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सोलंकी के इस्तीफे पर दिनभर चली सरगर्मी

एक वर्ष पहले
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जंडेल के घर पहुंचे गाेविंद सिंह ने दिग्विजय से कराई बात


विधानसभा के तोड़ के लिए शिवराज के घर रणनीति

भोपाल | विधानसभा अध्यक्ष के एक-एक विधायक से अलग-अलग मिलने और समय बिताने की रणनीति ने भाजपा को भी सक्रिय कर दिया। पहले तो पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत बड़े नेता राज्यपाल से मिले और देर शाम पहले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के निवास पर एकत्रित हुए। यहां से वे शिवराज सिंह चौहान के निवास पहुंचे, जिसमें तोमर के साथ सिंधिया, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा और भूपेंद्र सिंह समेत प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा थे। चर्चा हुई कि जिस तरह विधानसभा अध्यक्ष समय बिता रहे हैं, इससे निपटने के लिए तमाम नियमों और प्रावधानों के साथ ही समय-समय पर निकले आदेशों का अध्ययन किया जाए। संघर्ष की पुख्ता कार्ययोजना बने। इसके बाद ही भाजपा अपने विधायकों के साथ सिंधिया समर्थकों को भोपाल लाए। हालांकि कुछ नेताओं ने कहा कि सिंधिया समर्थक विधायकों को एक साथ पेश किया जा सकता है तो इसके कानूनी पक्ष को भी देख लिया जाए। करीब चार घंटे चली बैठक में सभी ने कहा कि सिंधिया समर्थकों के इस्तीफे के बाद सरकार अल्पमत में आ गई है, लेकिन इसका कैसे और कहां पर इस्तेमाल किया जाए ताकि सरकार गिर सके, इसकाे टटोल लिया जाए।

श्योपुर | राजनीतिक उठापटक के बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों को जयपुर शिफ्ट कर दिया है लेकिन पिता के देहांत के कारण श्योपुर विधायक बाबूलाल जंडेल अभी श्योपुर में ही हैं। शुक्रवार को सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह और कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामनिवास रावत सोंठवा में जंडेल के यहां शोक जताने पहुंचे। इस दौरान मंत्री सिंह ने जंडेल की फोन पर दिग्विजय सिंह से बात कराई। दिग्वजय ने राजनीतिक हलचल का हवाला देते हुए जंडेल के घर न आ पाने पर खेद प्रकट किया। इस पर विधायक ने कहा कि मेरे यहां आने से पहले वो काम जरूरी है, मैं आपके साथ हूं। जंडेल के बारे में चर्चा है कि वह केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के संपर्क में हैं। पिछले दिनों श्योपुर दौरे के समय जंडेल और तोमर के बीच चर्चा हुई थी। हालांकि इस बीच जंडेल आरोप लगा चुके हैं कि एक बड़े नेता की ओर से उन्हें 37 करोड़ रुपए का ऑफर आया है।

भोपाल | राज्यसभा चुनाव में भाजपा के दूसरे प्रत्याशी सुमेर सिंह सोलंकी के सहायक प्राध्यापक पद से दिए गए इस्तीफे पर दिनभर सरगर्मी चलती रही। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने इस बारे में लगी याचिका पर निर्देश दिए कि उनके इस्तीफे पर शुक्रवार को ही निर्णय लिया जाए। इसके बाद शासन स्तर पर प्रक्रिया तेज हो गई। उच्च शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। कॉलेज प्राचार्य को दिए गए इस्तीफे और हाईकोर्ट के निर्देश को तत्काल अग्रेषित कर उच्च शिक्षा मंत्री के कार्यालय भेजा गया। आगे की कार्रवाई वहीं से होना है। राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने गुरुवार को ही ज्योतिरादित्य सिंधिया व सोलंकी के नाम घोषित किए थे। उन्होंने शुक्रवार को पर्चा दाखिल किया है। नामांकन पत्र की जांच 16 मार्च को होगी और नाम वापसी की आखिरी तारीख 18 मार्च है। गौरतलब है कि सोलंकी बड़वानी के शहीद भीमा नायक पीजी कॉलेज में इतिहास के सहायक प्राध्यापक हैं। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाया, उसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। भाजपा ने रंजना बघेल को डमी कैंडिडेट के रूप में नामांकन भरवाया है, ताकि कोई तकनीकी दिक्कत होने पर दूसरी सीट पर उसे प्रत्याशी की परेशानी न हो।

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