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अफसर और नेताओं से जुड़ी खबरों पर रोक लगाएं : याचिकाकर्तापहले यह बताओ आपको यह सब जानकारी कहां से मिली : कोर्ट

एक वर्ष पहले
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हनी ट्रैप से जुड़ी महिला आरोपियों से आईएएस अधिकारियों, नेताओं की बातचीत होने की जानकारी सोशल मीडिया पर प्रचारित होने के खिलाफ शुक्रवार को हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें मांग की गई है कि सोशल मीडिया पर बगैर सोचे-समझे महिला आरोपियों से बातचीत होने, फोटो पोस्ट किए जा रहे हैं। इन पर रोक लगाई जाना चाहिए। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछ लिया कि उन्हें यह जानकारी कहां से मिल रही है। अधिकारियों से बातचीत होने की पोस्ट उन्हें किस स्रोत से हासिल हुई है। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 16 मार्च को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर जानकारी देने के लिए कहा है। जस्टिस सतीशचंद्र शुक्ला, जस्टिस शैलेंद्र शुक्ला की खंडपीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई। याचिका किसी दिलीप मारण नामक व्यक्ति द्वारा दायर की गई है। उनकी तरफ से अधिवक्ता आदित्य चौधरी पैरवी कर रहे हैं। याचिका के साथ सबूत के रूप में कुछ पन्ने भी पेश किए गए हैं। इसमें अधिकारियों से श्वेता नामक महिला आरोपी से हुई बातचीत के प्रमाण पेश किए हैं। दावा किया है कि उन दोनों केे बीच हुई बातचीत को सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा है।

हाई कोर्ट में राज्य सरकार की पैरवी करने वाले सरकारी वकीलों का कार्यकाल 16 मार्च को समाप्त होने जा रहा है। अब कांग्रेस विधायक अाैर मंत्रियों के इस्तीफे की पेशकश के बाद कार्यकाल एक बार फिर बढ़ने के आसार हैं। मालूम हो, इन वकीलाें का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त होने पर विधि व विधायी विभाग ने 29 फरवरी तक बढ़ा दिया था। इसके बाद 29 फरवरी को भी नए सरकारी वकीलों की लिस्ट फाइनल नहीं हुई तो तारीख बढ़ाकर 16 मार्च कर दी।

सरकार के वकीलों का कार्यकाल बढ़ने के आसार

24 सप्ताह का हो चुका था गर्भ, हाई कोर्ट ने दिए गर्भपात करने के आदेश

हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक प्रसूता के 24 सप्ताह के गर्भ को गिराए जाने के आदेश जारी किए हैं। शारीरिक रूप से अविकसित गर्भ को गिराने से पहले हाई कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड के पास यह मामला भेजा था। इतने सप्ताह का गर्भ होने के बाद प्रसूता की जान को खतरा हो सकता था। मेडिकल बोर्ड द्वारा गर्भपात किए जाने की अनुशंसा के बाद कोर्ट ने यह फैसला लिया। अधिवक्ता अनुराग शुक्ला ने महिला की ओर से याचिका दायर की थी। याचिका के साथ सोनाेग्राफी रिपोर्ट भी पेश की गई थी।
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