ऐसे प्रयासों से मजबूत है हमारा गणतंत्र

News - आइए संकल्प लें और फीडबैक दें शहर को साफ-सुथरा रखना अब हमारी आदत में शुमार हो गया है। यह हमारे दृढ़ संकल्प,...

Jan 26, 2020, 07:41 AM IST
Indore News - mp news our republic is strong with such efforts

आइए संकल्प लें
और फीडबैक दें


शहर को साफ-सुथरा रखना अब हमारी आदत में शुमार हो गया है। यह हमारे दृढ़ संकल्प, कर्मचारियों की कर्तव्यपरायणता और प्रशासनिक व्यवस्था से हमने तीन तमगे लिए हैं। अब चौके की बारी है। इसके लिए जरूरत है सकारात्मक फीडबैक की। गणतंत्र दिवस के अवसर पर हम संकल्प लें और अपने शहर को राष्ट्र के मानचित्र पर एक बार फिर अंकित करने के लिए ज्यादा से ज्यादा फीडबैक दें। एक बात का और ध्यान रखें। अपने घर और आसपास के परिसर को साफ-सुथरा रखने के लिए सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्थाओं के भरोसे ही न रहें। हम सब के मिले-जुले प्रयास से भी बहुत कुछ संभव हो सकता है। जिन इलाकों में बाग-बगीचे हैं उनकी देखरेख के लिए कर्मचारियों का इंतजार न करें। संकल्प लें कि हम सप्ताह में एक बार अपने बगीचों के सौंदर्य को बढ़ाने के लिए समय जरूर देंगे।

पंचायतों में शुरू कराई जनसुनवाई

सरकार के आदेश पर जिला स्तर पर प्रदेशभर में जनसुनवाई होती ही है लेकिन इंदौर पहला जिला है, जहां पंचायतों में भी साप्ताहिक जनसुनवाई होती है। जिला पंचायत सीईओ नेहा मीना ने महसूस किया कि कई ग्रामीण जनसुनवाई के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाते हैं। जो आते भी हैं, उन्हें कई परेशानियां पेश आती हैं। उनकी इस समस्या का समाधान करने के लिए सीईओ ने जिले की सभी 312 पंचायतों में जनसुवाई शुरू करा दी। इसका जिम्मा पंचायत सचिवों को सौंपा है। जनसुनवाई की मॉनीटरिंग वह खुद जन आकांक्षा पोर्टल पर करती हैं। ग्रामीणों की शिकायतों के समाधान के लिए निर्देश पोर्टल पर देती हैं। जिन मामलों में मौके पर जाकर कार्रवाई करना अनिवार्य होता है वहां वह खुद जाती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को नवाचार की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए। इससे लोगों को सुविधाएं मिलती हैं।

फ्रैक्चर के बाद भी नहीं रुके कदम

सड़क हादसे में दोनों हाथ और दोनों पैर सहित शरीर में मल्टीपल फ्रेक्चर होने के बावजूद 50 वर्षीय सुरेश पाहूजा का जज्बा कम नहीं हुआ। 12 ऑपरेशन के बाद भी वह वेट लिफ्टिंग करते हुए युवाओं को सेहत के प्रति जागरूक करते रहे। कुछ माह पहले सर्वाइकल होने पर डॉक्टर ने उन्हें ‌वर्जिश के लिए मना कर दिया, तब उन्होंने नई पीढ़ी को सेहतमंद रखने के लिए दौड़ लगाना शुरू किया। आज उनके साथ कई युवा स्टेडियम दौड़ लगाने जाते हैं। सुरेश ऐसे युवाओं की फौज खड़ा करने में जुटे हैं, जो मैराथन में हिस्सा ले सकें। 2 फरवरी को होने वाली इंदौर मैराथन के लिए उन्होंने 100 युवाओं को प्रेरित कर पंजीयन कराया है। डॉक्टर उन्हें हड्‌डी रोगी बता रहे हैं लेकिन वह रोज 15 किमी रनिंग कर युवाओं के लिए आदर्श बने हुए हैं। उनका कहना है दृढ़ इच्छाशक्ति से सब-संभव है।

इलाज के लिए ‘आह्वान’

