किसानों को महंगे मोल की मशीन थोपने की तैयारी

News - डीबी स्टार

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 07:15 AM IST
Bhopal News - mp news preparations to impose expensive mole machine to farmers
डीबी स्टार
राज्य सरकार ने निजी क्षेत्रों में कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित करने के लिए मशीन क्रय करने पर 40 फीसदी सब्सिडी देने की घोषणा की है। आवेदन करने वाले किसानों के लिए जारी आदेश में तीन तरह की मशीन खरीदने की बात कही गई। इसमें अ श्रेणी में एक ट्रैक्टर, एक प्लाऊ, एक रोटाेवेटर, एक कल्टीवेटर या डिस्क हैरो, एक सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल अथवा जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, एक ट्रैक्टर चलित थ्रेसर अथवा स्ट्रारीपर और एक रेज्ड बेड प्लांटर अथवा राइस प्लांटर खरीदना अनिवार्य किया गया है। गड़बड़ी ब श्रेणी की मशीनों में हुई। किसानों का आरोप है कि उन्हें जब पहले आदेश मिला तो उसमें स्पष्ट लिखा था कि ब श्रेणी में एक ट्रैक्टर चलित क्लीनिंग ग्रेडिंग प्लांट या फिर एक डि स्टोनर खरीदा जाए। लेकिन यह वैकल्पिक थे। आदेश में स्पष्ट था कि ब श्रेणी की मशीनें किसान नहीं खरीदना चाहता है तो उसे शासन से अनुमति लेना होगी। इस स्कीम में एक जिले के पांच-पांच किसानों को चयनित किया जाना है। आदेश जारी होने के बाद किसानों ने आवेदन के साथ प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करवा दी।

लेकिन जिन किसानों का लॉटरी के जरिए चयन हुआ, उन पर बाद में दबाव बनाया गया कि वे ब श्रेणी में शामिल दोनों मशीनें खरीदें। जिन किसानों ने मशीन खरीदने से इंकार कर दिया, उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए। परेशान किसान अफसर के पास गए ताे उन्हें जवाब मिला कि मशीन तो खरीदनी ही पड़ेंगी। जिन किसानों ने मना किया, उन्हें कंपनी की तरफ से दबाव बनाने के लिए कॉल आने लगे कि मशीन खरीदें। किसानों का कहना है कि इन मशीनों की उन्हें जरूरत नहीं है तो क्याें खरीदें? इससे उनकी सब्सिडी का नुकसान भी होगा। किसानों ने कृषि मंत्री से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताई। मंत्री ने इस मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
टीमें बनाई हैं

मुझे किसानों ने लिखित शिकायत की है। मैंने संबंधित अफसरों काे मामले की जांच करने के लिए कहा है। जांच के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सचिन यादव, कृषि मंत्री, मध्यप्रदेश

कथनी-करनी में अंतर

स्कीम के तहत जिन मशीनों को वैकल्पिक बताया गया, अब उन्हें खरीदने के लिए जबरन दबाव बनाया जा रहा है, जबकि ये मशीनें किसानों के काम की नहीं हैं। हमने मंत्री को शिकायत की है। यदि अनावश्यक मशीन खरीदनी पड़ी तो फिर सब्सिडी का कोई लाभ नहीं होगा। नेहा रघुवंशी- विदिशा, रामप्रसाद दांगी- ब्यावरा, जीतेंद्र मीणा- श्यामपुर, जसवंत राजपूत- भोपाल, योगेंद्र शाक्य- विदिशा, सभी किसानों का लॉटरी से चयन हुअा है

X
Bhopal News - mp news preparations to impose expensive mole machine to farmers
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना