- Hindi News
- National
- Niwali News Mp News No Speed Breakers In The Village But High Speed Vehicles 9 Deaths In Accidents In Two Years
गांव में स्पीड ब्रेकर नहीं, तेज गति से निकलते हैं वाहन; दो साल में दुर्घटनाओं में हुई 9 मौतें
{ पलसूद में 12 माह में हुए हादसों में हुई थी 12 लोगों की मौतें
{ एमपीआरडीसी ने मांग पर पूरे घाट में 6 स्थानों पर बनाए स्पीड ब्रेकर
खेतिया रोड पर नगर से पांच किमी दूर ग्राम तलाव के बीच से खेतिया-सेंधवा स्टेट हाईवे निकला है लेकिन यहां गांव में स्पीड ब्रेकर नहीं बना है। इससे यहां से रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन तेज गति से गुजरते हैं। इससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। पिछले दो साल में यहां वाहनों की चपेट में आने से 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इसको लेकर ग्रामीणों ने गांव में स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की है। ताकि यहां आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके।
ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम में सड़क से 100 मीटर की दूरी पर स्कूल, मंदिर, प्रतीक्षालय, उपस्वास्थ्य केंद्र होने के साथ ही रोड के दोनों किनारों पर घर बने हुए हैं। यहां से दिन-रात बच्चे और बड़े-बुजुर्गों का आना-जाना लगा रहता है। स्टेट हाईवे बनने को दो साल हुए हैं। इन दो सालों में तेज गति से चलने वाले वाहनों की चपेट में आने से 9 लोगों की मौतें हो चुकी है। पिछले दो माह में दो मौतें हुई है। वहीं इन दो सालों में छोटी-बड़ी 10 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
लोग सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर हटवाते हैं स्पीड ब्रेकर
-श्याम गुप्ता, मैनेजर, एमपीआरडीसी, बड़वानी
वाहन की टक्कर से 20 दिन पहले हुई थी बालिका की मौत
20 दिन पूर्व गांव में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक बालिका की मौत हो चुकी है। पुलिस ने बताया समीप के चेक पोस्ट बेरियर पर लगे सीसीटीवी की क्वालिटी घटिया होने के कारण वाहन का पता लगाने में दिक्कत आ रही है। इससे दुर्घटना के 20 दिन बाद भी अभी तक बालिका को टक्कर मारने वाले वाहन की जानकारी नहीं मिल सकी है।
पलसूद रोड पर ब्रेकर बनने से रुकी दुर्घटनाएं
एेसा ही मामला पलसूद रोड पर झाकर घाट में था। वहां प्रति माह दुर्घटना में एक मौत हो रही थी। 12 माह में 12 मौतें हो चुकी थी। लोगों ने एमपीआरडीसी से मांग कर पूरे घाट में 6 स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। यहां ब्रेकर बनने से एक साल से सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगी है। तलाव गांव के लोगों ने मांग की है कि झाकर की तरह तलाव गांव में भी स्पीड ब्रेकर बनाकर वाहनों की गति को नियंत्रित कर दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जाए।
ग्रामीण बोले- गांव में 4 स्थानों पर बने ब्रेकर
ग्राम के प्रदीप जाधव, गोटू जाधव ने गांव में 4 स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनाकर वाहनों की गति नियंत्रित करने की मांग की है। तलाव में धनगर समाज के कई परिवार रहते हैं। इनका मुख्य व्यवसाय भैंसें पालकर दूध बेचना है। सुबह भैंसें जंगल की तरफ चराने ले जाते हैं। शाम को घर लौटते हैं। पिछले एक साल में वाहनों की तेज गति के कारण 4 भैंसे घायल हो चुकी हैं। ग्वाले अक्सर कम पढे-लिखे होने के कारण वाहन का नंबर ट्रेस नहीं कर पाते। इससे कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है।
पिछले दो माह में हुई है दो मौतें, वहीं इन दो सालों में छोटी और बड़ी मिलाकर कुल 10 दुर्घटनाएं हुई
खेतिया रोड पर तलाव गांव में नहीं बने स्पीड ब्रेकर।