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टाइगर के दखल से रुका समसगढ़ चौकी का संचालन
रातीबड़ थाने से 8 किमी दूर चौकी का लोगों को नहीं मिल रहा फायदा
रातीबड़ थाना क्षेत्र में बनी समसगढ़ चौकी को बने करीब ढाई साल बीत गए, लेकिन इस क्षेत्र में बढ़े टाइगर मूवमेंट के कारण चौकी का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है। दो साल पहले इस क्षेत्र को टाइगर रिजर्व क्षेत्र घोषित कर दिया गया था। यही वजह है कि 23 लाख खर्च करने और पांच एकड़ जमीन होने के बाद भी पुलिस यहां आम आदमी की सुविधा के लिए काम शुरू नहीं कर पा रही है। ये चौकी थाने से करीब 8 किमी दूर है। यदि कोई घटना होती है तो पुलिस को पहुंचने में भी काफी वक्त लग जाता है।
अस्पतालों ने दिया एक-एक कमरा
इन 28 में से तीन चौकियां एम्स अस्पताल, जेपी अस्पताल और हमीदिया अस्पताल में भी हैं। लेकिन ये तीनों चौकियां एक-एक कमरे में ही संचालित हो पा रही हैं। इतना दायरा स्टाफ के बैठने और बंदियों को रखने के लिए नाकाफी साबित हो रहा है। एम्स प्रबंधन ने पुलिस चौकी के लिए 1500 वर्ग मीटर अस्थायी जमीन पुलिस को दी है। अस्थायी जमीन होने के कारण ही पुलिस इस पर भवन नहीं बनवा पा रही है।
कोलार थाने का दायरा 80 वर्ग किमी
कोलार में बढ़ते रहवासी क्षेत्र और अपराध को कम करने के लिए नया ग्रामीण थाना खोलने की अनुशंसा को सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। इसे कजलीखेड़ा नाम दिया जाएगा। कोलार थाने का दायरा 80 वर्ग किमी का है। नए थाने के लिए उस क्षेत्र में 200 से ज्यादा अपराध जरूरी हैं और जनसंख्या 50 हजार होनी चाहिए। कजलीखेड़ा क्षेत्र में जनसंख्या तय पैमाने से ज्यादा है और अपराधों की संख्या भी करीब 225 तक जा पहुंची है।
स्वीकृत हैं चाैकियां....भोपाल जिले में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए थानों के अलावा 28 चौकियां भी स्वीकृत की गई हैं। इनमें से समसगढ़ के पास पांच एकड़ और केरवा चौकी के पास दो एकड़ जमीन है। 26 चौकियां ऐसी हैं जो किराए की जमीन पर संचालित की जा रही हैं।
शहर की 26 चौकियां अभी भी हैं बेजमीन
कोकता, आनंद नगर, चार इमली, जेपी अस्पताल, एम्स अस्पताल, हमीदिया अस्पताल, भदभदा रोड, बरखेड़ी, लक्ष्मीगंज, औद्योगिक क्षेत्र, मिसरोद, समरधा, अदालत परिसर, शबरी नगर, राजहर्ष कॉलोनी, चौकी चौक, इमामबाड़ा, तलैया, विजय नगर लालघाटी, ईदगाह हिल्स, वक्फ बोर्ड, इंद्रा नगर, विमानतल, ललरिया, रुनाहा जोड़, कृषि उपज मंडी।