हैंडपंप के पानी से स्कूली बच्चों को टांसिल
किल्लौद ब्लाक के ग्राम बोरखेड़ा कला के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल के अधिकांश बच्चों में अचानक टांसिल की बीमारी फैल गई। केवल बच्चे ही नहीं शिक्षक को भी यही शिकायत हुई। प्रधान पाठक ने अपने अफसरों और ग्रामीणों ने कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने तत्काल डीपीसी को निर्देश दिए कि डॉक्टर को लेकर पहुंचें और बच्चों की इलाज कराएं। डीपीसी रविवार को अवकाश के बावजूद डॉक्टर के साथ स्कूल पहुंचे। बच्चों को घरों से बुलाकर इलाज किया गया। यह बीमारी स्कूल के हैंडपंप का पानी पीने से होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रधान पाठक संजय तिवारी ने बताया प्राथमिक में 44 व माध्यमिक में 23 बच्चे दर्ज हैं। इनमें से अधिकांश ने गले में दर्द की शिकायत की थी। 2 दिन बाद मुझे भी यही शिकायत हुई। डीईओ व डीसीपी को इससे अवगत कराया गया। इधर ग्रामीणों ने कलेक्टर को भी सूचित कर दिया। ्््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््कलेक्टर ने डीपीसी संजीव मंडलोई को तत्काल डॉक्टर को लेकर स्कूल पहुंचने के निर्देश दिए। मंडलोई रविवार को डॉ. शहजाद अंसारी को लेकर सुबह 10 बजे बोरखेड़ा स्कूल पहुंच गए। शिक्षक को सूचित कर दिया गया था। उन्होंने सभी बच्चों को स्कूल बुलवाया। जांच में 14 बच्चों को यह बीमारी पाई गई। उन्हें तीन दिन का इलाज दिया गया। तीन दिन में सुधार नहीं हो तो परिजन को मूंदी या खंडवा अस्पताल ले जाने को कहा गया। डॉ. अंसारी ने बताया यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है। पानी की गड़बड़ी से हो जाता है। इससे चिंता की जरूरत नहीं है।
परिजन ने बच्चों को पट्टी लगा दी।