कलेक्टर वैसे तो शासन की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम करते हैं लेकिन इंदौर कलेक्टर लोकेशकुमार जाटव ने जब निर्धन वर्ग के लोगों के इलाज के लिए परेशान होते देखा तो उनके मन में पीड़ा हुई। शासन की योजनाओं के मुताबिक वे जरूरतमंद मरीजों की आर्थिक मदद करते ही हैं लेकिन इससे इतर भी लोगों का उपचार करा रहे हैं। जून 2019 में उन्होंने निजी अस्पतालों से गरीबों के महंगे इलाज का आव्हान किया। सभी अपर कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, रेडक्रॉस सोसायटी, सिविल सर्जन और सीएमएचओ को मरीज चिन्हित करने के लिए कहा। कुछ ही माह में 149 मरीजों की सूची तैयार हुई। निजी अस्पतालों के सहयोग से अब तक 70 मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया जा चुका है। इन पर 30,08,670 रुपए खर्च हुए हैं। उनका कहना है कि सभी अधिकारी संकल्प ले तो जनसहयोग से नए काम हो सकते हैं।

पेंशन से बनवा दिए स्कूल में कमरे

फिजिक्स के रिटायर्ड प्रोफेसर विश्वास केशव डांगे (83) 20 साल से गरीब बच्चों के स्कूल और कई एनजीओ की मदद कर रहे हैं। उनकी पेंशन का बड़ा हिस्सा समाज सेवा में खर्च हो रहा है। प्रो. डांगे रूसी भाषा के जानकार हैं। उनके पढ़ाए हुए बच्चे आज मेडिकल और इंजीनियरिंग फील्ड में अच्छे ओहदों पर हैं। कुछ विदेश में बस चुके हैं। राजेंद्र नगर में सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के बच्चों के लिए डांगे ने पांच लाख रुपए देकर तीन कमरे बनवाए हैं। यहां वे रोज नि:शुल्क अंग्रेजी पढ़ाते हैं। प्रो. डांगे का देवास में दो मंजिला मकान है। यहां 1999 से आदिवासी बच्चों का छात्रावास चल रहा है। कुछ साल पहले उज्जैन में अपना पुश्तैनी मकान बेचकर रुपए राजेंद्र नगर के स्कूल को दे दिए। इसके अलावा झाबुआ के पास कंजाबानी (राणापुर) में तालाब बन रहा था। इसके निर्माण में भी उन्होंने पांच लाख रुपए की मदद की।

तंत्र यानी वे लोग हैं, जिनकी जिम्मेदारी गण और उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। ये करते भी हैं लेकिन कुछ ऐसे हैं, जिन्होंने अपने दायित्वों से इतर कुछ नया करने का प्रयास किया है। गणतंत्र दिवस पर गण और तंत्र से जुड़े ऐसे ही किरदारों के प्रयासों की प्रस्तुत है एक झलक।**

गणतंत्र दिवस की सार्थकता इसी बात में है कि गण अपनी भागीदारी और तंत्र अपनी जिम्मेदारी के अलावा इच्छाशक्ति का परिचय देकर काम करे। गण जब लोगों के हमदर्द बनते हैं तब व्यवस्था में ऐसा बदलाव आता है जो मिसाल बन जाता है। इन्हीं की प्रेरणा लेकर लोग अपने समाज और शहर को कुछ नया देने का प्रयास करते हैं।
**

एंटी स्मोकिंग से अंतरराष्ट्रीय पहचान

एआईसीटीएसएल के सीईओ संदीप सोनी यूं तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट का जाल बिछाने में महती भूमिका अदा की है लेकिन उनके एंटी स्मोकिंग अभियान ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। इंदौर में एसडीएम रहते हुए उन्होंने शिक्षण संस्थाओं, होटलों, दफ्तरों और पब्लिक प्लेस पर स्मोकिंग करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया। जिन युवाओं के पास फाइन के रुपए नहीं थे, उनसे उठक-बैठक लगवाकर शपथ दिलाई कि आइंदा पब्लिक प्लेस पर सिगरेट नहीं पीएंगे। उनकी इस पहल को बाद में प्रदेश के 40 जिलों ने अपनाया। इंदौर को धूम्रपान निषेध जिला घोषित कराने के कारण सोनी को मुंबई, दिल्ली, गोवा, शिमला और बैंगलोर बुलाया गया, जहां उन्होंने प्रशासन को पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्हें अमेरिकी विश्वविद्यालय में भी आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने प्रेजेंटेशन दिया। सोनी का कहना है कि आप जिस शहर में रहते हैं उस शहर की आबो-हवा और वहां के मिजाज के अनुसार आपको ढलना पड़ता है। इंदौर ऐसा शहर में जहां रहते हुए हम अनेकानेक प्रयोग कर सकते हैं। नो-स्मोकिंग अभियान उसी का हिस्सा है। हम प्रयास करेंगे कि इस शहर के लिए और बेहतर योजनाओं को मूर्तरूप दें।

