निगम अफसरों की लापरवाही से नहीं बना नायता मुंडला बस स्टैंड **

News - नायता मुंडला में बस स्टैंड के लिए वर्क ऑर्डर जारी हो गया है, लेकिन अभी तक जमीन ही खाली नहीं हुई है। जिस जमीन पर...

Mar 27, 2020, 07:35 AM IST
Indore News - mp news nayata mundla bus stand not made due to negligence of corporation officers

नायता मुंडला में बस स्टैंड के लिए वर्क ऑर्डर जारी हो गया है, लेकिन अभी तक जमीन ही खाली नहीं हुई है। जिस जमीन पर स्टैंड बनना है, वहां अस्थायी ट्रांजिट हाउस बने हैं। उनमें 130 परिवार रहते हैं। नतीजतन, टेंडर होने के बावजूद 9 करोड़ के बस स्टैंड की योजना ठप पड़ी है।

नगर निगम के अफसरों की लापरवाही के कारण नायता मुंडला में बस स्टैंड की योजना जमीन पर नहीं उतर पा रही है। आईडीए प्रोजेक्ट के लिए वर्क ऑर्डर भी जारी कर चुका है, लेकिन जमीन खाली नहीं होने से मामला ठंडे बस्ते में है। असल में कुमेड़ी में आईएसबीटी के साथ नायता मुंडला में बस स्टैंड बनाने की योजना है। पहले यह प्रोजेक्ट नगर निगम के पास था, लेकिन बाद में इसे आईडीए को दिया गया। स्टैंड के लिए आरटीओ ऑफिस की बाउंड्रीवॉल से लगी हुई करीब साढ़े छह एकड़ जमीन मिली है। आईडीए ने इसके लिए पिछले महीने टेंडर जारी किए थे। कंपनी को 9 करोड़ का वर्क ऑर्डर भी जारी हो गया है। इसके बावजूद बस स्टैंड का काम शुरू नहीं हो पा रहा है।

बसों की आवाजाही शहर से बाहर करने की योजना के तहत नायता मुंडला में बस स्टैंड की प्लानिंग हुई है। आईडीए के सूत्रों के मुताबिक यहां से नेमावर, मुंबई, सेंधवा और खंडवा रूट की बसें चलेंगी। बसों को आने-जाने के लिए शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। बस स्टैंड में वेटिंग हॉल, दुकानें, कैंटीन और पार्किंग की सुविधा रहेगी।

विस्थापितों की सूची तैयार है, जल्द कराएंगे शिफ्टिंग

नायता मंुडला में आईडीए बस स्टैंड बना रहा है। उस जमीन पर ट्रांजिट हाउस में आजाद नगर के विस्थापित रह रहे हैं। उनके लिए लिंबोदी में मल्टी काम काम लगभग पूरा हो गया है। विस्थापितों की सूची तैयार है। उनसे दो-दो लाख रुपए लेना है। हम शिफ्टिंग करने वाले थे, लेकिन कोरोना के कारण व्यवधान आ गया। जल्द ही शिफ्टिंग करा दी जाएगी।

महेश शर्मा, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम

विस्थापितों की शिफ्टिंग से देरी

नायता मुंडला में जिस जमीन पर बस स्टैंड बनना है, वहां नगर निगम ने डेढ़ साल पहले टीन शेड के अस्थायी ट्रांजिट हाउस बनाए थे। इनमें 130 परिवारों को बसाया गया। ये परिवार आजाद नगर में रहते थे, जहां निगम ने गारबेज ट्रांसफर स्टेशन और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया है। इस वजह से इन परिवारों को नायता मुंडला शिफ्ट किया गया था। तब से ये परिवार वहीं रह रहे हैं। नगर निगम इन विस्थापितों के लिए जमीन के पास रोड के दूसरी ओर लिंबोदी में बिल्डिंग बना रहा है। सभी विस्थापितों को आवास योजना के तहत वहीं फ्लैट दिए जाएंगे। बिल्डिंग का काम पूरा नहीं हुआ है। इसलिए विस्थापित नहीं हटाए जा सके और स्टैंड अटक गया है।

कई साल से चल रही है कवायद

नायता मुंडला में बस स्टैंड की कवायद कई साल से चल रही है। पहले नगर निगम बस स्टैंड बनाने वाला था। टेंडर भी हो गए थे, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा। फिर अधिकारियों ने यह प्रोजेक्ट आईडीए को दे दिया।

सड़क को लेकर भी प्लानिंग नहीं

अफसर स्टैंड को शहर से जोड़ने वाली सड़क को लेकर भी कोई फैसला नहीं ले सके हैं। पालदा से नायता मुंडला के बीच मार्ग संकरा है। लोग यहीं से आवाजाही करते हैं। आरटीओ में फिटनेस के लिए आने वाले वाहन और सिटी बसें इसी मार्ग से गुजरते हैं। बस स्टैंड बनने के बाद रोड पर दबाव बढ़ेगा लेकिन नगर निगम इसे लेकर गंभीर नहीं है।

{वर्क ऑर्डर हो गया, जहां बनना है स्टैंड वह जमीन ही खाली नहीं हुई**

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