एमपीआरडीसी, मुख्यमंत्री अधोसंरचना एजेंसी और मांगलिक परिसर संचालक को नोटिस, मांगा जवाब

News - भास्कर संवाददाता | हरसूद तहसील प्रशासन शुक्रवार को पूरी तरह एक्शन में दिखाई दिया। यातायात, रहवासी क्षेत्र में...

Feb 15, 2020, 08:10 AM IST
भास्कर संवाददाता | हरसूद } तहसील प्रशासन शुक्रवार को पूरी तरह एक्शन में दिखाई दिया। यातायात, रहवासी क्षेत्र में मांगलिक परिसर के मामलों में कार्रवाई करते हुए एसडीएम ने एमपीआरडीसी के महाप्रबंधक, नगर परिषद ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना के निर्माण को अंजाम देने वाले ठेकेदार तथा निजी मांगलिक परिसर संचालक को भादंवि 1973 की धारा 133 (सीआरपीसी) के तहत नोटिस भेज क्रमश: 28 व 18 फरवरी को तलब किया है।

अधोसंरचना : घटिया निर्माण को लेकर ठेकेदार तलब


मांगलिक परिसर संचालक से एसडीएम ने दस्तावेज मांगे


आशापुर के क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत 4 माह बाद भी अधूरी


एसडीएम ने दूसरा एक्शन नगर परिषद क्षेत्र में संत बुखारदास बाबा चौराहे से वर्मा इलेक्ट्रिकल तक 600 मीटर सड़क, डिवाइडर, ड्रेनेज, विद्युतीकरण में घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदार पर लिया। मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद में 2015-16 में 1.33 करोड़ रुपए लागत से कार्य करने वाली एजेंसी दादाजी कंस्ट्रक्शन खंडवा को भेजे नोटिस में ठेकेदार को 28 फरवरी तक मरम्मत व सुधार कर हाजिर होने के लिए कहा है। उल्लेखनीय है कि ठेकेदार द्वारा निर्मित 600 मीटर डामर रोड दो साल भी नहीं टिक पाया। सड़क उखड़ने, गड्ढों से परेशान लोगों ने जनसुनवाई में गुहार लगाई थी। नप प्रशासन की सूचना की भी ठेकेदार ने अनदेखी की।

जनसुनवाई में वार्ड क्रमांक 4 के अभयसिंह, अर्जुनसिंह सहित अन्य ने निजी मांगलिक परिसर से हो रही परेशानी को लेकर शिकायत की थी। एसडीएम डॉ. झाड़े परिसर संचालक राजेंद्र राठौर निवासी हरसूद के खिलाफ धारा 133 के तहत कार्रवाई करते हुए आवासीय भूखंड के व्यावसायिक उपयोग, आरओ पानी प्लांट के दस्तावेज लेकर 18 फरवरी को तलब किया है। जारी किए गए नोटिस में संचालक द्वारा आवासीय उपक्रम का व्यावसायिक उपयोग, कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का उल्लेख किया गया है। साथ ही भोजन पदार्थ खुले में फेंकने तथा उससे संक्रमण फैलने की आशंका जताई गई। निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

एमपीआरडीसी महाप्रबंधक होशंगाबाद को भेजे नोटिस में एसडीएम डॉ. परीक्षित झाड़े ने कहा है कि खंडवा-होशंगाबाद हाईवे पर निरीक्षण में पाया गया कि पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। साथ ही सड़क पर बड़ी संख्या में गड्ढे हो गए हैं। एेसे मे भारी वाहन जोखिम उठाकर निकल रहे हैं। वाहनों के आवागमन से जान माल का खतरा बना हुआ है। बारिश में अत्यधिक बाढ़ से आशापुर स्थित अग्नि नदी पुल टूट गया था। हाईवे का आवागमन दो माह बंद रहा। पूरा ट्रैफिक बीड़-मूंदी से होकर डायवर्ट करना पड़ा। शीतकाल के चार माह में भी क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत पूर्ण नहीं हो पाई है। वर्तमान में भी कार्य बंद है। 15 दिन में क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत, पेंचवर्क तथा संकेतक(रेडियम मार्क) पूर्ण किया जाकर 28 फरवरी को प्रस्तुत हों।

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