जय जयवंती हमेशा रहे सदानीरा

वर्ष 2004 में उज्जैन सिंहस्थ के दौरान शिप्रा में जलसंकट हुआ तो संकल्प लिया कि शिप्रा अपने उद्‌गम स्थल से बहे। इसके लिए जरूरी था, उसकी सहायक नदियों को भी पुनर्जीवित किया जाए। श्री सद्‌गुरु ग्रामीण विकास अनुसंधान परिषद इंदौर के अध्यक्ष डॉ. विकास चौधरी ने सबसे पहले उज्जैनी गांव में शिप्रा नदी का 13 किमी सीमांकन कराया। इसके बाद प्रशासन की मदद से नदी के आसपास से अतिक्रमण हटवाए। सहायक नदी जय जयवंती को पुनर्जीवित करने के लिए नदी का सीमांकन कर आसपास के 15 गांवों में जन-जागरण अभियान छेड़ा। चौधरी ने लोगों को श्रमदान से गहरीकरण के लिए प्रेरित किया। नदी के आसपास पौधारोपण और साफ-सफाई कराई। लोगों के कब्जे हटवाए और नदी में मूर्ति विर्सजन रुकवाया। जिला प्रशासन, राज्य व केंद्र सरकार और एनजीटी से लगातार गुहार लगाकर नदी और कई तालाबों को नया जीवन दिया। उनका कहना है कि किसी भी बड़े काम को कोई व्यक्ति अकेला नहीं कर सकता। हां संकल्प यदि ले लें तो असंभव को भी संभव किया जा सकता है। जब सभी लोग मिल-जुलकर काम करते हैं तो जय जयवंती जैसी नदी सदानीरा के रूप में परिवर्तित हो जाती है। आइए हम सब नदियों को बचाने का संकल्प लें।

बच्चों के लिए खिलौने, कॉमिक बुक

इंदौर की डीआईजी रुचिवर्द्धन मिश्र बच्चों को लेकर भी जागरूक हैं। उन्होंने फरियादी महिलाओं के बच्चों के लिए जिले के सभी थानों में खिलौने के साथ ही झूले-चकरी के इंतजाम किए हैं। महिला जब तक पुलिस को समस्या बताती है उस दौरान बच्चे को घर जैसा माहौल मिलता है। इससे महिला को भी फीलगुड होता है। डीआईजी मिश्र ने कॉमिक बुक भी छपवाई हैं, जिसे थानों से लेकर सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क वितरित किया गया है। नवाचार के तहत 17 थानों में ऊर्जा डेस्क बनाई गई हैं। इन थानों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध कार्य चल रहा है। रिसर्च करने वाली संस्थाओं में ऑक्सपोर्ड यूनिवर्सिटी और एमआईटी शामिल हैं। उन्होंने पुलिस परिवारों को विभाग की जानकारी देने के लिए ‘सेवा, सुरक्षा और सम्मान’ नामक समाचार पत्र भी शुरू किया है। उनका कहना है कि जनता में खाकी वर्दी का खौफ और रौब नहीं बल्कि सम्मान होना है। इसके लिए जरूरी है हम समाज के लिए कुछ बेहतर करें। गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय त्योहार के साथ संकल्प का पर्व भी है।

