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सरकारी खजाना भरने के लिए अब पुराने वाहनों पर नजर

एक वर्ष पहले
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परिवहन विभाग की नाक के नीचे उसी के खजाने को करोड़ों रुपए चपत लग गई है। मामला पुराने और कंडम वाहनों से जुड़ा है।

लोगों ने कई वर्षों तक बिना टैक्स दिए धड़ल्ले से वाहनों का व्यावसायिक उपयोग किया। इसके बाद कंडम वाहन कबाड़ियों को बेच दिए। प्रदेश में पिछले कई वर्षों से यह खेल चल रहा है। लेकिन नवागत परिवहन आयुक्त के सामने इन आंकड़ों की बाजीगरी का राज खुल गया। उन्होंने अधीनस्थों को कबाड़ हो चुके वाहनों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन अधिकारियाें को यह समझ नहीं आ रहा है कि कब से कब तक की सूची तैयार करें। अफसरों के अनुसार विभाग की टीमें वाहनों का टैक्स जमा नहीं करने वालों के घर पर भी दस्तक देंगी।

परिवहन विभाग के कुछ रिटायर्ड कर्मचारियों के अनुसार यह खेल 15 साल से भी अधिक समय से चल रहा है। अगर पूरे प्रदेश का आंकड़ा इकट्‌ठा किया जाएगा तो टैक्स की राशि करोड़ों रुपए में पहुंचेगी। फिलहाल परिवहन विभाग का 3900 करोड़ रुपए का सालाना लक्ष्य है। इसमें से 20 फीसदी अकेले आरटीओ से आता है।

...तो टैक्स देना होगा

अगर आपने कोई नया वाहन वर्ष 2000 में खरीदा है तो 15 वर्ष बाद यानी वर्ष 2015 में आपको अगले पांच साल के लिए उसी वाहन का रजिस्ट्रेशन कराने के साथ ही रोड टैक्स भी भरना होगा। अगर आपने वाहन बेच दिया है तो भी आपको टैक्स देना होगा। यदि कबाड़ में दिया तो उसका प्रमाण पेश करना होगा।

देरी ने बढ़ाई दिक्कतें

विभाग की देरी ने पुराने वाहनों से टैक्स की वसूली में दिक्कतें बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार वाहनों के िरकॉर्ड में कई पते बदल चुके होंेगे। फोन और मोबाइल नंबर का डाटा भी अधूरा है। कई वाहन मालिकों की मृत्यु हो चुकी होगी। ऐसे में पुराने वाहन मालिकों से टैक्स वसूल करना आसान नहीं होगा। वहीं कुछ अधिकारियों का दावा है कि वे आसानी से टैक्स वसूल लेंगे।

ऐसे समझें पूरा मामला**

31 मार्च तक का समय

जिन लोगों ने पुराने वाहनों का टैक्स नहीं भरा है, उन्हें 31 मार्च तक का समय दिया गया है। इसके बाद संबंधित आरटीओ और उनकी टीम मौके पर जाकर टैक्स वसूली करेंगी।
बी. मधु कुमार, आयुक्त, परिवहन विभाग, मप्र

395 करोड़ रुपए वसूले

इंदौर में हम अब तक 395 करोड़ रुपए पुराने वाहन मालिकों से बतौर टैक्स वसूल चुके हैं। 31 मार्च तक यह आंकड़ा 550 करोड़ रुपए तक जा सकता है। विभाग राजस्व वसूली के लिए सतत् प्रयासरत है।

जितेंद्र सिंह रघुवंशी, आरटीओ, इंदौर

Âपरिवहन विभाग ने आय बढ़ाने का निकाला नया रास्ता, नए की जगह पुराने वाहनों को बनाया टारगेट**

परिवहन विभाग ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए नया तरीका खोजा है। अब वह पुराने वाहनों से टैक्स की वसूली करेगा। इसके लिए वाहन मालिकों का डाटा तैयार किया जा रहा है। पहलेे उन्हें टैक्स जमा करने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया गया है। इसके बाद आरटीओ की टीम सीधे घर जाकर रोड टैक्स वसूलेगी। जो टैक्स नहीं देगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।**
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