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हवालाती-बंदियों से भरी पड़ी जेलों के लिए पैरोल स्कीम नहीं कारगर!

Sagar News - सेंट्रल जेल में पैरोल लायक मिले मात्र 12 बंदी जेलों में कोरोना वायरस से इन्फेक्शन नहीं फैले। इसके लिए सुप्रीम...

Mar 27, 2020, 08:21 AM IST

सेंट्रल जेल में पैरोल लायक मिले मात्र 12 बंदी

जेलों में कोरोना वायरस से इन्फेक्शन नहीं फैले। इसके लिए सुप्रीम काेर्ट की एडवायजरी पर राज्य सरकार ने 7 साल तक के सजायाफ्ताओं को पैरोल पर छोड़ने का प्लान बनाया है। दरअसल राज्य शासन का का मानना है कि इस निर्णय से प्रदेश की उन जेलों में संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाएगा।

जहां तयशुदा क्षमता से बहुत अधिक बंदी हैं। इधर सरकार की इस तैयारी को लेकर जानकारों का कहना है कि सरकार का ये निर्णय बहुत ज्यादा साबित नहीं होगा। इसके पीछे कारण ये है कि सागर की ही केंद्रीय जेल, जहां इस समय 1878 बंदी-हवालाती है। वहां मात्र 12 बंदी ही ऐसे मिले हैं, जिन्हें पैरोल पर छोड़ा जा सकता है।

इसलिए जेल की फिक्र सता रही है सरकार को


जानकारों के अनुसार इस समय कोर्ट ने काम स्थगित कर रखा है। इसके चलते जेल में बंद सजायाफ्ता या हवालातियों को जमानत मिलना फिलहाल नामुमकिन है। इस दौरान अगर गंभीर अपराध के आरोप में कोई व्यक्ति जेल आता है तो उससे ठसाठस भरी जेल के बाकी बंदी-हवालातियों के कोरोना संक्रमित होने का खतरा हो सकता है। अगर ऐसा हाेता है तो जेल प्रशासन गंभीर संकट में घिर जाएगा। मुमकिन है कि जेल का स्टाफ ही ड्यूटी से भाग खड़ा हो।

बंदियों से मुलाकात पर 14 अप्रैल तक प्रतिबंध

सागर | जेल मुख्यालय भोपाल एवं संचानालय स्वास्थ्य सेवाएं के निर्देश व गाइलाइन के तहत कोरोना के मददेनजर प्रदेश की सभी जेलों में बंदियों से मुलाकात 14 अप्रैल तक बंद हो गई है। इस अवधि में विचाराधीन व एनडीपीडीएस एक्ट में सजा प्राप्त बंदियों के परिजनों को टेलीफोन पर बातचीत करने की सुविधा रहेगी।

अपराधाें पर काबू रखें वही बेहतर क्योंकि पैरोल भी है घातक

जेल बंदी-हवालातियों की सुरक्षा को लेकर मची इस बहस के बीच जेल के एक सीनियर अफसर का कहना है कि बंदियों को पैरोल देना कोई बड़ा अच्छा निर्णय नहीं है। इससे कुछ समय के लिए जेल में जगह बनाई जा सकती है लेकिन सोचिए, जब ये बंदी वापस आएंगे तो क्या गारंटी है कि इनमें कोरोना का वायरस नहीं होगा। उन्हें अगर से आइसोलेटेड कर भी लिया गया तो उसके लिए जगह कहां से लाएंगे।

हाईकोर्ट के समक्ष बताई समस्या

जेल सूत्रों के अनुसार इस समस्या को लेकर गुरुवार को जेल विभाग के अफसरों ने हाईकोर्ट के न्यायिक अधिकारियो से बात की है। इसमें ने उन्होंने सजायाफ्ताओं व हवालातियों को सीमित समय के लिए जमानत देने की मांग की है। जवाब में हाईकोर्ट ने इसे राज्य का विषय बताते हुए अन्य उपाय अपनाने की बात कही है।

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