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क्या आपने किसी को पाइप लाइन फाेड़ते देखा है तो बताएं, जवाब ना में मिलने पर दर्ज नहीं होता केस

एक वर्ष पहले
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चारखेड़ा से शहर तक सभी स्थानाें काे चिह्नित कर रहे

नर्मदा जल याेजना की मुख्य पाइप लाइन काे सिंचाई के लिए गर्मी के माैसम में अक्सर कुछ क्षेत्राें में लाेग फाेड़ देते हैं। पिछले सालाें में इस तरह पाइप लाइन काे नुकसान पहुंचाने वाले लाेगाें पर केस दर्ज करने के लिए विश्वा कंपनी करीब 15 बार निगम के साथ ही कलेक्टर अाैर एसपी सहित अलग-अलग थानाें में अावेदन देकर शिकायत कर चुकी है। बावजूद इसके अाज तक एक भी केस दर्ज नहीं हुअा।

हालांकि एक दिन पहले समीक्षा बैठक में कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल ने सख्ती दिखाते हुए पाइप लाइन काे नुकसान पहुंचाने वालाें के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद निगम अमला भी सतर्क हाे गया है। चारखेड़ा से शहर तक एेसे सभी स्थानाें काे चिन्हित किया जा रहा है, जहां नदी-नाले या कुअां के अासपास बार-बार पाइप लाइन काे नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद पाइप लाइन फूटने पर संबंधित क्षेत्र में माेटर से पानी खींचने वाले लाेगाें पर केस दर्ज किए जाएंगे।

जिम्मेदार बोले

स्थान चिन्हित करने के लिए दिए निर्देश

हिमांशु सिंह, अायुक्त

टीम बन गई है, केस दर्ज करेंगे

तन्वी सुंद्रियाल, कलेक्टर

फैक्ट फाइल

50 हजार मकान है 50 वार्ड में

19 दिन में वसूलना है 21 कराेड़ रुपए अाैर साथ में लिखना है 50 हजार मकानाें पर नंबर इसलिए प्रभावित हाेगी वसूली

क्याेंकि... अभी तक सात हजार मकानाें पर ही हुई नंबरिंग, एक साथ दाे काम हाेने से कर्मचारी भी उलझन में फंसे

खंडवा | निगम कर्मचारियाें के लिए 19 दिन चुनाैती भरे रहेंगे। उन्हें इस दाैरान बकाया संपत्ति अाैर जल कर की करीब 21 कराेड़ रुपए की वसूली करनी है। इसके साथ ही कर्मचारियाें काे जनगणना के लिए शहर के करीब 50 हजार मकानाें पर नंबर भी लिखना है। इसमें से अभी तक करीब 7 हजार मकानाें पर ही नंबर लिखे जा सके हैं। दाे काम एक साथ हाेने के कारण बकाया वसूली का प्रभावित हाे रही है। क्याेंकि जनगणना का काम भी समय सीमा में पूरा करना है। इसके लिए गुरुवार तक का समय दिया गया था, लेकिन अब तक दिए गए लक्ष्य के अनुरूप काम नहीं हाे पाया है। साेमवार तक मकानाें पर नंबर लिखे जाने का काम पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही बकाया वसूली भी कर्मचारियाें काे करना है। एक साथ दाे महत्वपूर्ण काम हाेने से कर्मचारी भी उलझन में फंस गए हैं। निगम ने कुछ दिन पहले ही जल कर के बिल जारी किए हैं। इसके बाद करीब 10 लाख रुपए राेज की वसूली हाे रही है। इसमें से करीब छह लाख रुपए लाेग निगम काउंटर पर जमा करवा रहे हैं। शेष राशि निगम के सहायक राजस्व निरीक्षक बकायादाराें से संपर्क कर वसूल रहे हैं।

अब कलेक्टर के निर्देश पर बनी टीम

जनगणना का काम है प्राथमिकता

दिनेश मिश्रा, उपायुक्त, निगम

...और इधर, निगम अफसरों के अगले 19 दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण

नर्मदा जल याेजना की पाइप लाइन फूटने के बाद अाेवर हेड टैंक समय पर नहीं भर पाते हैं। संभवत: इसी करण झीलाेउद्यान अाेवर हेड टैंक में लगा इंडीकेटर ही हटा दिया है।

नहीं मिलता है जवाब, इसलिए अब तक नहीं हुए केस

पुलिस थानाें में पाइप लाइन फाेड़ने के बाद विश्वा कंपनी अाैर निगम ने अज्ञात लाेगाें के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए अावेदन दिए थे। ये अावेदन काेतवाली, हरसूद थाना अाैर अाशापुर पुलिस चाैकी के साथ ही वरिष्ठ अफसराें काे दिए गए थे। अावेदन देने के बाद जांच अधिकारी द्वारा हर बार शिकायत करने वाले अधिकारियाें से यह पूछा गया कि क्या अापने किसी काे पाइप लाइन फाेड़ते देखा है, या किसी अाैर व्यक्ति ने देखा हाे ताे बताएं। अफसराें का जवाब नहीं मिलने के बाद फाइल बंद कर दी जाती रही है।

21 कराेड़ वसूलना है लेकिन मकानाें पर भी लिखना है नंबर


10 लाख रु. राेज की हाे पा रही है बकाया वसूली


7 हजार मकानाें पर ही अब तक लिखे गए नंबर

100 कर्मचारी मकानाें पर लिख रहे हैं नंबर
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