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जो फेल हुए बच गए, जो पास हुए उनका ट्रांसफर
ऐसे किए गए हैं ट्रांसफर
प्रदेशभर में स्वास्थ्य विभाग के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों के इलाज के लिए एमबीबीएस डॉक्टरों के साथ एनएचएम के संविदा आयुष डॉक्टर भी पदस्थ हंै। एमबीबीएस डॉक्टरों की कमी होने के कारण मप्र सरकार ने आयुष डॉक्टरों (बीएएमएस) को मेडिकल कॉलेजों में तीन महीने एलोपैथी पद्धति से इलाज की ट्रेनिंग दिलवाई। 240 डॉक्टर ट्रेनिंग के बाद हुई परीक्षा में शामिल हुए जिसमें से 150 पास और 51 फेल हो गए वहीं रीवा के तीन डॉक्टर परीक्षा में अनुपस्थित रहे। रिजल्ट जारी होते ही पास आयुष डॉक्टरों के ट्रांसफर आदेश निकाल दिए गए। अब ट्रांसफर किए गए डॉक्टर परेशान हो रहे हैं और जो डॉक्टर परीक्षा पास नहीं कर सके वे सुकून में हंै क्योंकि उनकी पोस्टिंग यथावत रहेगी।
जहां डॉक्टर नहीं है
वहीं किए हैं ट्रांसफर
जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर नहीं हैं, वहां एलोपैथी की ट्रेनिंग पास करने वाले आयुष डॉक्टरों का ट्रांसफर किया जा रहा है। यह शासन का ही निर्णय है। जहां तक एमपीपीएससी से सेलेक्ट आयुष डॉक्टरों की बात है, तो उनकी सेवाएं तो आयुष डिस्पेंसरी के लिए है।
एमके अग्रवाल, आयुक्त, आयुष विभाग मप्र
डॉ. विकास जैन-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बलदेवगढ़ से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरकनपुर
डॉ. जितेंद्र यादव-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेहरका से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जारूआ
डॉ. शिखा खरे-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लिधौरा
डॉ. रूपमाला भारती अहिरवार-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निवाड़ी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तरीचरकला
(इसी प्रकार 150 से अधिक डॉक्टरों के ट्रांसफर उसी जिले में एक से दूसरी जगह कर दिए गए हैं।)
इसी प्रकार एलोपैथी ट्रेनिंग पद्धति की परीक्षा पास करने के बाद संविदा आयुष चिकित्सक डॉ. आलोक कटारे को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनारा (थार) में पदस्थ कर दिया गया है। उनका जिला नहीं बदला गया है।
आयुष विभाग द्वारा एलोपैथी ट्रेनिंग पद्धति की परीक्षा पास करने के बाद संविदा आयुष चिकित्सक के तौर पर कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. फिरोजा बानो का ट्रांसफर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हेरीकला में कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पदस्थ आयुष संविदा डॉक्टरों एलोपैथी की ट्रेनिंग में पास होकर परेशान हो रहे हैं। जो डॉक्टर इस ट्रेनिंग में फेल हुए हैं उन्हें वे वहीं नौकरी करेंगे लेकिन पास होने वाले डॉक्टरों का दूसरी जगह ट्रांसफर करने का आदेश जारी हो गया है।
{आयुष विभाग का मामला... **
केस
2
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1
_photocaption_2018 में हुई थी ट्रेनिंग*photocaption*
आयुष डॉक्टरों की ट्रेनिंग वर्ष 2018 में आयोजित की गई थी और इस ट्रेनिंग के बाद ली गई परीक्षा का रिजल्ट वर्ष 2020 में आया है।
ग्वालियर
कुल डॉक्टर 33
पास हुए 23
फेल 10
भोपाल
कुल डॉक्टर 69
पास हुए 60
फेल 09
इंदौर
कुल डॉक्टर 31
पास हुए 14
फेल 17
जबलपुर
कुल डॉक्टर 25
पास हुए 18
फेल 07
उज्जैन
कुल डॉक्टर 18
पास हुए 14
फेल 04
रीवा
कुल डॉक्टर 28
पास हुए 21
फेल 04