एक किसान, दो दास्तान | प्याज के भाव अच्छे मिलने से खुश हैं पर यूरिया ने रुलाया

News - इंदौर रोड स्थित ग्राम दोंदवाड़ा के किसान बलीराम पटेल अपने खेत में रखी प्याज की रखवाली में सुबह-शाम लट्ठ लेकर इस तरह...

Dec 04, 2019, 09:22 AM IST
इंदौर रोड स्थित ग्राम दोंदवाड़ा के किसान बलीराम पटेल अपने खेत में रखी प्याज की रखवाली में सुबह-शाम लट्ठ लेकर इस तरह सतर्क रहते हैं। क्योंकि इसी गांव में प्याज के दो कट्‌टे चोरी हो चुके हैं।

प्याज पर पहरा...

भास्कर संवाददाता | खंडवा

प्याज के दाम रातों रात बढ़ रहे हैं। ऐसे में सड़ा प्याज भी मुंह मांगे दाम पर बिक रहा है। मंगलवार को बाजार में 90 से 100 रुपए किलो तक अच्छी क्वॉलिटी का प्याज बिका। एक तरफ जहां मंडी में सड़े प्याज को दिनभर छांटने का काम चल रहा है, वहीं खेत और खलिहान में भी प्याज चोरी न हो इसके लिए प्याज के ढेर पर पहरा लगा दिया है। इंदौर रोड पर दोंदवाड़ा के किसान महेंद्र के खेत में रखे प्याज के दो कट्‌टे चोरी होने के बाद आसपास के गांव के किसान भी सतर्क हो गए। प्याज के ढेर पर किसान परिवार चौकीदारी के साथ खुद भी चार-चार घंटे निगरानी रख रहे हैं। इन दिनों खेत से प्याज निकालने का काम चल रहा है। ऐसे में परिवार के सभी लोग प्याज को छांटने-बीनने में जुटे हुए हैं। प्याज के इतने दाम बढ़ गए हैं कि उसे छांटने के लिए किसान मजदूरों पर भी भरोसा नहीं कर रहे। खेत में पड़े हुए प्याज के ढेर में से सड़ा और अच्छे प्याज को अलग कर बोरी में भरा जा रहा है। किसानों ने कहा बारिश से भले ही प्याज व अन्य फसल को नुकसान हुआ, लेकिन प्याज ने किसान काे उबार दिया है। जो प्याज 15-20 रुपए किलो में बिकना थी, वह 90 रुपए किलो में बिक रही है। किसानों का पूरा परिवार प्याज छांटने में लगा हुआ है, क्योंकि फेंकने लायक प्याज भी 30 किलो में बिक रही है।

मंगलवार को सब्जी मंडी में प्याज 7500 रुपए क्विंटल बिका, जबकि फुटकर में 90 से 100 रुपए तक बिका। व्यापारियों के मुताबिक आने वाले समय में प्याज के दाम और बढ़ेंगे। प्याज चोरी का डर किसानों के अलावा व्यापारियों को भी सता रहा है। बुधवारा मंडी में सब्जी विक्रेताओं द्वारा आलू, टमाटर के अलावा प्याज की विशेष रूप से सुरक्षा की जा रही है।

पहली बार... मंगलवार को सब्जी मंडी में प्याज 7500 रु. क्विंटल बिका, इसलिए सड़ा प्याज भी सुखाकर बेच रहे किसान



1. विजय पटेल के खेत में करीब डेढ़ सौ कट्‌टे प्याज के फैलाकर रखी है। उनका पूरा परिवार प्याज की सुरक्षा में लगा हुआ है। रात को रिंकू भाई, अशोक भाई के अलावा चौकीदार भी साथ रहते हैं। 2. इंदौर रोड स्थित हैदरपुर रोड के एक खलिहान में मां के साथ प्याज की छंटनी कर रहे इंजीनियर जितेंद्र नीरज ने कहा पहली बार एक-एक प्याज की कीमत मिल रही है। इसलिए मां का हाथ बंटा रहा हूं। रात को प्याज की सुरक्षा में पिता तैनात रहेंगे।

दो कट्‌टे चोरी हुए तो सतर्क हुए किसान

दोंदवाड़ा में एक सप्ताह पहले किसान महेंद्र ने अपने खेत में प्याज के कट्‌टे तैयार कर सुबह मंडी ले जाने के लिए रख दिए। चार में से दो कट्‌टे प्याज चोरी हो गए। इसी को देखते हुए छैगांवमाखन के हैदरपुर, मोकलगांव, चमाटी व पंधाना क्षेत्र में भी प्याज पर किसानों का कड़ा पहरा लगा हुआ है।

