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गुड़ी व खालवा के जंगलों का निरीक्षण कर डीएफओ ने ली बैठक, बोले- संदिग्ध गतिविधि दिखते ही सूचना दें
खंडवा वन मंडल के पश्चिम कालीभीत व गुड़ी वन परिक्षेत्र के जंगलों में बड़े स्तर पर सागौन कटाई तथा नवाड़ (खेती की जमीन) बनाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कुछ दिन में नए मामले सामने आने पर गुरुवार को डीएफओ ने दोनों क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने वन सुरक्षा समितियों व ग्रामीणों की बैठक लेकर विभाग का सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कोई भी अवैध या संदिग्ध गतिविधि की आशंका हो या सूचना मिलते ही हमें जरूर बताएं।
डीएफओ डीएस कनेश पहले गुड़ी के भिलाईखेड़ा (आमा खुजरी) पहुंचे। यहां भी आदिवासियों ने कई एकड़ जंगल साफ कर फसल की बोवनी कर दी है। विभाग की टीम ने कुछ लोगों को पकड़ा भी था। इसके बाद भी वे फसल बोने से नहीं हिचके। इसी क्षेत्र में सागौन की अवैध कटाई के मामले भी सामने आए थे। डीएफओ ने भिलाईखेड़ा व बोरखेडा़ वन सुरक्षा समिति सदस्यों से कार्यों व सुरक्षा पर चर्चा की। रेंजर किशोर दशोरे ने भी वन समिति सदस्यों के माध्यम से अतिक्रमणकारियों को समझाइश दी। यहां से डीएफओ रोशनी, अंबाड़ा के जंगलों का निरीक्षण करते हुए वनग्राम झिरपा पहुंचे। जिस स्थान पर होली की रात अतिक्रमण का प्रयास किया गया था वहां का निरीक्षण किया। रात में ही झिरपा वन चौकी पर बैठक लेकर ग्रामीणों से जंगल की सुरक्षा में सहयोग का आग्रह किया। कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तत्काल सूचना देने की बात कही। झिरपा में वन अतिक्रमण करने आए सेंधवा के आदिवासियों का सहयोग करने वाला पटेल अब भी फरार है। विभाग उसकी तलाश में जुटा हुआ है। अतिक्रामकों से जब्त वाहन राजसात किया जाएगा।
सिमट रहा वनों का रकबा
अब तक खालवा के कालीभीत के जंगल पर वन माफिया (सागौन) की ही नजर थी। उन्होंने बड़ी मात्रा में सागौन के पेड़ काटे। अब इस क्षेत्र में आदिवासियों की भी नजर पड़ गई है। वे खेती की जमीन बनाने की फिराक में हैं। यह प्रयास कई माह से चल रहा है। वनों का रकबा तेजी से सिमट रहा है। अगर अब भी वन विभाग नहीं चेता तो स्थिति विकट हो सकती है।
4 ट्रकों में भर कर आये थे 200 आदिवासी
होली के दो दिन पहले बाहरी क्षेत्र के लगभग 200 आदिवासी चार ट्रकों में सवार होकर खालवा से निकले थे। ट्रकों में घरेलू सामान, मवेशी व लकड़ियां भी भरी थी। वेशभूषा से यह लोग बड़वानी-सेंधवा क्षेत्र के लग रहे थे। बाद में वन विभाग को सूचना मिली कि यह रिछड़ीखेड़ा से आगे निकल गए हैं। दो दिन बाद विभाग ने 9 लोगों को मौके से पकड़ा था।
स्थानीय व्यक्ति लिप्त पाया तो पट्टा निरस्त करेंगे
-डीएस कनेश, डीएफओ, खंडवा