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भोपाल आने के लिए बेंगलुरू एयरपोर्ट पर 3 घंटे बैठे रहे विधायक वापस रिसॉर्ट पहुंचे
भास्कर इंटरव्यू
ड्रामा एक / बेंगलुरू
मध्यप्रदेश के सबसे बड़े राजनीतिक उलटफेर के लिए पावर सेंटर बने बेंगलुरू में शुक्रवार को दिनभर सियासी पारा गर्म रहा। भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष के सामने 19 विधायकों की पेशी के लिए 3 चार्टर्ड प्लेन बुक किए थे। विधायकों को भोपाल के लिए सुबह 10:30 बजे उड़ान भरने को कहा गया था। तैयारियां सुबह 6 बजे से शुरू हो गईं। इधर, भनक लगते ही भोपाल में सरकार ने विधायकों को वापस लाने के लिए राजाभोज एयरपोर्ट भोपाल पर तगड़े इंतेजाम कर लिए। सिंधिया खेमे के विधायक घंटों रिसॉर्ट में चहलकदमी करते रहे। पहले दोपहर 1:47 बजे पहुंचना तय हुआ। फिर 3 बजे का कहा गया। अंतत: शाम 4:30 बजे सभी बेंगलुरू के कैम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पहुंचे। मप्र के दो मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह यादव कनार्टक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के साथ उनके निकलने का इंतजार कर रहे थे इसलिए, भाजपा ने गुपचुप तरीके से विधायकों को रवाना किया। कुछ विधायक पहले ही दूसरे रिसॉर्ट में जा चुके थे। मीडिया और कांग्रेसियों को चकमा देकर सभी तगड़े पुलिस पहरे में एयरपोर्ट पर पहुंचे। वे वीआईपी लाउंज में ही बैठे रहे। सूत्रों का कहना है, भोपाल में एयरपोर्ट पर धारा 144 लगाने और भारी इंतेजाम के चलते टकराहट के डर से रणनीति बदल दी गई। 3 घंटे बाद शाम 7:30 बजे सभी रिसॉर्ट लौट आए।
शाह का संदेश लेकर बेंगलुरू पहुंचे नड्डा
इधर, सिंधिया समर्थक विधायकों के बेंगलुरू एयरपोर्ट पहुंचने के बाद करीब 6.30 बजे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि वे संगठन की प्रतिनिधि सभा के तीन दिवसीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए वहां गए हैं। पहले ऐसी चर्चा थी कि वे विधायकों के लिए गृहमंत्री अमित शाह का संदेश लेकर आए हैं। विधायकों से मिलने की अटकलें भी चलती रहीं। हालांकि सूत्राें का दावा है कि एक-दो दिन में नड्डा इन विधायकों से मिल सकते हैं। सिंधिया भी उनसे मिलने जा सकते हैं।
बागी विधायकों के आने के बाद ही फ्लोर टेस्ट
भाजपा अध्यक्ष नड्डा भी पहुंचे बेंगलुरू मुलाकात की अटकलें
खाटू श्याम से लगाई सरकार बचाने की गुहार
अच्छे दिन आने का भरोसा दिलाकर लौट गए नेता
ड्रामा तीन / जयपुर
ड्रामा चार / गुड़गांव
कार्रवाई...
इंतजार...
ड्रामा दो / भोपाल
सिंधिया समर्थक छह मंत्री बर्खास्त, नौ और विधायकों को नोटिस, सिंधिया की गाड़ी पर फेंके पत्थर
पॉलिटिकल रिपोर्टर | भोपाल
सिंधिया ने सरकार पर ढेरों आरोप लगाएं हैं?
उनके आरोपों की सच्चाई प्रदेश की जनता जानती है। मंै व्यक्तिगत आरोप- प्रत्यारोप की राजनीति में नहीं पड़ता। यदि भ्रष्टाचार था तो 14 माह बाद क्यों याद आ रहा है। कई मंत्री उनसे जुड़े थे, क्या वे उन्हें भी भ्रष्टाचारी मानते हैं?
सिंधिया को टिकट देने में क्या परेशानी थी?
