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- Indore News Mp News The Joy Of The Mother Feeding The Baby And The Sadness Of A Mother After The Female Feticide Was Brought Alive In Pictures
बच्चे को दूध पिलाती मां का सुख और कन्या भ्रूण हत्या के बाद एक मां की उदासी को चित्रों में किया जीवंत
तीन कैटेगरी में अलग-अलग थीम पर की गई प्रतियोगिता
सफवान हुसैन ने कन्या भ्रूण हत्या के बाद मां के दु:ख को मार्मिकता से चित्रित किया। इसमें उन्होंने एक मां को हाथ में खाली पोटली लिए उदास रचा। दिनेश वर्मा ने फिगरेटिव स्टाइल में अपने अभ्यास को दर्शाया। डॉ. मैगी सोनी ने ध्यानमग्न बुद्ध की साकार किया। नम्रता दानीवर ने स्कल्प्चर के ज़रिए बेड़ियों में जकड़ी महिला को जीवंत किया तो प्रतीक तेनगुरिया ने बच्चे को दूध पिलाती मां रचा। प्रदर्शनी का उद्घाटन डॉ. जनक पलटा, वरिष्ठ चित्रकार शुभा वैद्य और समाजसेवी डॉ. उषा श्रीवास्तव ने किया।
तीन कैटेगरी में दी गई थीम पर प्रतियोगिता भी कराई गई। हर कैटेगरी में दो कलाकारों को पुरस्कार दिया गया। पहली कैटेगरी में 16 वर्ष उम्र तक के कलाकारों के लिए \\\"होली थीम दी गई। इसमें वृष्टि जैन को पहला और सौम्या जैन को दूसरा पुरस्कार दिया गया। दूसरी पेंसिल आर्ट कैटेगरी में महिला सशक्तिकरण थीम दी गई। इसमें निहारिका दुबे को पहला और प्रियंका धूमकेतु को दूसरा पुरस्कार दिया गया। तीसरी कैटेगरी वाटर कलर में महिला और पुरुष क्रिकेट थीम दी गई थी। इसमें पायोनी पटेल को पहला और दीपा धीमान को दूसरा पुरस्कार दिया गया। इसमें अलग-अलग शहरों के कलाकारों ने पेंटिंग, म्यूरल स्केच, पोर्ट्रेट्स, लैंडस्केप, एब्सट्रैक्ट, फिगरेटिव, डिजिटल आर्ट, स्कल्प्चर और वेस्ट से बनाई कृतियां प्रदर्शित की।
महिला-पुरुष क्रिकेट थीम पर पायाेनी पटेल की कृति।
होली थीम पर वृष्टि जैन की प्रथम पुरस्कार प्राप्त कृति।
महिला सशक्तिकरण थीम निहारिका दुबे की कृति को फर्स्ट प्राइज़ दिया गया।
सिटी रिपोर्टर | कला के रंग सामूहिक चित्रकला प्रदर्शनी में 47 कलाकारों की 104 चित्रकृतियां प्रदर्शित की गईं। इसमेंे 10 वर्ष से 58 वर्ष के कलाकारों ने विभिन
माध्यमों और शैलियों में ये कृतियां रचीं। कैनरीज आर्ट गैलरी में क्रिएट स्टोरीज़ की इस प्रदर्शनी में ज्यादातर कलाकारों ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मद्देनज़र महिलाअों के संसार को अलग-अलग रूपों में चित्रित किया। इसमें उनकी खुशी के साथ ही पीड़ा और दु:ख को भी साकार किया गया। रविवार को इसका समापन हुआ।