रिजल्ट के एक माह बाद भी नहीं सीटों का खुलासा**
डीएवीवी की पीएचडी प्रवेश परीक्षा हुए तीन माह बीत गए हैं। एक माह पहले रिजल्ट भी घोषित हो गया है, लेकिन यूनिवर्सिटी ने अभी तक गाइड और सीटों को लेकर स्थिति साफ नहीं की है।
डीएवीवी ने कुछ दिन पहले गाइड की सूची जारी की थी, लेकिन उसमें केवल गाइड के नाम थे। उनके पास कितनी सीटें खाली हैं, इसका जिक्र नहीं था। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने वेबसाइट पर नोटिफिकेशन जारी कर उपलब्ध सीटों का ब्योरा देने को कहा, लेकिन अभी तक 40 से ज्यादा विषयों में सीटों की स्थिति साफ नहीं हुई है।
आंबेडकर यूनिवर्सिटी के कई विद्यार्थियों को डीएवीवी ट्रांसफर किया गया। यूनिवर्सिटी ने उन्हें रजिस्टर्ड तो कर लिया, लेकिन गाइड नहीं दे सकी। इसीलिए लॉ, सोशल साइंस और एजुकेशन के कई विद्यार्थी डीएवीवी भेजे गए। उन्हें गाइड मिल गए, लेकिन उनकी आरडीसी भी बाकी स्टूडेंट के साथ ही होना है। डीएवीवी की स्थिति साफ नहीं होेने से वे ज्यादा परेशान हो गए हैं।
देर से शुरू हो पाएगी पीएचडी
गाइड और सीटों का आंकड़ा सामने आने पर यूनिवर्सिटी विषयवार क्वालिफाइड अभ्यर्थियों के इंटरव्यू कराएगी। इससे पहले अभ्यर्थियों को गाइड की एनओसी भी लेना होगी। तब पास होने वाले अभ्यर्थियों की डीआरसी होगी। जहां विषय अलॉटमेंट के साथ रजिस्ट्रेशन होगा। तब अभ्यर्थी विषय पर अपना छह माह का कोर्स वर्क शुरू करेंगे। यदि मार्च में गाइड की स्थिति साफ होती है तो भी अप्रैल में शेड्यूल बन सकेगा। यानी पीएचडी मई से पहले होना मुश्किल है।
प्राइवेट कॉलेज कर रहे देर
अफसरों का कहना है कि यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट से तो गाइड और सीटों का डाटा आया है, लेकिन प्राइवेट कॉलेजों की फैकल्टी अपने पत्ते नहीं खोल रही है। इसलिए वेबसाइट पर सर्कुलर जारी होने के बाद भी डाटा जारी नहीं हुआ है। मैनेजमेंट और कॉमर्स में पर्याप्त गाइड हैं। दिक्कत मास कम्युनिकेशन जैसे विषयों की है, जहां गिनती के गाइड हैं। अभ्यर्थियों को यह पता चल जाए कि पत्रकारिता में कुल कितने गाइड हैं और उनके पास कितनी सीटें खाली हैं तो वे पहले गाइड से संपर्क कर उनकी एनओसी लेने की कोशिश करेंगे।
तीन-चार दिन में जारी कर देंगे
पीएचडी के लिए गाइड और सीटों की सूची एकेडेमिक सेक्शन में तैयार हो रही है। एकेडेमिक सेक्शन को कुछ विषयों की जानकारी दे दी है। जैसे-जैसे हमारे पास डाटा आ रहा है, हम भेज रहे हैं। तीन-चार दिन में पूरी अपडेट लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
विजयबाबू गुप्ता, प्रभारी अधिकारी, डीएवीवी