• Hindi News
  • Mp
  • Khargon
  • Khargon News mp news for the first time in 400 years mataji will be brought home without any ceremony

400 साल में पहली बार बिना चल समारोह के ही माताजी को लाएंगे घर

Khargon News - निमाड़ में गणगौर पूजन की लगभग 400 साल पुरानी परंपरा पहली बार बड़े बदलाव होगा। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण...

Mar 27, 2020, 07:50 AM IST

निमाड़ में गणगौर पूजन की लगभग 400 साल पुरानी परंपरा पहली बार बड़े बदलाव होगा। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण कलेक्टर के जारी सामूहिक समारोह पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस कारण शुक्रवार को पाटस्थापना में बिना चल समारोह के घर माताजी आएंगी। दो लोग बाड़ी में पूजा कर जवारे लाएंगे। वैसे ही दूसरे दिन शनिवार को माताजी के जवारों का विसर्जन भी हो जाएगा।

शहर में जंबू ब्राम्हण समाज, बीसा नीमा समाज के अलावा अन्य पुजारियों के नेतृत्व में माताजी के रथ का शृंगार कर घर ले जाने के सामूहिक कार्यक्रम नहीं होंगे। उसकी जगह बाड़ी में ही जवारों की पूजा होगी। इसके अलावा बौड़ाने, तमोल-मेहंदी व भंडारे के कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं। परिवार घर पर ही बिना भीड़ किए पूजन करेंगे। बाड़ी के सेवादार बताते हैं 100 साल में भी ऐसा देखने को नहीं मिला। जबकि गणगौर 400 साल से ज्यादा पुरानी परंपरा है।

बीसा नीमा समाज : तमोल वितरण व भंडारा निरस्त

श्री बीसा नीमा समाज ने गणगौर के सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। समाज के नवनीतलाल भंडारी बताते हैं गणेश मंदिर परिसर में बाड़ी बुआई नहीं की। राधाकुंज मांगलिक परिसर में तमोल बांटने के कार्यक्रम भी निरस्त कर दिया। भंडारा भी नहीं होगा।

सेगांव में समाजजन कराएंगे पाटस्थापना व विसर्जन

सेगांव के पुजारी संतोष शर्मा ने बताया चार पीढ़ियों से सेवा कर रहे हैं। बाड़ी खुलने पर केवल सेवादार ही पूजन करेंगे । 200 साल में पहली बार माता की बाड़ी खुलने पर सार्वजनिक पूजन नहीं हो पाएगा। वरिष्ठजन रथ सजाने वाले समाजजनों के घर जाकर माता की टोकनियां पहुंचाएंगे। परिवार के लोग पूजन करेंगे। मन्नत वाले परिवारों के घर माता नहीं जाएगी। विसर्जन चल समारोह भी नहीं निकलेगा। घरों से माता को संग्रहित कर विसर्जन होगा।

जंबू ब्राम्हण समाज : एक रथ लाएगा, घर पर विसर्जन

जंबू ब्राम्हण समाज 9 रथों पर गणगौर की पाट स्थापना करने वाला था। अब एक ही रथ में समाजजन माताजी को घर लाएंगे। बाकी जवारों की बाड़ी में ही पूजा होगी। बाकीमाता स्थित धर्मशाला व श्री सीता मंगल भवन में होने वाले विसर्जन कार्यक्रम को रद्द कर दिया है। अब घर पर ही विसर्जन होगा।

काई करा जसी मातेसरी की इच्छा...

बाड़ी की सेवादार संध्या नाईक ने बताया पयली बार गणागोर पऽ घमाघमी नी लगी रइज। इना साल बाळक नखा कपड़ा खरीदिया नऽ बाई नखी माला मऽ सोना को मोती नखाड्यो। दीवाळई जसी अखाड़ी तो नइ हांई। पण गय-गय भी नी लगी रयोज। बाड़ी बोई पण नाची-गाई नऽ मेहंदी-तमोल न बांट्यो। सरकार बतइ रइज कोरोना वायरेस लोग नखा सरी मऽ अइ रयोज। घमाघमी मऽ जतरा एकट्‌ठी होएग तो वायरेस फेलण को डर छे। महाराजजी कइ रयाज कि बस दुइ लोग वाड़ी मऽ जाइ नऽ पूजा करगऽ । नऽ मातेसरी घर लावगऽ। दुइ दिन को तिवार छे। तमोल-मेहंदी भी ज्यादा नी बुलई। मानवई भी नी हई। शुक्रवार पाट बठग नऽ शनिवार मातेसरी घर जायग। बौड़ई नी पावांगा। साल का नवा जोड़ा एकसाथ माथा पऽ रथ नी उठई पावग। माते माय अच्छी राखग तो अगला साल धूमधाम सी लावांगा। काई करा जसी मातेसरी की इच्छा।

गणगौर पर्व : आज पाटस्थापना में दो लोग बाड़ी से पूजा कर लाएंगे जवारे, विसर्जन कल, जिले में पहली बार परंपरा पर बड़ा असर
**

बाड़ी की सेवादार संध्या नाईक।

महामृत्युंजयधाम में बाड़ी की बजाय साेशल मीडिया में गणगौर दर्शन का सूचना जारी की गई।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना