जलती होली के बीच से चलकर निकलता है पंडा **
म थुरा के पास ही स्थित फालैन गांव की होली बेहद खास होती है। इस गांव को भक्त प्रहलाद का गांव माना जाता है। यहां आज भी एक पंडा (पुजारी) होलिका दहन पर जलती हुई होली के बीच से निकलता है, लेकिन उसे आग जलाती नहीं है। फालैन के पंडा परिवार द्वारा यहां सदियों से ये परंपरा निभाई जा रही है। इसे देखने के लिए दुनियाभर से लोग पहुंचते हैं। गांव में मेला लगता है। दर्शनार्थियों के स्वागत के लिए लोग अपने-अपने घरों की रंगाई-पुताई करते हैं। होलिका दहन के दौरान निभाई जाने वाली इस परंपरा के लिए पंडा परिवार का वो सदस्य जिसे जलती होली से निकलना होता है, वो एक महीने पहले से घर छोड़कर मंदिर में रहने लगता है। वहीं रहकर पूजा-पाठ, मंत्र जाप और उपवास करता है। गांव में पंडा परिवार के 20-30 घर हैं। हर बार होली से पहले पंचायत में ये तय होता है कि इस साल जलती होली में से कौन पंडा निकलेगा।
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