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केमिकल महंगा होने से थायराइड जांच शुल्क किया दोगुना, बैठक में निर्णय
एसडीएम कार्यालय में सोमवार को सिविल अस्पताल की रोगी कल्याण समिति की कार्यकारिणी सभा की बैठक हुई। केमिकल महंगा होने से थायराइड जांच का शुल्क दोगुना करने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। हालांकि एक साल पहले दान में मशीन मिलने के बाद अभी तक जांच शुरू नहीं हो पाई है। बीएमओ ने दावा किया कि केमिकल खरीदकर अप्रैल से जांच की सुविधा दी जाएगी।
एसडीएम घनश्याम धनगर की अध्यक्षता में कार्यालय सभागृह में दोपहर 1 बजे से बैठक हुई। इसमें 9 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। 1 अप्रैल से ब्राह्य रोगी पंजीयन कम्प्यूटरीकरण करने के लिए कम्प्यूटर खरीदने और 3 ऑपरेटर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा। इस पर एक कम्प्यूटर खरीदने और 2 ऑपरेटर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। ऑपरेटरों को 5500 रुपए से 6 हजार रुपए तक मानदेय दिया जाएगा। इससे कम्प्यूटरीकृत पर्ची मरीजों को मिलेगी। अस्पताल में भर्ती शुल्क 30 से बढ़ाकर 50 रुपए करने की स्वीकृति प्रदान की गई। कार्यकारिणी सभा में सदस्य विजय पाठक ने अस्पताल के पीछे जर्जर भवनों को तोड़कर विधायक निधि से बगीचा बनाने का सुझाव दिया। ताकि अस्पताल में आए मरीजों और परिजनों को सुंदर वातावरण प्राप्त हो। इस पर एसडीएम ने पीडब्ल्यूडी के उपयंत्री को भवन तोड़कर बगीचा निर्माण करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
थायराइड की जांच के लगेंगे 300 रु.
थायराइड जांच की हार्मोन एनलाइजर मशीन एक वर्ष पहले बैंक नोट प्रेस देवास ने सिविल अस्पताल को दान में दी थी लेकिन अस्पताल प्रबंधन की ढील-पोल के कारण जांच शुरू नहीं हो पाई है। मशीन शुरू नहीं होने के पीछे एयर कंडीशनर, केमिकल व पार्ट्स की कमी को कारण बताया गया। हालांकि हकीकत ये है कि मशीन में कोई पार्ट्स लगाने की जरूरत नहीं है। सिर्फ केमिकल ही खरीदा जाना है। इस बीच विधायक की अध्यक्षता में हुई बैठक में थायराइड की तीन जांच के लिए प्रत्येक जांच का 50 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया था लेकिन केमिकल महंगा होने से कार्यकारिणी सभा की बैठक में इस शुल्क को दोगुना कर 100 रुपए प्रति जांच करने का प्रस्ताव बीएमओ की ओर से रखा गया। इस पर सहमति दी गई। थायराइड की जांच के लिए सीनियर सिटीजन और गर्भवती महिलाओं को छोड़कर सभी को छूट रहेगी। बीएमओ ने कहा शुल्क निर्धारण होने से अब संचालन में दिक्कत नहीं आएगी। अप्रैल माह में केमिकल खरीदकर जांच शुरू कर देंगे।
इन प्रस्तावों पर नहीं हुए निर्णय
रोकस में फंड नहीं होने से अस्पताल के प्रथम तल पर पोस्ट नेटल वार्ड के मरीजों के लिए वार्ड के सामने शौचालय निर्माण करने, भवन के बीच में खाली जगह पर शेड एवं फूल वाले पौधे लगाकर मरीजों के साथ आए परिजनों को विश्राम का स्थान विकसित करने का प्रस्ताव आगामी बैठक तक स्थगित कर दिए गए। इसके साथ ही अस्पताल के विभिन्न विभागों में स्टेशनरी सामग्री खरीदने के लिए शासन से बजट नहीं मिलने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर सदस्यों ने जिला अस्पताल को पत्र लिखकर बजट दिलाने की बात कही।
दंत सर्जरी शुल्क 50 रुपए किया
दंत सर्जरी शुल्क 70 रुपए करने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर 50 रुपए शुल्क लेने पर सहमति बनी। इसमें बीपीएल परिवार और वरिष्ठ नागरिकों को छूट रहेगी। वित्तीय वर्ष 2019-20 का समिति का ऑडिट करने का प्रस्ताव रखा गया। इसे स्वीकृति प्रदान की गई। इस दौरान बैठक में बीएमओ डॉ. ओएस कनेल, रोकस प्रभारी तपन चौहान, संतोष सैदानकर, सदस्य गोपाल तायल, विजय पाठक, लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री नार्वे मौजूद रहे।
रोगी कल्याण समिति की कार्यकारिणी सभा की बैठक में मौजूद एसडीएम घनश्याम धनगर व अन्य।