18 वर्ष में कांग्रेस ने सिंधिया को भरपूर मान-सम्मान दिया। कई पद दिए। उन्हें कुछ भी देने में परेशानी नहीं रही। फिर भी वे भाजपा में क्यों गए यह वे ही बता सकते हैं।
सरकार फ्लोर टेस्ट से क्यों बचना चाहती है?
किसने कहा कि हम फ्लोर टेस्ट से बचना चाहते हैं। चाहे विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव हो, उपाध्यक्ष का चुनाव हो या बजट, हमने बहुमत साबित किया है। अभी भी करेंगे।
अपने विधायकों को जयपुर क्यों भेजा?
भाजपा माफिया के पैसे के दम पर खरीद-फरोख्त में लगी है। भाजपा की साजिश से बचने के लिये विधायकों ने खुद जाने का निर्णय लिया। आश्चर्य इस बात का है कि भाजपा ने किस डर से अपने विधायकों को बाहर भेज दिया?
क्या आपकी सरकार पर कोई संकट है?
हमारी सरकार पर कोई संकट नहीं है। थोड़ा इंतज़ार कीजिये, सब ठीक होगा। भाजपा की सारी साज़िश नाकाम होगी। हमारे विधायक भाजपा के बंधन से लौट कर वापस आएंगे, सच्चाई का साथ देंगे। शेष | पेज 10 पर
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार सुबह राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने कहा, भाजपा कांग्रेस के 22 विधायकों को कैद कर ले और कहे कि फ्लोर टेस्ट कराएं, क्या यह सही है? फ्लोर टेस्ट बेंगलुरू में बंधक बनाकर रखे गए विधायकों की वापसी पर ही संभव है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को एक पत्र भी सौंपा है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह कर बेंगलुरू में बंधक बनाकर रखे गए विधायकों को छुड़वाने की मांग की गई। नाथ ने कहा कि मैं उन्हें 16 मार्च से शुरू हो रहे सत्र के दौरान फ्लोर टेस्ट के लिए आमंत्रित करता हूं। पत्र में आरोप लगाया कि भाजपा ने उन्हें जबरन बंधक बना रखा है। उन्हें किसी से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। इसके दो घंटे बाद ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह भी राजभवन पहुंचे। भाजपा ने राज्यपाल से विधानसभा अध्यक्ष की कार्यशैली पर बात की कि वे किस तरह समय टालने की कोशिश कर रहे हैं। **
कमलनाथ, मुख्यमंत्री**
उनके मंत्री भी तो सरकार में थे, क्या वे भी भ्रष्टाचारी हैं
कांग्रेस ने सिंधिया को दिखाए काले झंडे, भाजपा ने थाना घेरा
भोपाल। भाजपा में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को कमला पार्क के पास शुक्रवार रात कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। भाजपा का आरोप है कि राजाभोज की प्रतिमा के पास से गुजरते समय उनकी गाड़ी पर पत्थर भी फेंके गए। कई कार्यकर्ता गाड़ी पर चढ़ने लगे। वीडियो के आधार पर धारा 307 के तहत नामजद एफआईआर करने की मांग को लेकर भाजपा ने श्यामला हिल्स थाने का घेराव किया। रात 12 बजे बाद भी कार्यकर्ता जमे हुए थे। पुलिस ने 30-35 अज्ञात कार्यकर्ताओं पर रास्ता रोकने और प्रदर्शन करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस पथराव और गाड़ी पर चढ़ने जैसी घटना से इनकार कर रही है।
मप्र में जारी सत्ता संघर्ष के बीच शुक्रवार को बेंगलुरू व भोपाल में जबरदस्त ड्रामा हुआ। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति द्वारा दिए गए नोटिस का जवाब देने सिंधिया समर्थक 19 विधायक भोपाल आने की तैयारी में थे। भनक लगते ही भोपाल एयरपोर्ट पर भारी पुलिस तैनात कर दी गई। सीएम कमलनाथ राज्यपाल से मिले व भाजपा पर हाॅर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया। संयोग था या रणनीति का हिस्सा कि भाजपा अध्यक्ष नड्डा बेंगलुरू पहुंचे। तीन घंटे एयरपोर्ट पर बैठने के बाद विधायकों को देर शाम रिसॉर्ट लौटना पड़ा। मप्र की राजनीति के केंद्र बने चार शहरों से भास्कर की लाइव रिपोर्ट...**
