पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

PWD के रेस्टहाउस अब होंगे पर्यटन के हवाले**

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

प्रदेश सरकार ने स्टेट और नेशनल हाइवे के नजदीक बने पीडब्ल्यूडी के विश्रामगृह और सर्किट हाउस को पर्यटन विभाग के सुपुर्द करने की कवायद शुरू कर दी है।

यशंवतसागर, सिमरोल, खुड़ैल और माचल के विश्रामगृह सहित प्रदेश के सौ से ज्यादा विश्रामगृहों की सूची बनाई गई है। करीब 60 विश्रामगृहों को पर्यटन विभाग को देने के लिए उपयुक्त माना गया है। इनमें से 40 विश्रामगृह और सर्किट हाउस को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर निजी निवेश से संवारने की शुरुआत कर दी गई है।

भवनों के मूल स्वरूप में परिवर्तन किए बिना उन्हें रिनोवेट किया जाएगा। ये विश्रामगृह 30 वर्ष के लिए लीज पर दिए जाएंगे। लीज में विश्रामगृह भवन के साथ आसपास की जमीन भी शामिल होगी। आसपास की खाली जमीन पर पौधारोपण किया जाएगा।

Sunday special

खुड़ैल स्थित विश्रामगृह

इसलिए दिए जा रहे हैं पर्यटन विभाग को

पीडब्ल्यूडी के पास प्रदेशभर में ऐसे सैकड़ों विश्रामगृह और सर्किट हाउस हैं, जिनका उपयोग नहीं हो रहा है। इंदौर के पास सिमरोल, खुड़ैल और माचल स्थित विश्रामगृह लंबे समय से बंद हैं। यही स्थिति प्रदेश के अन्य विश्रामगृहों की भी है। इसलिए शासन ने निजी राशि से इन्हें विकसित कर लीज पर देने का निर्णय लिया। इससे उसे राजस्व मिलेगा और पर्यटकों को सुविधा। प्रदेशभर के विश्रामगृहों की सूची तैयार कराई गई है। इनमें से यशवंतसागर के विश्रामगृह सहित अमरकंटक, रामपुर, बघेलान, चित्रकूट, मझौली, ताला, बंधकपुर, खर्राघाट, भीमकुंड, सागर ढाना, रहली, सतवास, मोरवान, सोहागपुर चोपना, शाहपुर, बम्होरी, ढेकना, बरेली, चंदेरी, मालनपुर, खटकिया, मकसूदनगढ़, सबलगढ़, गोरस, सुभाषपुरा, राजगढ़, मोतीपुरा, असीरगढ़, सेंधवा, मेघनगर, थांदला, बड़वाह, और धामनोद सहित 40 विश्रामगृहों को लीज पर देने की तैयारी है।

प्रमुख मार्गों के विश्रामगृहों की सूची मांगी थी

शासन ने प्रमुख मार्गों के आसपास स्थित विश्रामगृहों की सूची मांगी थी। हमने सिमरोल, माचल और खुड़ैल सहित अन्य विश्रामगृहों की सूची भेज दी। यह विश्रामगृह पर्यटन विभाग को सौंपने की तैयारी है।

राजेंद्र जोशी, एक्जीक्यूटिव
इंजीनियर पीडब्ल्यूडी

30 साल की लीज पर
देंगे विश्रामगृह

शासन ने पीडब्ल्यूडी के विश्रामगृह और सर्किट हाउस को पर्यटन विभाग के माध्यम से विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत यशंवतसागर, धामनोद और बड़वाह सहित प्रदेश के चुनिंदा विश्रामगृहों को लीज पर देने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

एस यादव, एक्जीक्यूटिव इंजी. पर्यटन विभाग

प्रदेश में आने वाले सैलानियों को बेहतर आवास सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पर्यटन विभाग पीपीपी मोड पर पीडब्ल्यूडी के विश्रामगृहों को रेनोवेट कर रहा है। इंदौर के यशंवतसागर विश्रामगृह को भी योजना में शामिल किया गया है। इसके बाद सिमरोल, खुड़ैल और माचल के विश्रामगृह भी पर्यटन विभाग को सौंपे जाएंगे।

प्रदेशभर में विश्रामगृह और सर्किट हाउस का पीपीपी मोड पर किया जा रहा है रेनोवेशन**
खबरें और भी हैं...