा कनेक्शन
जिला रोजगार दफ्तर के अफसरों और यहां पर प्लेसमेंट काम देख रही निजी एजेंसी यशस्वी एकेडमी फॉर टेलेंट मैनेजमेंट के अफसरों के बीच विवाद हो गया। इसकी वजह रोजगार दफ्तर का 10 दिन पहले बिजली कनेक्शन काटा जाना है। पिछले एक महीने से बिजली बिल की बकाया राशि एक लाख रुपए निजी एजेंसी यशस्वी एकेडमी फॉर टेलेंट मैनेजमेंट को जमा करना थी, लेकिन कंपनी के अफसरों ने यह राशि जमा नहीं की। बकाया बिजली बिल जमा नहीं होने पर रोजगार दफ्तर का कनेक्शन बिजली विभाग के कर्मचारियों ने काट दिया है। अब यहां पर रोजगार पंजीयन में अपडेशन कराने आने वाले छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर जिला रोजगार दफ्तर के अफसरों ने निजी एजेंसी को पत्र लिखकर बिजली बिल जमा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक कंपनी ने बिजली बिल की राशि जमा नहीं की है।
पीपी मोड पर 15 दफ्तरों को निजी एजेंसी के हवाले किया
मई 2017 में सरकार ने रोजगार दिलाने के लिए भोपाल समेत प्रदेश के 15 रोजगार दफ्तरों को पीपीपी मोड पर निजी एजेंसी के हवाले कर दिया था, तब दावा किया था कि यह एजेंसी रोजगार दफ्तरों को अपग्रेड करेगी और बेरोजगारों को रोजगार दिलाएगी। भोपाल में 1 लाख 46 हजार बेरोजगार अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। फिर भी रोजगार नहीं मिल रहा है।
अनुबंध-10 साल में 12 लाख
को नौकरी से जोड़ने का लक्ष्य
{पहले साल कंपनी 75 हजार बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराएगी, तीन महीने तक जिस व्यक्ति को रोजगार दिलाया है। {दूसरे 75 हजार बेरोजगारों को नौकरी दिलाना थी {तीसरे साल यह संख्या 1 लाख {चौथे साल यह संख्या 1 लाख 10,500 {5वंे साल 1 लाख 20 हजार {6वें साल 1 लाख 30 हजार {7वें साल 1 लाख 40 हजार {8वें साल 50 हजार { 9वंे साल 1 लाख 50 हजार {दसवें साल 1 लाख 70 हजार को रोजगार दिलाना था।
इन 15 जिलों के बेरोजगारों को देना था रोजगार
कंपनी को जिन 15 जिलाें के बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर, सागर, उज्जैन, होशंगाबाद, शहडोल, धार, खरगौन, देवास, सिंगरौली, सतना एवं कटनी जिले शामिल हैं। इन जिलों का चयन इसलिए भी किया गया, क्योंकि यहां औद्योगिक गतिविधियां अन्य जिलों की अपेक्षा ज्यादा हैं।
कंपनी को बिजली जमा करने के बारे में लिखा पत्र
केएस मालवीय, जिला रोजगार अधिकारी
आॅफिस का काम ठप...
यह शर्त थी कि निजी कंपनी बिजली बिल भी जमा करेगी, लेकिन दो साल में न तो कंपनी ने कितनों को रोजगार दिया। इसकी जानकारी अफसरों को भी नहीं दी है।