नर्मदानगर पंचायत को 25 साल में भी नहीं मिला राजस्व ग्राम का दर्जा, पार्क भी उजाड़ दिया

News - भास्कर संवाददाता | नर्मदानगर इंदिरा सागर परियोजना की स्थापना के कारण बसीगत बढ़ने पर करीब 25 साल पहले नर्मदानगर...

Bhaskar News Network

Dec 04, 2019, 09:47 AM IST
Narmda Nagar News - mp news narmadanagar panchayat did not get revenue village status even in 25 years the park was also devastated
भास्कर संवाददाता | नर्मदानगर

इंदिरा सागर परियोजना की स्थापना के कारण बसीगत बढ़ने पर करीब 25 साल पहले नर्मदानगर में ग्राम पंचायत का गठन किया गया। वन क्षेत्र में बसे इस गांव को आज तक ना तो वनग्राम और ना ही राजस्व ग्राम का दर्जा मिला है। इसके अभाव में ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। 40 साल से अधिक समय से रह रहे ग्रामीणों को ना तो पट्टा मिला और ना ही कुटीर या प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिया गया।

1984 में इंदिरा परियोजना शुरू होने के बाद हजारों लोग रोजगार के उद्देश्य से यहां बस गए थे। 1994 में यहां ग्राम पंचायत का गठन तो कर दिया गया लेकिन वन ग्राम या राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं दिया गया। बांध संचालन कंपनी एनएचडीसी ने शुरुअात में तो यहां स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई की व्यवस्था की लेकिन कुछ साल बाद ही मूलभूत सुविधाएं अपनी रहवासी कॉलोनी तक ही सीमित कर ली। एक पार्क बनाकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा भी स्थापित की गई। लेकिन यह पार्क भी उजाड़ हो गया और प्रतिमा का अनावरण 35 साल बाद भी नहीं हो सका। शाम होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। धीरे-धीरे गांव की आबादी 12 हजार से अधिक हो गई है। आधी आबादी झोपड़ पट्टी में रहती है। राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव के चलते नर्मदानगर को राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिल सका लेकिन चुनाव में वोट जरूर डलवाए जाते हैं। झोपड़ पट्टी में रहन वाले अशोक मालवीय ने बताया मेरा जन्म नर्मदानगर में ही हुआ। उम्र 40 साल हो गई है। लेकिन आज तक पट्टा नहीं मिला है। सरपंच पति अजय सांड ने कहा हम दो-तीन माह पहले विधायक नारायण पटेल के साथ मुख्यमंत्री से मिलकर समस्या बता चुके हैं। उन्होंने जल्द ही निराकरण का आश्वासन दिया है।

वन विभाग की आपत्ति से अटका है मामला

इंदिरा सागर परियोजना निर्माण के समय एनवीडीए ने वन विभाग से यह जमीन लीज पर ली थी। यहां अफसर, कर्मचारियों व मजदूरों के लिए आवास की व्यवस्था करना था। एनवीडीए के क्वार्टर आज भी मौजूद हैं। परियोजना की पूर्णता के बाद एनवीडीए व एनएचडीसी ने पंचायत से हाथ खींच लिए। ग्राम पंचायत का गठन तो हो गया लेकिन वन विभाग को इस पर आपत्ति है। नियमानुसार पहले नर्मदानगर को वनग्राम घोषित करना होगा। इसके बाद ही राजस्व ग्राम बनाया जा सकता है। वन विभाग नर्मदानगर को वन ग्राम घोषित करने पर आपत्ति जता रहा है।

प्रयास कर रहा हूं


कलेक्टर ने रुचि ली है


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