यहां लगा प्याज पर पहरा



क्योंकि... 100 रुपए किलो हुआ, खेतों से चोरी हाे रहा, इसलिए कर रहे चौकीदारी

मां का हाथ बंटाने इंजीनियर बेटा आया

हैदरपुर रोड पर खलिहान में अपनी मां के साथ जितेंद्र नीरज जो कि पेशे से इंजीनियर है, एक-एक प्याज को साफ कर कट्‌टे में भर रहा था। जितेंद्र ने बताया प्याज की सुरक्षा के लिए रात को खेत मेें ही सो रहा हूं। जितेंद्र नीरज पॉलिटेक्निक कॉलेज में भी प्राध्यापक रह चुके हैं।

इंदौर में Rs.100 में बिका खंडवा में दाम बढ़े

सोमवार को खंडवा मंडी बंद थी। जबकि इंदौर मंडी में 90-100 रुपए किलो प्याज बिका। मंगलवार को मंडी खुलने पर पहली बार प्याज का दाम 75 रुपए किलो पर पहुंचा। फुटकर मंडियों में प्याज का भाव 90-100 रुपए तक पहुंचा।

व्यापारी ने बोर्ड लगाया, 100 रुपए किलो प्याज

बुधवारा सब्जी मंडी में प्याज व्यापारी युसुफ पटेल ने 100 रु. किलो प्याज का बोर्ड लगा दिया। युसुफ ने कहा प्याज का दाम लोग बार-बार पूछने आते हैं। कई लोग पहले भाव पूछने आते हैं फिर आधा या एक किलो ही प्याज लेकर जाते हैं।

यहां किल्लत

किसान बोले- पर्याप्त है तो देते क्यों नहीं, ढाई एकड़ जमीन पर मिल रही दो बोरी

इंदौर रोड स्थित विपणन संघ कार्यालय के बाहर यूरिया के लिए लगी कतार।

भास्कर संवाददाता | खंडवा

किसानों काे बोवनी के हिसाब से पर्याप्त मात्रा में यूरिया नहीं मिल रहा है। ढाई एकड़ गेहूं की खेती में पांच बोरी यूरिया लगता है। जबकि विपणन संघ द्वारा मात्र दो बोरी दी जा रही है, वह भी दिनभर लाइन में लगने के बाद। मोहनिया के किसान रामनारायण विश्नोई ने कहा अगर पर्याप्त मात्रा में यूरिया है तो फिर इस तरह से संकट खड़े करना गलता है। किसानों को दिनभर लाइन में लगने के बाद मनचाहा यूरिया नहीं मिल रहा है। पर्याप्त मात्रा में यूरिया नहीं मिलने पर किसान ब्लैक में खरीदने को मजबूर है। जिसका फायदा विक्रेता उठा रहे हैं। निजी दुकानों व समितियों में किसानों के साथ सौदेबाजी की जा रही है। जिला प्रशासन रोकने में नाकाम हो रहा है। ग्राम मोहनिया के किसान पंडेरसिंह ने कहा सुबह 11 बजे से यूरिया के लिए लाइन में खड़ा रहा। शाम चार बजे नंबर लगा। दिनभर की मशक्कत के बाद दो बोरी मिला, जबकि मेरे 15 एकड़ जमीन है, समिति को दस्तावेज भी बताए। फिर भी उन्होंने पर्याप्त यूरिया नहीं दिया। अब 350 से 400 रुपए देकर ब्लैक में लेना पड़ेगा। जबकि प्रशासन का दावा है कि रबी के मौसम में किसानों के लिए 44436 मीट्रिक टन यूरिया का भंडार है। इंदौर रोड स्थित सहकारी समिति के बाहर सुबह से शाम तक लाइन लगने के बाद किसानों को दो एकड़ जमीन के लिए मात्र दो बोरी मिल रही है। -पढ़ें पेज 16 भी

यूरिया के साथ ही गोबर की खाद भी डालें

उपसंचालक कृषि आरएस गुप्ता ने कहा यूरिया पर्याप्त मात्रा में है। बोवनी से पहले दो व बाद में दो बोरी दी जा रही है। चार बोरी यूरिया पर्याप्त है। गोबर की खाद डालना चाहिए। वैज्ञानिकों के मुताबिक रासायनिक खाद ही न गोबर की खाद भी डालें। गोबर खाद से नाइट्रोजन मिलता है। जमीन की उर्वरक क्षमता भी बनी रहती है। केवल रसायनिक खाद पर निर्भर रहे तो पंजाब जैसे हालात हमारे यहां भी हो जाएंगे। इस बात का भी हमें ध्यान रखना होगा। कई किसान गोबर खाद का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

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