द ग्रेट एमपी पॉलिटिकल ड्रामा
खाटू श्यामजी/सालासर से हर्ष खटाना
बेंगलुरू से शैलेन्द्र चौहान
जयपुर के दो रिसॉर्ट में ठहरे 82 कांग्रेसी विधायक शुक्रवार को सालासर बालाजी और खाटू श्यामजी पहुंचे। बाबा श्याम से कमलनाथ सरकार बचाने की कामना की। गृहमंत्री बाला बच्चन व विधायक सुजीत चौधरी ने कहा, भाजपा मध्यप्रदेश में तांडव मचा रही है। बाबा श्याम उन्हें सद् बुद्धि दें। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने विधायकों को दुपट्टा भेंट किया।**
नाथ और दिग्विजय खेमे के मंत्रियों को बांटे विभाग
भोपाल | पांच दिनों से बेंगलुरू में जमे सिंधिया समर्थक 6 मंत्रियों गोविंद सिंह राजपूत, तुलसीराम सिलावट, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, डाॅ. प्रभुराम चौधरी और इमरती देवी को राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री की सिफारिश पर मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया। नाथ ने इनके विभागों का बंटवारा भी कर दिया है। उनके खेमे की विजयलक्ष्मी साधौ को महिला एवं बाल विकास, तरुण भनोत को स्वास्थ्य, सुखदेव पांसे को श्रम और दिग्विजय समर्थक डाॅ. गोविंद सिंह को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, बृजेंद्र सिंह राठौर को परिवहन और जीतू पटवारी को राजस्व विभाग का प्रभार
सौंपा गया है।
कर्नाटक डीजीपी से मिले विधायक चौधरी के पिता और मंत्री
शुक्रवार दोपहर 1 बजे मंत्री जीतू पटवारी, कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के साथ विधायक मनोज चौधरी के पिता नारायण चौधरी काे लेकर कर्नाटक डीजीपी से मिले। चाैधरी ने बेटे से मिलवाने की मांग की। उन्हें मदद का भराेसा देकर रवाना कर दिया गया।
15 मार्च को बुलाया है बाकी नौ विधायकों को
इस्तीफा देने वाले नौ और विधायकों को शुक्रवार को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें कमलेश जाटव, जजपाल सिंह जज्जी, जसवंत जाटव, रणवीर जाटव, सुरेश धाकड़, रक्षा सरोनिया, एंदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल सिंह व मनोज चौधरी शामिल हैं। इन्हें 15 मार्च को दोपहर 12.30 बजे बुलाया गया है। एक-एक विधायक को 15-15 मिनट का समय दिया जाएगा। हरदीप सिंह डंग, बृजेंद्र सिंह यादव, राघुराज सिंह कंसाना, गिर्राज दंडोतिया, मुन्नालाल गोयल, ओपीएस भदौरिया व राज्यवर्द्धन सिंह दत्तीगांव को 14 मार्च को पेश होने काे कहा गया है।
{बाेर्डिंग पास व सुरक्षा जांच की औपचारिकता के बाद सिंधिया समर्थक सभी 19 विधायक उड़ान भरने की राह ही देखते रह गए।
गुड़गांव से उमाशंकर
तावडू स्थित आईटीसी ग्रैंड भारत होटल में मंगलवार की देर रात से ठहरे भाजपा के 106 विधायक शुक्रवार को अगले आदेश की प्रतीक्षा करते रहे। शाम 5 बजे लोकसभा सांसद राकेश कुमार सिंह और राष्ट्रीय महासचिव डॉ अनिल जैन होटल पहुंचे। राकेश ने विधायकों को भरोसा दिलाया कि राजनीतिक मौसम अच्छा है। पूरी परिस्थिति पार्टी के अनुकूल है।
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