गड्‌ढे नहीं भर पाए तो काॅरिडोर ही बंद कर दिया

News - संत हिरदाराम नगर

Oct 12, 2019, 09:06 AM IST
संत हिरदाराम नगर
सीहोर नाके से मिसरोद तक बने 24 किमी लंबे Rs.329 करोड़ के बीआरटीएस कॉरिडोर यात्रियों से ज्यादा अफसरों की सहूलियत बना हुआ है। कॉरिडोर के मेंटनेंस पर बीते साल Rs.9 करोड़ खर्च हुए हैं। इसके बावजूद पूरे कॉरिडोर में जगह-जगह गड्‌ढे हो गए हैं। अफसर ने हलालपुर रोड तो अपनी नाकामी छिपाने के लिए गड्‌ढों के सामने कंक्रीट के बड़े-बड़े बोल्डर रखकर पूरा कॉरिडोर ही बंद कर दिया है। इसके चलते अब लो फ्लोर बसें मिक्सलेन से होकर गुजर रही है। जिनके कारण सुबह से रात तक ट्रैफिक जाम के हालात बन रहे हैं। गौरतलब है कि बीते साल अप्रैल माह में बीआरटीएस कॉरिडोर में डामरीकरण कार्य के लिए भूमिपूजन किया गया था। इधर निगम के जिम्मेदार अफसरों का तर्क है कि अब तक बारिश के चलते सड़क पर डामरीकरण नहीं किया जा सका है। बारिश बाद काम शुरू हो सकेगा।

हलालपुर रोड

इसी कॉरिडोर के मेंटेनेंस पर खर्च हुए हैं Rs.9 करोड़, क्या अफसर इसका हिसाब देंगे?

मिक्सलेन में भी हो रहे गड्‌ढे

बीआरटीएस के मिक्सलेन में भी जगह-जगह गड्‌ढे हो रहे हैं, जिनके कारण वाहन चालकों की आवाजाही मुश्किल होती जा रही है। रात के वक्त सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। वाहन चालक लंबे समय से परेशान हैं।

हलालपुर तक लगता है जाम

लो फ्लोर बसों की आवाजाजी भी मिक्सलेन से होने के चलते सुबह से रात तक ट्रैफिक जाम के हालात बन रहे हैं। कई बार तो जाम की स्थिति मिक्सलेन में हलालपुर बस स्टैंड और लालघाटी चौराहे तक बन जाती है।

चार्टर्ड बसों से बढ़ रही समस्या

जिस स्थान पर बीआरटीएस कॉरिडोर को बंद किया गया है, ठीक उसी के सामने ही बीसीएलएल सहित अन्य कंपनियों की चार्टर्ड बसों का स्टॉपेज है। जिनके कारण वाहन चालकों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है।

अफसरों का कहना है कि बीआरटीएस कॉरिडोर में डामरीकरण का कार्य सीहोर नाके से शिवाजी नगर चौराहे तक हो चुका है। लेकिन अकेले हलालपुर बस स्टैंड के पास ही सबसे ज्यादा गड्ढे बने हुए हैं। ऐसे में अब काम की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि डामरीकरण किया जा चुका है तो फिर दोबारा गड्‌ढे कैसे हो गए, क्या ठीक ढंग से काम नहीं किया गया है?

काम की जांच होनी चाहिए


जल्द होगा डामरीकरण


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