खजराना में लोगों ने कहा- शांति है, फोर्स हटा लें तो पुलिस ने कम कर दिया बल

News - अयोध्या पर फैसले के बाद शनिवार को दिनभर शहर ने सद्भाव का संदेश दिया, वहीं रात भी सुकून से बीती। सभी समुदाय के लोग...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 08:26 AM IST
Indore News - mp news people said in khajrana peace is there if the force is removed the police reduces the force
अयोध्या पर फैसले के बाद शनिवार को दिनभर शहर ने सद्भाव का संदेश दिया, वहीं रात भी सुकून से बीती। सभी समुदाय के लोग भाईचारे के साथ अपने दैनिक कामों में जुटे हैं। धारा 144 के चलते कई समुदाय के लोगों ने धार्मिक कार्यक्रमों के जुलूस नहीं निकाले और खुद पुलिस को आवेदन देकर व्यवस्था में सहयोग किया है। खजराना में लोगों ने आगे रहकर निवेदन किया कि फोर्स हटा लिया जाए। इसके बाद यहां जरूर फोर्स कम किया गया।

एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने बताया सुरक्षा के लिहाज से शहर में 5 हजार से ज्यादा पुलिस अधिकारी व कर्मचारी तैनात रहे। शनिवार देर रात पलासिया के नवनीत टाॅवर में लगने वाली चौपाटी में खुली दुकानों को पुलिस ने बंद करवाया। खजराना, आजाद नगर, चंदन नगर, बंबई बाजार और सदर बाजार में तैनात अधिकारी व स्पेशल फोर्स के जवानों को रातभर अलर्ट रहने के निर्देश थे। सभी क्षेत्र शांत रहे।

ओवैसी पर केस दर्ज करने सुप्रीम कोर्ट भेजी याचिका

अयोध्या फैसले के बाद हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के विरुद्ध इंदौर के एडवोकेट सुनील वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र याचिका भेजी। इसमें सुप्रीम कोर्ट की अवमानना व सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने की धाराओं में मामला दर्ज करने की गुहार की गई है। ओवैसी ने कोर्ट के निर्णय के बाद प्रतिक्रिया में कहा था कि मुस्लिम समाज को खैरात में यह जमीन नहीं चाहिए। हिंदुस्तान का मुसलमान इतना गिरा हुआ नहीं है कि भीख में पांच एकड़ जमीन लेगा। एडवोकेट वर्मा ने कहा कि सोमवार को इंदौर कोर्ट में निजी परिवाद दायर करेंगे।

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कमिश्नर और कलेक्टर ने अफसरों के बनाए वाट्सएप ग्रुप, इसी से रखी सभी जगह नजर

भास्कर संवाददाता | इंदौर

अयोध्या फैसले के पहले और बाद में शहर और जिले में शांति रही। संभाग के छह जिले संवेदनशील थे। कमिश्नर आकाश त्रिपाठी और एडीजी वरुण कपूर ने पहले से ही मॉनिटरिंग शुरू कर दी थी। कमिश्नर ने कलेक्टर और एसपी से लगातार संपर्क के लिए वाट्सएप ग्रुप बनाकर उन्हें लगातार संदेश देना शुरू कर दिया था। कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने मैदान में किसी भी तरह समन्वय की कमी नहीं हो, इसके लिए सभी एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार के लिए वाट्सएप ग्रुप बनाए। पुलिस अधिकारियों और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के भी अलग ग्रुप बना दिए। सभी एसडीएम से भी उनके क्षेत्र से संबंधित पुलिस व अन्य विभाग के अधिकारियों के अलग ग्रुप बनवाए।

कलेक्टर ने बताया फैसले के काफी पहले ही विविध मुद्दोें को लेकर धारा 144 लगा दी थी। जिला शांति समिति की बैठक करने के साथ ही सभी एसडीएम ने फैसले के पहले से ही अपने थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकें कर ली थीं और सभी को निर्देश थे कि इन बैठकों में क्षेत्र के सभी प्रमुख लोगों, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों को साथ लेकर चला जाए। फैसले वाले दिन अपर कलेक्टर अजय देव शर्मा ने मुख्य तौर पर संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया वहीं सबसे ज्यादा थाना क्षेत्रों के एसडीएम राकेश शर्मा के साथ, संवेदनशील थाना क्षेत्र के एसडीएम सोहन कनाश, चंदननगर थाना क्षेत्र के एसडीएम रवि कुमार सिंह आदि एसडीएम ने लगातार 24-24 घंटे ड्यूटी कर क्षेत्रों में नजर रखी।

अयोध्या फैसले से पहले की रात से अगली रात तक लगातार मैदान में रहे प्रशासन और पुलिस के अधिकारी

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