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कॉलेजों में मेधावी, स्कॉलरशिप और गांव की बेटी सहित सोलह सरकारी योजनाएं जारी रहेंगी
मेधावी छात्र योजना और गांव की बेटी सहित कॉलेजों में एडमिशन, फीस और स्कॉलरशिप से जुड़ी 16 सरकारी योजनाएं बंद नहीं होंगी। ये सत्र 2020-21 में भी जारी रहेंगी। इस संबंध में प्रदेश सरकार ने आदेश जारी कर दिए हैं।
पहले कहा जा रहा था कि आधी योजनाएं बंद कर दी जाएंगी, लेकिन अब छात्रों को बड़ी राहत मिली है। शासन ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और ड्रॉप आउट रेशो घटाने के लिए यह निर्णय लिया है। इंदौर में ही इन योजनाओं का फायदा 97 हजार से ज्यादा छात्रों को मिलेगा। मई से शुरू होने वाली एडमिशन प्रक्रिया से विद्यार्थी इसका फायदा उठा सकेंगे। शासन ने बाकायदा स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी योजना बंद नहीं होगी। न ही किसी योजना का बजट कम होगा। प्रोफेसर डॉ. छाया मिश्रा के अनुसार इस साल भी योजनाओं का फायदा विद्यार्थियों को मिलेगा। इनमें ज्यादातर योजना बेटियों के लिए हैं। वैसे भी आर्थिक तंगी के कारण ज्यादातर अभिभावक बेटियों को कॉलेज की पढ़ाई कराने से बचते हैं। इन्हीं योजनाओं के बूते पर उच्च शिक्षा में छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
97 हजार इंदौर के विद्यार्थियों को इन योजनाओं से मिलेगा फायदा
{ मेधावी छात्र योजना : जिन विद्यार्थियों को 12वीं में किसी भी विषय में 70 प्रतिशत अंक (एमपी बोर्ड) और सीबीएसई 12वीं परीक्षा में 85 प्रतिशत अंक मिलेंगे तो कॉलेज में मुफ्त प्रवेश मिलेगा। मुख्यमंत्री मेधावी योजना सभी कैटेगिरी के लिए है। इसमें कोई जातिगत बंधन नहीं है। सिर्फ परिवार की आमदनी 6 लाख रुपए सालाना से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
ये स्कीम भी शामिल
{ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग।
{ सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना।
{ विज्ञान व सामाजिक विषयों पर प्रवेश के लिए प्रोत्साहन योजना।
{ अल्पसंख्यक छात्रों की केंद्र सरकार की मदद से मिलने वाली छात्रवृति।
{ सेंट्रल सेक्टर योजना।
{ मुख्यमंत्री विद्यार्थी जनकल्याण के लिए योजना। { आवास योजना
{ दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए योजना।
{ मुफ्त स्टेशनरी और किताबों के लिए दी जाने वाली योजना।
{ गांव की बेटी : गांवों में रहने वाली बेटियों को 12वीं पास होने पर 5 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
{ विदेश में उच्च शिक्षा : इस योजना में अनारक्षित वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को एमबीए सहित तमाम पीजी कोर्स तथा पीएचडी के लिए 40 हजार डॉलर प्रति वर्ष (दो साल तक) दिए जाते हैं।
{ प्रतिभा किरण योजना : इस योजना में शहर के स्कूलों से प्रथम श्रेणी में 12वीं पास होने पर बीपीएल कार्डधारी छात्राओं को पांच हजार रुपए प्रोत्साहन राशि।
{ पोस्ट मेट्रिक छात्रवृति : इस योजना में अन्य पिछड़ा वर्ग, अनूसुचित जाति, जनजाति, विद्यार्थियों को होस्टल में 570 रुपए प्रतिमाह और अलग से रहने वालों को 300 रुपए दिए जाते हैं।
{ शोध छात्रवृति : इस याजना में अजा-जजा विद्यार्थियों को 16 हजार रुपए हर माह तीन साल तक मिलते हैं। यह चयनित छात्रों को ही दी जाती है।
अब कमजोर आर्थिक स्थिति वाली छात्राएं पढ़ाई से वंचित नहीं रहेंगी
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की डॉ. नेहा चौहान के मुताबिक, हमने गांवों में देखा है कि ज्यादातर छात्राएं कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण पढ़ाई से वंचित रह जाती हैं। इन योजनाओं में पीएससी की तैयारी तक शामिल है। इसलिए इनके जारी रहने का फायदा हजारों ग्रामीण छात्र-छात्राओं को मिलेगा। प्रिंसिपल डॉ. संगीता भारूका का कहना है कि 16 योजनाओं में एक भी ऐसी नहीं है, जो फायदेमंद नहीं हो। इस साल भी सारी योजनाएं जारी रहने से एडमिशन की संख्या घटने का अंदेशा खत्म हो गया है।