ट्रेनों के लिए हमेशा किया है संघर्ष

शहर के वरिष्ठ समाजसेवी नागेंद्र नामजोशी 47 सालों से एक ही अभियान में जुटे हुए हैं और वह है इंदौर को रेलमार्ग पर देश के हर राज्य से जोड़ना। 1956 में शहर को पहली लंबी दूरी की ट्रेन बिलासपुर के लिए मिली थी। इसके बाद 1973 से नामजोशी ने नई ट्रेनों के लिए अभियान शुरू किया। उनके लंबे प्रयासों के बाद 1983 में मालवा एक्सप्रेस और 1985 में अवंतिका ट्रेन शुरू हुई। 1993 से अभियान ने गति पकड़ी। उन्होंने रेलवे के उच्च अधिकारियों को शहर की जरूरत, नई ट्रेनों से रेलवे को मिलने वाले राजस्व रेल यातायात और तकनीकी व्यवस्थाओं से जुड़े ऐसे प्रोजेक्ट बनाए जिस पर मुहर लगी। शहर को जयपुर, देहरादून, निजामुद्दीन और भोपाल इंटरसिटी सहित अन्य ट्रेनें मिलीं। इसके बाद गुवाहाटी, यशवंतपुर, पुणे के लिए सीधी ट्रेन शुरू हुई। बीते दो साल में इंदौर को करीब 19 नई ट्रेन मिली हैं। इंदौर ऐसा शहर है, जहां से हर राज्य की राजधानी के लिए ट्रेन सुविधा उपलब्ध है।

मंदिरों के नारियल से बनवाई बर्फी

संभाग आयुक्त आकाश त्रिपाठी ने इंदौर कलेक्टर रहते हुए जनहित के जो काम शुरू कराए उन्हें वह आज भी जारी रखे हुए हैं। उन्होंने खजराना मंदिर में चढ़ावे के नारियलों से बर्फी बनवाकर गरीब बच्चों में बांटने की शुरुआत की थी। बाद में अन्य मंदिरों को भी इसमें शामिल कर लिया। इंदौर सहित संभाग के बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराने के लिए जनसहयोग से ‘थ्री मील’ योजना शुरू की है। इसके तहत कुपोषित बच्चों को सुबह नाश्ता, दोपहर को पौष्टिक भोजन और शाम के टिफिन पहुंचाया जाता है। साथ ही स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार कराया जा रहा है। नतीजतन, करीब 40 फीसदी बच्चे कुपोषण के दायरे से बाहर आ गए हैं। त्रिपाठी ने जनसहयोग से गरीबों के लिए 22 डायलिसिस मशीनों की व्यवस्था की है। इनमें से 11 मशीनें रॉबर्ट नर्सिंग होम में उपलब्ध हैं। त्रिपाठी का कहना है कि अधिकारियों का काम करने का दायरा सीमित होता है लेकिन वे चाहें तो अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से समाजसेवा भी कर सकते हैं।

25 साल से आदिवासियों की सेवा

एमपीईबी में सुपरिंटेंडेंट रहे श्रीकांत कुलकर्णी (67) 25 साल से इंदौर से 100 किमी दूर नालछा के पास कागदीपुरा, मानपुर के पास सनकोटा, मांडू, बागली (देवास) के झूलादड़ और पांडू तालाब में आदिवासियों की सेवा कर रहे हैं। वे हर माह आदिवासी बच्चे और महिलाओं को 5 हजार रुपए की मदद करते हैं। उनके दोस्त सुरेश आरेकर भी हर माह दो हजार रुपए का सहयोग देते हैं। इसके अलावा उन्हें जनसहयोग भी मिल रहा है। कुलकर्णी बच्चों को कपड़े, स्वेटर, कॉपी-किताबें, जूते, मोजे, कंपास, चार्ट, घड़ियां, अलमारी, डेस्क और पानी की टंकी आदि सामान दे चुके हैं। नालछा के पास बने एक आश्रम के बच्चों को बीमारी में नारियल का पानी मिले, इसलिए उन्होंने नारियल और केले के 145 पौधे लगवाए हैं। उन्होंने विधवा महिलाओं को बकरियां और सिलाई मशीनें दी हैं, ताकि वे आर्थिक रूप से किसी की मोहताज न रहें। इसके अलावा बर्तन सहित अन्य चीजें भी दी हैं। इंदौर में एक संस्था की बालिकाओं को मांग के अनुसार सभी चीजें दी जाती है।

गण**

तंत्र**

Indore News - mp news our republic is strong with such efforts
Indore News - mp news our republic is strong with such efforts
Indore News - mp news our republic is strong with such efforts
Indore News - mp news our republic is strong with such efforts
Indore News - mp news our republic is strong with such efforts
Indore News - mp news our republic is strong with such efforts
X
Indore News - mp news our republic is strong with such efforts
Indore News - mp news our republic is strong with such efforts
Indore News - mp news our republic is strong with such efforts
Indore News - mp news our republic is strong with such efforts
Indore News - mp news our republic is strong with such efforts
Indore News - mp news our republic is strong with such efforts
Indore News - mp news our republic is strong with such efforts
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना