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राजनीतिक बैकग्राउंड, आरएसएस से नजदीकी का डॉ. सुमेरसिंह को लाभ, भाजपा ने बनाया राज्यसभा प्रत्याशी

एक वर्ष पहले
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भाजपा ने राज्यसभा सदस्य के लिए गुरुवार को ठान निवासी डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी को प्रत्याशी बनाया है। डॉ. सोलंकी शहीद भीमा नायक पीजी कॉलेज में इतिहास के सहायक प्राध्यापक हैं। प्रदेश में पॉलीटिकल ड्रामे के बीच आदिवासी समाज संगठन के सदस्यों ने गजानंद ब्राह्मणे को राज्यसभा सदस्य बनाने की मांग की है। इसको लेकर समस्त आदिवासी समाज संगठन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार दर्शिका मोयदे को आवेदन दिया है।

जानकारी अनुसार वनवासी कल्याण परिषद, जनजाति विकास मंच के राष्ट्रीय संयोजक हर्ष चौहान ने भी दावेदारी पेश की थी लेकिन पार्टी ने डॉ. सोलंकी को टिकट दिया है। 45 वर्षीय डॉ. सोलंकी बारेला जाति से हैं। पिता अमरसिंह सोलंकी जनसंघ से जुड़े थे। मां बाटलीबाई 1994-95 में जनपद सदस्य थीं। वे पाटी तहसील के ग्राम ठान में कृषि करते हैं। टिकट मिलने पर डॉ. सोलंकी ने कहा- पश्चिमी मप्र में जनजाति क्षेत्र से एक प्रतिनिधि लेना था। जातिगत समीकरण, शिक्षित व समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी रहने के कारण भी टिकट मिलने की संभावना जताई। वे बचपन से ही आरएसएस से जुड़े हैं। इतिहास विषय में पीएचडी की है। वे पूर्व सांसद मकनसिंह सोलंकी के भतीजे हैं। लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने दावेदारी पेश की थी लेकिन पार्टी ने गजेंद्रसिंह पटेल को टिकट दिया था। टिकट मिलने पर डॉ. सोलंकी ने कहा कि यह केंद्रीय व प्रदेश संगठन का निर्णय है। प्रदेश में सियासी उठापटक व विधायकों के बिखराव के बीच कैसे राज्यसभा पहुंचेंगे इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं केंद्रीय व प्रांतीय संगठन से मार्गदर्शन लेकर काम करूंगा। अभी तक मैं शिक्षक था। मार्गदर्शन लेने के बाद ही राजनीति को समझ पाऊंगा। शुक्रवार को वे नामांकन दाखिल करेंगे।

प्रोफाइल : डॉ. सोलंकी


{ठान, पाटी, सिलावद से प्राइमरी से हायर सेकंडरी तक शिक्षा प्राप्त की।

{पीजी कॉलेज बड़वानी से उच्च शिक्षा प्राप्त की।

{अटल बिहारी वाजपेयी कला एवं वाणिज्य स्नातकोत्तर कॉलेज इंदौर से इतिहास में पीएचडी की।

{2005 में सहायक प्राध्यापक पद नीलकंठेश्वर कॉलेज खंडवा में नियुक्ति।

{2007 से पीजी कॉलेज में पदस्थ।

{1994 से 2004 तक प्रायमरी, मिडिल, हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षक का दायित्व निभाया।

{1996 में शिक्षाकर्मी वर्ग 3 और 1998 में शिक्षाकर्मी वर्ग 2 पर नियुक्ति हुई थी।

{आरएसएस में इतिहास संकलन योजना का मालवा प्रांत का महामंत्री रहे।

{रासेयो के जिला संगठक है।

{6 साल में 240 गांवों में जागरुकता शिविर आयोजित किए।

{500 से ज्यादा गांवों में स्वच्छता अभियान के लिए स्वच्छता दूत नियुक्त किए।

{स्कूल चलें हम अभियान व स्वीप गतिविधियों का जिले में बारेली बोली में संचालन किया।

{डॉ. सोलंकी मां नर्मदा स्वच्छता सेवा अभियान, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, नशामुक्ति, पल्स पोलियाे, आपदा प्रबंधन आदि अिभयानों से भी जुड़े रहे।

सीढ़ियों पर मत्था टेक नमन कर पीजी कॉलेज से ली विदाई, घर पर बेटी ने लगाया तिलक


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह पर डॉ. सोलंकी ने कॉलेज की सीढ़ियों पर मत्था टेका। कुछ देर कॉलेज भवन निहारा। इसके बाद जिलाध्यक्ष सोनी व कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा कार्यालय रवाना हाे गए। भाजपा कार्यालय पहुंचने पर उन्होंने कार्यालय के बाहर मत्था टेका। इसके बाद भीतर गए। प्रत्याशी की घोषणा के बाद डॉ. सोलंकी, भाजपा जिलाध्यक्ष ओम सोनी व कार्यकर्ताओं के साथ पीजी कॉलेज पहुंचे। यहां प्राचार्य व प्राध्यापकों से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया। इस्तीफा देकर वे भाजपा कार्यालय गए। कुछ देर कार्यालय में रुकने के बाद घर के लिए रवाना हो गए। घर पहुंचने पर बेटी पल्लवी सोलंकी ने उन्हें तिलक लगाया। इस दौरान उनकी प|ी मंजुला सोलंकी व बेटा उज्जवल सोलंकी सहित कार्यकर्ता मौजूद थे।


आदिवासी समाज संगठन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को दिया आवेदन, कहा- 30 साल से समाज का नेतृत्व कर रहे गजानंद ब्राह्मणे

कॉलेज की सीढ़ियों पर मत्था टेकते डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी।

सामाजिक आधार पर राज्यसभा सदस्य बनाने की मांग

आदिवासी समाज संगठन की सीमा वास्कले ने बताया जनगणना 2011 के अनुसार मप्र में आदिवासियों की संख्या भारत 21.10 फीसदी है। आजादी के 70 साल बाद भी आदिवासियों के संरक्षण व विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए संसद के उच्च सदन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। आदिवासी समाज की परिवर्तनशील सोच के कारण ही सत्ता परिवर्तन हुआ है। गजानंद ब्राह्मणे 30 साल से समाज के लिए जन आंदोलन, कार्यक्रमों, सभा, रैली व धरना के माध्यम से नेतृत्व कर रहे हैं। ब्राह्मणे को राज्यसभा में नामांकित करने में अनदेखी की तो पंचायत चुनाव में खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। संगीता बरडे, अनिल सस्त्या, उतेश सोलंकी, दिलीप पटेल आदि मौजूद थे।

सर ने फोन पर कहा टीवी देखाे

डॉ. सोलंकी की प|ी मंजुला सोलंकी ने बताया दोपहर 1 बजे सर (डॉ. सोलंकी) ने फोन कर कहा कि टीवी देखा। टीवी चालू कर देखा तो सर का राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाने की खबर चल रही थी। इस दौरान मंजुला सोलंकी भोजन बनाने में लगी थी। वहीं उनकी बेटी पल्लवी व बेटा उज्जवल घर पर ही थी। कार्यकर्ताओं के साथ डॉ. सोलंकी के घर पहुंचने पर परिजनों ने टीका लगाकर स्वागत किया।

बेटी पल्लवी से तिलक लगवाने के बाद परिवार के साथ डॉ. सोलंकी।
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