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इस बार से दो प्री-बोर्ड परीक्षाएं, कॉपियां जांचते समय शिक्षकों को लिखना होगा उत्तर गलत है तो सही क्या है

News - माध्यमिक शिक्षा मंडल, बोर्ड परीक्षाओं से पहले अब दो प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराएगा। पहली परीक्षा जनवरी और दूसरी...

Dec 04, 2019, 08:51 AM IST
माध्यमिक शिक्षा मंडल, बोर्ड परीक्षाओं से पहले अब दो प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराएगा। पहली परीक्षा जनवरी और दूसरी फरवरी में होगी। अभी तक एक प्री-बोर्ड परीक्षा होती थी। इस बार से इनकी कॉपियों को जांचने का पैटर्न भी बदल जाएगा। अब तक शिक्षक केवल अंक देते थे, लेकिन अब उन्हें किसी प्रश्न का उत्तर गलत होने पर टीप लिखना होगी कि उत्तर गलत क्यों है और उसका सही उत्तर क्या है। इससे छात्रों को पता चलेगा कि उन्हें संबंधित प्रश्न का सही उत्तर क्या लिखना था, ताकि वे अपनी गलतियां सुधार सकें।

यह जानकारी लोक शिक्षण संचनालय की आयुक्त जयश्री कियावत ने मंगलवार को संभागीय समीक्षा बैठक के दौरान दी। भोपाल के अफसर स्कूलों में कॉपियां जांचने का काम भी देखेंगे। बोर्ड परीक्षा की तैयारियों सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने के लिए यह बैठक रखी गई थी। इसमें इंदौर संभाग के इंदौर, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन जिले के 600 जिला शिक्षा अधिकारी, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक और हायर सेकंडरी, हाई स्कूल प्राचार्य शामिल थे।

छात्रों को दी नि:शुल्क साइकिलें खराब : प्राचार्य



इस दौरान शासकीय हाई स्कूल बालोदा टाकून के प्राचार्य दीपल हलवे ने शिकायत की कि जो नि:शुल्क साइकिलें छात्रों को प्रदान की गई हैं, उसकी गुणवत्ता काफी खराब है। इस पर उन्होंने संयुक्त संचालक मनीष वर्मा को कहा कि आप सांवेर ब्लॉक की साइकिलों की स्थिति की रिपोर्ट बनाकर मुझे भेजें।



आयुक्त ने दी चेतावनी- अब रिजल्ट सुधारने के लिए छात्रों को अनुपस्थित किया तो खैर नहीं

आयुक्त ने कहा कि स्कूलों में बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट सुधारने के नाम पर बच्चों को अनुपस्थित करके उसे प्राइवेट कर दिया जाता है। पिछले साल 31 प्रतिशत बच्चों को प्राइवेट घोषित किया गया था। यह प्राचार्यों के लिए शर्मनाक है। आपका काम केवल अनुपस्थित करना नहीं था, बल्कि पालकों को बुलाकर समझाइश देना था, अगर छात्र कमजोर थे तो उन्हें घर से बुलाकर पढ़ाई कराना थी। कई जगह देखने में आया है कि प्राथमिक का शिक्षक 9वीं से 12वीं तक व बोर्ड परीक्षा की कक्षाओं में पढ़ा रहा है। अब ऐसा नहीं होगा, ऐसे शिक्षक को तत्काल रिलीव करें और अगर जरूरत है तो अतिथि शिक्षक रख कर बोर्ड परीक्षा के लिए तैयारी कराएं।

बंद प्रयोगशालाएं खोलने और 31 दिसंबर तक कोर्स पूरा कराने के लिए भी कहा

आयुक्त ने कहा कि आठवीं में जो बच्चे पास होते हैं, उसमें से केवल 34 प्रतिशत बच्चे ही दसवीं बोर्ड परीक्षा पास करके ग्यारहवीं में एडमिशन ले पाते हैं। ऐसे में 66 प्रतिशत बच्चे पढ़ाई से बाहर हो जाते हैं। वे बच्चे भ्रम में जीते हैं कि मैं शिक्षित हूं या फिर अशिक्षित। इस डेटा में सुधार आना चाहिए। साथ ही स्कूलों में गणित, विज्ञान और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं बंद पड़ी हैं। उन्हें बुधवार से ही खुलवाकर प्रयोग शुरू करवाएं और 31 दिसंबर तक कोर्स पूरा किया जाए।

उत्कृष्ट विद्यालय कसरावद को दिए जाएंगे एक लाख 80 हजार रुपए

उत्कृष्ट उमावि कसरावद के प्राचार्य ने बताया कि दसवीं के 120 बच्चों के रिजल्ट अच्छे रहे, इसके लिए उन्होंने स्कूल को ही होस्टल का स्वरूप दे दिया। इस पर आयुक्त ने घोषणा की कि उस स्कूल के 120 बच्चों को प्रति बच्चा 1500 रुपए एक महीने का अलॉटमेंट अब भोपाल से किया जाएगा। इसे बच्चों के कल्याण पर खर्च किया जाए। साथ ही वहां पर चार कमरे बनाए जाने के लिए भी राशि स्वीकृत की है।

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