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इधर... फूलों और सूखे रंगों से होली खेल दिया पानी बचाने का संदेश
{बंगाली चौराहा, जवाहर मार्ग, मल्हारगंज, रिवर साइड रोड, पत्रकार कॉलोनी सहित कई जगह कंडों और गोकाष्ठ की होली जलाकर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
अतीत
के रंग...
होलकर काल में होलिका दहन के दूसरे राजबाड़ा में होली खेली जाती थी। इसके लिए सौ मन टेसू के फूलों को सिल बट्टे पर पीसकर केसरिया रंग बनाया जाता था। इसी रंग से होली खेली जाती थी। इसके अलावा धुलेंडी के दिन राजाबाड़ा के मुख्य द्वार पर भूरे कोले को काटकर उस पर गुलाल लगाकर गेट के दोनों तरफ रखा जाता था। इसके बाद राजबाड़ा के बगीचे से लेकर खजूरी बाजार चौराहे तक आट्या-पाट्या का खेल खेला जाता था।
होलिका दहन के बाद शहर को सुंदर बनाने की ली शपथ
टेसू के फूलों से केसरिया रंग बनाते थे, इसी से खेली जाती थी होली
मल्हारगंज से निकला रंगारंग बाना : झांकी में ट्रंप और मोदी ने बरसाए रंग
संस्था मातृभूमि द्वारा शाम को मल्हारगंज गली नंबर तीन ससे राधाकृष्ण की रंगारंग बाना फागयात्रा निकाली गई। इसमें ब्रज की लट्ठमार होली का आयोजन किया गया। वहीं झांकी में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिकृति के रूप में गुलाल उड़ाते नजर आए। श्रीकृष्ण व राधा मयूर रथ पर फूलों की होली खेलते नजर आए। सुगंधित टेसू के रंग से 70 फीट ऊंची मिसाइल युवक रंग उड़ा रहे थे।
{लोगों ने सूखे रंगों से होली खेली
इंदौर| श्री राधा कृष्ण सत्संग मंडल ने सोमवार को छावनी स्थित मुरली मनोहर मंदिर से फाग यात्रा निकाली। इसमें भक्तों ने फूलों और सूखे रंगों से होली खेल पानी बचाने का संदेश भी दिया। इसमें राधा-कृष्ण की वेशभूषा में कलाकारों ने नृत्यों की प्रस्तुति दी। वहीं नासिक के गुलाबवाड़ी व्यायामशाला और नासिक के ढोल ग्रुप के कलाकारों की प्रस्तुति दी। मंडल से जुड़े डिंपल सैनी, मनीष खजांची ने बताया फागयात्रा की शुरुआत भक्तों ने आरती व गुलाल लगाकर की। मंदिर परिसर में मातृशक्तियों एवं युवतियों ने राधा-कृष्ण के भजनों पर नृत्य की प्रस्तुति दी। यात्रा में बच्चे घोड़े पर सवार थे। यात्रा में मुरली मनोहर फूलों से सुसज्जित चलित रथ में विराजमान थे। राधा-कृष्ण का फूलों का शृंगार, फूलों की होली आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा में मुख्य रूप से गिरीश अग्रवाल, ताराचंद अग्रवाल, राजेश प्रजापत सहित व्यापारी एवं बड़ी संख्या में मातृ शक्तियां एवं युवा वर्ग शामिल था।
इंदौर| राजबाड़ा पर सोमवार शाम करीब 6.30 बजे विधिवत पूजा कर होलिका दहन किया गया। इस दौरान लोगों ने शहर को साफ और सुंदर बनाने की शपथ भी ली। इसके अलावा बंगाली चौराहा, जवाहर मार्ग, रिवर साइड रोड, मल्हारगंज, छावनी सहित अन्य स्थानों पर होलिका दहन किया गया। बंगाली चौराहे पर कंडों से होलिका सजाई गई थी। इसके ऊपर प्रतिमा भी स्थापित की गई थी।
{ पत्रकार कॉलोनी में रहवासियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए गोकाष्ठ से होलिका दहन किया। उधर, श्री गेंदेश्वर द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर (शिवधाम) परदेशीपुरा में पंडितों के मंत्रोच्चार के साथ कंडों से होलिका दहन किया गया।
{अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति ने अग्रसेन चौराहे पर कंडों से सुसज्जित होलिका का दहन किया। संपत फार्म रेसीडेंशियल सोसायटी द्वारा होली का आयोजन किया। गोयल विहार उत्सव समिति ने होलिका दहन के बाद सूखे रंगों और फूलों से होली खेली।
एक-दूसरे पर फेंकते थे गुलाल के गोटे
होलकर महाराज नगर के सेठ-साहूकारों और शहर के प्रतिष्ठित लोगों के साथ बैठते थे। सोने की तश्तरी में गुलाल रखा जाता। छोटे-छोटे गुलाल के गोटे तैयार किए जाते थे, जो एक-दूसरे की पोषाक पर फेंके जाते थे। राज परिवार की महिलाएं एक-दूसरे को हल्दी-कुमकुम लगाकर मोगरे के गजरों का आदान-प्रदान करती थीं। शाम को वीर निकालने की परंपरा थी। युद्ध में वीर गति को प्राप्त हुए लोगों को आदरांजलि अर्पित करने के लिए राजपरिवार एवं सैनिकों के परिवार का कोई सदस्य धोती और पगड़ी पहनकर एक हाथ में तलवार और दूसरे में दिवंगत व्यक्ति का टांक खोपरे की कटोरी में रखकर निकलता था।