जबड़ों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं फास्टफूड

News - नहीं होती जबड़ों की कसरत डॉ. हाशमी का कहना है कि ऐसे केसों में जबड़ा छोटा रह जाता है। कुछ मामलों में आनुवांशिक, तो...

Feb 15, 2020, 09:10 AM IST
नहीं होती जबड़ों की कसरत

डॉ. हाशमी का कहना है कि ऐसे केसों में जबड़ा छोटा रह जाता है। कुछ मामलों में आनुवांशिक, तो बाकी में खानपान ही इसकी वजह है। पिच्जा, पेटीज, पेस्ट्री, चाऊमीन ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जिन्हें चबाने के लिए जबड़े को ज्यादा कसरत नहीं करनी पड़ती। इससे विकास नहीं हो पाता। पहले चना, मटर, गन्ना, भुट्टा आदि ठोस पदार्थ खाने से जबड़े मजबूत होते थे।

फा स्ट फूड का चलन तेजी से बढ़ा है। लेकिन अब ये हमारा दुश्मन बनता जा रहा है। फास्ट फूड खाने पर तरह-तरह की समस्याएं सामने आ रहीं हैं। फास्ट फूड मोटापा बढ़ाने के साथ जबड़ा और अकल की दाढ़ का दुश्मन भी बन गया है। इस तरह के चीजों का सेवन करने से जबड़ा और अक्ल दाढ़ का ठीक से विकास नहीं हो रहा। अक्ल दाढ़ तो टेढ़ी-मेढ़ी भी इसी कारण हो रही है। इससे सबसे ज्यादा युवा वर्ग प्रभावित हो रहा है। यह तथ्य हाल ही में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के डेंटल कॉलेज में हुए शोध में सामने आई है।

दांतों और नसों में होने लगता है खिंचाव

यह शोध डेंटल कॉलेज के ओरल एंड मैग्जीलोफेशियल सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर गुलाम सरवर हाशमी ने किया है। इस तरीके के शोध पहले कम ही हुए हैं। दांत की पीड़ा वाले कुल 5030 मरीजों को शोध में शामिल किया। इसमें 134 मरीज अक्ल दाढ़ की समस्या से पीडि़त मिले, यह बड़ी संख्या मानी जा सकती है। डेंटल कॉलेज में 12 अप्रैल 2018 से 29 जनवरी 2020 तक आने वाले मरीजों को शोध में शामिल किया। पाया गया कि 134 मरीजों में अक्ल दाढ़ टेढ़ी-मेढ़ी निकलने के साथ जबड़े में फंसी हुई थीं। यह स्थिति जबड़ा, पड़ोस के दांत व नसों में खिंचाव पैदा करती है। दोनों ओर की अक्ल दाढ़ के सही जगह न होने से खान-पान के समय गाल कट जाता है, जिससे संक्रमण का भी खतरा रहता है।

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