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गेर की तैयारी, कलेक्टर आज शाम समितियों से करेंगे बात, इधर... कोरोना के कारण फागयात्रा की निरस्त
रंगपंचमी पर शहर में निकलने वाली एेतिहासिक गेर की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कलेक्टर गुरुवार शाम 5 बजे गेर के आयोजकों के साथ बैठक करेंगे। गेर पूरे उल्लास और उत्साह के साथ निकले और साथ ही किसी तरह के संक्रमण का खतरा न हो इस पर बात की जाएगी।
गेर निकालने में प्रशासन भी सहयोग करेगा। वहीं जो समिति और संस्थाएं गेर निकालती हैं उन्होंने बुधवार को इसे
लेकर बैठक की और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी।
मिसाइलों से 50 फीट ऊपर तक उड़ाएंगे रंग
टोरी कॉर्नर रंगपंचमी महोत्सव समिति सुबह 10.30 बजे गेर का आयोजन किया जाएगा। समिति के आयोजक शेखर गिरि ने बताया इसमें बोरिंग मशीन से एक स्वचलित रंग उड़ाने वाली मिसाइल बनाई गई है। इसके अलावा तीन ट्राले पर आईआईटी के छात्र-छात्राओं का समूह रहेगा। गेर में रंगीन आतिशबाजी भी की जाएगी। एक डीजे गाड़ी भी इसमें शामिल रहेगी। चार ट्रैक्टर ट्रॉली भी गेर में शामिल होगी, जिसमें कि कोठियों मे भरकर रंग लाया जाएगा। इस रंग को पिचकारियों से लोगाें पर उड़ाया जाएगा। तीन टैंकर रहेंगे जो कि डीजल पंप द्वारा लगभग 50 फीट उंचाई तक रंग फेंका जाएगा। एक ट्राले पर मुंबई के कुछ कलाकार आकर्षक नृत्यों की प्रस्तुति देते हुए चलेंगे।
पुलिस अधिकारियों ने दूसरे दिन खेली होली, डीआईजी भी शामिल
महाराष्ट्र चर्मकार समाज के गमी वाले परिवारों पर डाला गुलाल
सिंधी समाज के गमी वाले परिवार के लोगों को लगाया चंदन का टीका
नवरंगी गुलाल में दिखेगा श्रीनाथजी का विग्रह
हिंद रक्षक संगठन द्वारा राधा-कृष्ण फाग यात्रा के नाम से गेर निकाली जाएगी। यह नृसिंह बाजार से सुबह 10 बजे शुरू होगी। अध्यक्ष राजसिंह गौड़ ने बताया इसमें विशेष आकर्षण 20 फीट ऊंचा भगवान श्रीनाथजी का विग्रह, नवरंगी गुलाल उड़ाते हुए दिखेगा। साथ ही वेल्लूर के महालक्ष्मी मंदिर की प्रतिकृति में राधा-कृष्ण की मूर्ति विराजित रहेगी। इसे हजारों महिलाएं खींचते हुए चलेंगी। इसके अलावा 101 युवकाें की ध्वज वाहिनी रहेगी। मारवाड़ी चंग पार्टी भी यात्रा में शामिल रहेगी।
राधा कृष्ण रासरंग फागयात्रा कर दी निरस्त
उधर, बाणगंगा क्षेत्र की 14 मार्च को रंगपंचमी पर निकलने वाली राधा कृष्ण रासरंग फाग यात्रा इस बार कोरोना वायरस फैलने की आशंका और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वयं होली नहीं मनाने व केंद्र सरकार द्वारा भीड़ से बचने की एडवाइजरी जारी करने के कारण निरस्त
करने का निर्णय लिया गया है। यात्रा संयोजक गोलू शुक्ला ने बताया 14 वर्षों से यह फागयात्रा लगातार निकाली जा रही थी। इस
बार परिस्थितियों को देखते हुए इसे निरस्त किया गया है।
सद्भावना गेर में बरसाना की लट्ठमार होली
संस्था सृजन द्वारा संगम काॅर्नर चल समारोह समिति की सद्भावना गेर का इस बा खास आकर्षण बरसाना की लट्ठ मार होली रहेगी। भगवान राधा-कृष्ण की जोड़ी रासरंग करेगी। बांके बिहारी का ढोल आकर्षण का केंद्र रहेगा। सद्भावना से ओतप्रोत हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई युवाओं की टोली देशभक्ति के तरानों पर भांगड़ा करती चलेगी। संस्था के अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि आठ हजार किलो टेसू के फूलों से बनी गुलाल से मिसाइलों द्वारा राजबाड़ा पर तिरंगा बनाया जाएगा। पृथ्वी मिसाइल द्वारा जनता का सुगंधित गुलाल से स्वागत किया जाएगा। अग्नि मिसाइल से फूलों की पंखुड़ियों से लोगों का स्वागत करेंगे।
गेर में संक्रमण का खतरा न हो इस पर करेंगे चर्चा
गेर नहीं निकाले जाने को लेकर शासन स्तर से प्रशासन को किसी तरह के निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं, लेकिन कलेक्टर लोकेशकुमार जाटव गुरुवार शाम 5 बजे गेर के आयोजकों के साथ बैठक करेंगे। गेर पूरे उल्लास और उत्साह के साथ निकले और साथ ही किसी तरह के संक्रमण का खतरा भी न हो इस पर बात की जाएगी।
पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों ने बुधवार को एक दिन बाद होली मनाई। शहर के सभी थानों में ढोल-धमाके सुनाई दिए। पुलिसकर्मियों ने पहले थाना स्टाफ के साथ, फिर डीआरपी लाइन में होली मनाई। डीआईजी रुचिवर्धन मिश्र भी पुलिस परिवार के बीच पहुंचीं। उन्होंने महिला पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के साथ होली खेली। डीआईजी सहित एसपी पश्चिम महेशचंद्र जैन, एएसपी शशिकांत कनकने, एएसपी राजेश व्यास, मनीष खत्री व कई थाना प्रभारियों ने जमकर डांस किया। टीआई एमआईजी इंद्रेश त्रिपाठी और कनाड़िया टीआई आरडी कानवा भी मौजूद थे।
समाजजनों को गमी वाले घरों में अलग-अलग जाकर रंग डालना नहीं पड़े, इसी को ध्यान में रखकर श्री महाराष्ट्र चर्मकार समाज की कार्यकारिणी द्वारा समाज के सभी परिवारों को हरसिद्धि मच्छी बाजार स्थित समाज भवन में आमंत्रित किया गया। यहीं पर उन परिवारों को भी आमंत्रित किया गया, जिनके यहां गमी हुई थी। सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक समाज के अन्य सभी सदस्यों द्वारा उन परिवारों को रंग-गुलाल डाला गया। फिर होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें पूरे समाज के परिवार के सदस्य एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर बधाइयां देते हैं।
सिंधी समाज में गमी वाले परिवारों को धुलेंडी पर गुलाल का प्रतीकात्मक टीका लगाने की परंपरा है। नरेश फुंदवानी ने बताया धुलेंडी के दिन सुबह 9 से 10 बजे तक समाज के सभी गमी हुए परिवारों को एक ही स्थान पर आकर बैठने का आग्रह किया था। इसमें
पुरुषों के लिए साधु वासवानी उद्यान व महिलाओं के लिए स्वामी प्रीतमदास
सभागृह में स्थान तय किया गया था। इसमें करीब 50 गमी वाले परिवार एकत्र हुए। समाज के लोगों ने कोरोना वायरस को देखते हुए इस बार गमी वाले परिवारों को गुलाल की जगह चंदन का टीका लगाया।