हमारा शरीर खुद एक ब्रह्मांड है-पंडित
शासकीय पीजी कॉलेज में रसायन शास्त्र विभाग ने आयोजित किया व्याख्यान
यथा पिंडे तथा ब्रह्मांड” यानी हमारा शरीर खुद एक ब्रह्मांड है। पहले हमारे ब्रह्मांड में सब कुछ बिखरा हुआ था, उसे व्यवस्थित करने के लिए विभिन्न तत्वों की एक सारणी बनाई गई। मोसले की बनाई आधुनिक आवर्त सारणी ने पूरे ब्रह्मांड की व्याख्या कर दी। उसमें अब तक के खोजे गए सभी तत्व हैं और आगे खोजे जाने वाले तत्व भी शामिल होंगे। जो खोजा जाना बाकी है वह काम आप लोगो का है।
रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष व रूसा नोडल अधिकारी एसबीएन पीजी कॉलेज बड़वानी प्रमोद पंडित ने व्याख्यान में ये बात कही। शासकीय पीजी कॉलेज में आर्वत सारणी के 150 वर्ष- ब्रह्मांड का आधार विषय पर वला आयोजित व्याख्यान में उन्होंने रसायन विषय की व्यापकता को उसके मूलाधार याने तत्व को समझाया। उन्होंने कहा हमारे ऋषि -मुनियों ने पांच तत्व जल, वायु, अग्नि, आकाश, पृथ्वी बताए थे और इन्हीं पांच तत्वों में आज तक के खोजे गए सभी तत्व समाहित है। प्रो. पंडित ने सामान्य रासायनिक अभिक्रियाओं जैसे धुंध क्या होती, पानी क्यों बरसता है, पानी आग कैसे बुझाता है, सड़क पर लगे संकेत क्यों चमकते है, प्याज काटने से आंसू क्यों आते हैं आदि के माध्यम से विद्यार्थियों से न सिर्फ जुड़ने का प्रयास किया बल्कि उनकी रुचि भी रसायन विषय के प्रति जागृत की।
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए हो रहा आयोजन
व्याख्यान रसायन विभाग द्वारा आयोजित एवं रुसा भोपाल द्वारा प्रायोजित था। इस दौरान प्राचार्य डाॅ. कल्पना कोठारी, विकास पंडित, इरशाद मंसूरी दिनेश कनाड़े विद्यार्थी एवं स्टाफ उपस्थित था। शिक्षा गुणवत्ता परियोजना के अंतर्गत शासकीय पीजी कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से म.प्र.शासन उच्च शिक्षा विभाग एकेडमिक उत्कृष्टता गतिविधियों का संचालन कर रहा है।
शासकीय पीजी कॉलेज में व्याख्यान के दौरान मौजूद विद्यार्थी।