ऐसे तो पार्क ही उजड़ जाएगा**
राजधानी में विकास के नाम पर बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं। दूसरी तरफ शहर के उद्यानों में लगे हरे-भरे पेड़ भी सूखने लगे हैं। इस वजह से उद्यानों की हरियाली भी खतरे में है। ताजा मामला कमला पार्क का सामने आया है। यहां आम, कटहल, रामफल समेत पाॅम के हरे-भरे पेड़ बड़ी संख्या में सूखते जा रहे हैं। पत्तियों का रंग उड़ गया और सूख गई हैं। कुछ वृक्षों के तो ठूंठ ही बचे हैं। इस समय शहर मंे न तो गर्मी पड़ रही है और न ही पानी की किल्लत है। इसके बावजूद वृक्षों का सूखना समझ से परे है।
इस संबंध में जब नगर निगम के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने पेड़ सूखने के बारे में कोई जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया, जबकि कमला पार्क के आसपास के रहवासी और नियमित रूप से पार्क में आने वालों का कहना है कि यहां लगातार पेड़ सूख रहे हैं या किसी साजिश के तहत सुखाए जा रहे हैं। एक निगमकर्मी का कहना है कि ये पेड़ किसी बीमारी की वजह से नष्ट हो रहे हैं। इस बात से वह भी चिंतित हैं कि ऐसे तो एक दिन यहां की हरियाली खत्म हो जाएगी।
कोई ध्यान नहीं दे रहा
किसी बीमारी के चलते बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ सूखते जा रहे हैं। यह गंभीर मामला है। नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस तरह तो एक दिन पार्क ही उजड़ जाएगा।
यासिर दाद खान, समाजसेवी
खाद-पानी देना चाहिए
हरे-भरे वृक्षों को बीमारी और सूखने से बचाने के लिए उनमें समय-समय पर खाद-पानी देना जरूरी है। दीमक और फंगस से बचाने के लिए दवा का उपयोग करना चाहिए। साथ ही पेड़ों की जड़ का ध्यान रखना चाहिए। अगर पेड़ के आसपास पानी भरेगा तो उससे पेड़ की जड़ गलने लगती है। इसलिए पानी की निकासी के इंतजाम भी होना चाहिए। एमएच सैफी, विशेषज्ञ उद्यानिकी
{कमला पार्क
में ... पेज 1 से जारी**