खंडवा : खेतों से चोरी हाे रहा प्याज, इसलिए किसान कर रहे चौकीदारी

News - बाजार में प्याज की किल्लत है। दाम दिनाेदिन बढ़ रहे हैं। खेत से प्याज चोरी हो रहा है, इसलिए किसान चाैकीदारी कर रहे...

Dec 04, 2019, 09:01 AM IST
बाजार में प्याज की किल्लत है। दाम दिनाेदिन बढ़ रहे हैं। खेत से प्याज चोरी हो रहा है, इसलिए किसान चाैकीदारी कर रहे हैं। इंदौर रोड पर दोंदवाड़ा के किसान महेंद्र के खेत में रखे प्याज के दो कट्‌टे चोरी होने के बाद अन्य किसान भी सतर्क हो गए हैं। हैदरपुर, मोकलगांव, चमाटी व पंधाना क्षेत्र में प्याज पर किसानों का कड़ा पहरा लगा हुआ है। प्याज के ढेराें की परिवार के सदस्य चार-चार घंटे निगरानी कर रहे हैं। इन दिनों खेत से प्याज निकालने का काम चल रहा है। जो प्याज 15-20 रुपए किलो में बिकना थी, वह अब 90 रुपए किलो में बिक रही है। किसानों का पूरा परिवार प्याज छांटने में लगा हुआ है, क्योंकि फेंकने लायक प्याज भी 30 किलो में बिक रही है। मंगलवार को सब्जी मंडी में प्याज सर्वाधिक दाम 7500 रुपए क्विंटल में बिका, जबकि फुटकर में 90 से 100 रुपए किलाे तक बिका।

प्रदेशभर में प्याज की कीमत 90 रुपए के आसपास

नीमच : फुटकर में 90 रुपए अाैर थाेक में 75 रुपए किलो प्याज बिकी। आसपास के गांवों से सोमवार को कृषि उपज मंडी में 50-50 किलो के 1341 कट्‌टे नीलाम हुए। अतिवृष्टि के कारण जिले में प्याज की फसल 75 फीसदी खराब हो गई। नई व पुरानी प्याज के कारण भाव न्यूनतम में 3500 रुपए व अधिकतम में 9000 रुपए प्रति क्विंटल में नीलाम हुए।

रतलाम : प्याज 70 रुपए किलाे थोक अाैर 90 रुपए फुटकर में मिल रही है। लोगों को महंगे भाव से राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन मंडी में ही थोक दाम पर लोगों को प्याज बिकवा रहा है। व्यापारी जिस भाव में किसानों से प्याज खरीद रहे है, उसी भाव में प्याज बेच रहे हैं। मंगलवार से इसकी शुरुआत हुई और 70 रुपए किलो में लोगों को प्याज बेची।

जबलपुर : नया प्याज 90 रुपए अाैर पुराना प्याज 110 से 120 रुपए तक बिक रहा है। यहां नासिक, खंडवा से प्याज अा रही है। प्रशासन ने 15 िदन पहले दो िदन के लिए थोक व्यापारियों से दो स्टॉल लगवाए थे, जहां महज दो रुपए मुनाफे पर प्याज बेची गई थी।

ग्वालियर : थोक में 70 रुपए और फुटकर में 80 से 85 रुपए किलाे प्याज मिल रही है। यहां कर्नाटक, महाराष्ट्र से प्याज अा रही है। ग्वालियर लोकल की है।

इस बार महाराष्ट्र से प्याज न आने से हुआ संकट

मप्र हर साल खरीफ के सीजन यानी नवंबर-दिसंबर के महीने में 7 से 8 लाख टन प्याज महाराष्ट्र से मंगवाता है। रबी के सीजन मार्च और अप्रैल के महीने में देश में सबसे बड़ा प्याज का उत्पादक मध्यप्रदेश रहता है। यानी 30 लाख मीट्रिक टन प्याज मध्यप्रदेश में होता है, जो अधिक होने से बाहरी राज्यों को भेजा जाता है। इस साल महाराष्ट्र से प्याज नहीं आ रहा है और ज्यादा पानी गिरने से मध्यप्रदेश में फसल खराब हो गई है। इससे प्याज के भाव 90 से 100 रुपए किलो तक हो गए हैं। अभी प्रदेश की मंडियों में 40 से 50 हजार टन प्याज की आवक हो रही है, जो 15 दिसंबर के बाद बढ़ सकती है। इससे भावों में तेजी से कमी आ सकती है। इधर, सरकार का दावा है कि 50 से 60 रुपए प्रतिकिलो तक प्याज के भाव सीमित रखे जा रहे हैं।

केंद्र नहीं कर रहा है मदद


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