- Hindi News
- National
- Mhow News Mp News Potato Chips Factory Flowing White And Foamy Water On The Waste Neuguradia Bridge In The River
आलू-चिप्स कारखाने नदी में बहा रहे अपशिष्ट नेऊगुराड़िया पुल पर सफेद व झागदार हुअा पानी
ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनने से ग्रामीणों को इस साल भी मिलेगा प्रदूषित पानी
काेदरिया में इस बार फिर अालू-चिप्स कारखाने संचालित हाे रहे हैं। पिछले तीन सालाें से लगातार कारखानाें से निकलने वाले अपशिष्ट काे ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर नष्ट करने की बातें हाेती रही है। लेकिन इस साल भी ट्रीटमेंट प्लांट शुरू नहीं हाे सका है। जिसके चलते कारखाना संचालक अपना अपशिष्ट नदियाें में बहा रहा है। जिससे गुजरखेड़ा, नेऊगुराड़िया, काेदरिया अादि क्षेत्र के जलस्रोत प्रदूषित हाे रहे हैं। इसी काे लेकर अब रंगपंचमी के बाद काेदरिया पंचायत व चिप्स एसाेसिएशन द्वारा बैंक खाता खुलवाकर उसमें ट्रीटमेंट प्लांट के लिए राशि डालने की बात हाे रही है। जिसके चलते इस साल भी ग्रामीणाें काे प्रदूषित पानी से हाेने वाली समस्या से जूझना पड़ेगा।
काेदरिया में हर बार की तरह सैकड़ाें की संख्या में अालू-चिप्स के कारखाने संचालित हाे रहे हैं।
इन कारखानाें से निकलने वाले अपशिष्ट काे संचालक नष्ट करने की बजाय सीधे अासपास की नदी व जलस्रोत में बहा रहे हैं। गुजरखेड़ा, काेदरिया, नेऊगुराड़िया अादि क्षेत्र में जलस्रोत, नदियां, नाले अादि प्रदूषित हाे रहे हैं। अपशिष्ट के चलते इनका पानी काला ताे कहीं सफेद व झागदार हाे गया है। पानी प्रदूषित हाेने से जहां मछलियां मर रही है। अाबादी काे भी बीमारी फैलने का अंदेशा बढ़ रहा है। गुजरखेड़ा के रहवासियाें ने प्रशासनिक अधिकारियाें काे शिकायत भी की है।
प्रदूषित पानी से कई बीमारियों का खतरा
अपशिष्ट बहाने से अासपास के जलस्रोत प्रदूषित हाे रहे हैं। प्रदूषित पानी से मलेरिया, डिहाइड्रेशन, कंजेक्टिवाइटिस, सांस लेने की परेशानी, स्किन एलर्जी व कैंसर जैसी बीमारी का खतरा है। अपशिष्ट से दस से ज्यादा गांवाें की 25 हजार अाबादी परेशान हो रही है। गुजरखेड़ा पुल पर नदी का पानी काला हाे गया है। वहीं नेऊगुराड़िया में पुल पर पानी सफेद व झागदार हाे गया है।
पिछले साल कहा था ट्रीटमेंट प्लांट बनाएंगे
पिछले साल यहां पर अपशिष्ट बहाने से प्रदूषित हाे रहे जलस्रोत की समस्या काे लेकर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियाें ने चिप्स कारखाना संचालक, काेदरिया पंचायत व जनपद विभाग के अधिकारियाें की संयुक्त बैठक कर यह निर्णय लिया था की कारखाना संचालक ट्रीटमेंट प्लांट के लिए राशि एकत्रित करेंगे। लेकिन सालभर बीत गया पर कुछ नहीं हुअा। इस साल फिर कारखाने शुरू हाे गए। लेकिन अब तक राशि एकत्रित नहीं हाे सकी। इस बारे में काेदरिया सरपंच अनुराधा जाेशी का कहना है कि कुछ दिन पूर्व ही जनपद कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियाें, चिप्स कारखाना संचालक अादि की बैठक हुई। इसमें कारखाना संचालकाें ने रंगपंचमी के बाद राशि देने की बात कही है। जिसके चलते अब जैसे ही वह राशि देंगे उसके बाद काेदरिया पंचायत व चिप्स एसाेसिएशन के नाम से संयुक्त बैंक खाता खुलवाकर राशि जमा कर दी जाएगी। जिसके बाद ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की याेजना पर काम शुरू हाेगा।