मारगांव की करें सैर, देखें आकर्षक समुद्र तटीय नजारे
}अवर लेडी ऑफ ग्रेस
सेना के समय से संबंधित यह चर्च एक खूबसूरत आधुनिक इमारत है। यह मारगांव के केंद्र में स्थित है। इस चर्च के ईसा मसीह से संबंधित असामान्य \\\'क्रूसिफिक्स\\\' के कारण इसका पुनरुद्धार किया गया था। इस चर्च में स्थापित मसीह की मूर्ति को कपड़े से ढका हुआ है और उन्हें कांटों से सजा मुकुट पहनाया हुआ है एवं उनके हाथ चर्च के परिसर की ओर खुले हुए हैं। ये चर्च गोवा के कई अन्य चर्चों से बड़ा तो नहीं है लेकिन संरचना काफी सुंदर है।
कैसे पहुंचें
हवाई मार्ग : मारगांव का निकटतम हवाई अड्डा गोवा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो यहां से केवल 18 किलोमीटर दूर है।
रेल मार्ग : निकटतम रेलवे स्टेशन गोवा है, जो कि लगभग 16 किमी दूर है। ट्रेन स्टेशन थिविम, करमाली और मडगांव हैं।
ये हैं यहां के खास पर्यटन स्थल
}आगा खान चिल्ड्रंस पार्क
प्रसिद्ध व्यवसायी अब्दुल जवरभाई मावनी के नाम पर ही इस पार्क का नाम रखा गया है। उन्होंने अपने खोए हुए बेटों को श्रद्धांजलि के रूप में इस पार्क के विकास में प्रमुख योगदान दिया था। इस पार्क का उद्घाटन वर्ष 1959 में गोवा के आखिरी गवर्नर जनरल वासलो ई सिल्वा ने किया था।
मडगांव या मारगांव गोवा की वाणिज्यिक राजधानी और सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र है। इसे गोवा शहर की प्राचीन बस्तियों में से एक कहा जाता है और यह यहां की साल नदी के तट पर भी स्थित है। हिंदुओं के नौ मठवासी क्षेत्र वाली भूमि को मठ गांव कहा जाता। पुर्तगाली के आक्रमण से पहले मारगांव भी एक मठ गांव ही था।
मा रगांव में उपनिवेशीकरण का पहला स्थान शिव के प्राचीन मंदिर के आसपास का क्षेत्र था, जिसने भगवान दामोदर का रूप दिया गया था। उस समय मंदिर को तोड़ दिया गया था और उसी स्थान पर एक चर्च बनाया गया था। इस शहर में शहरीकरण पर काफी जोर दिया गया और इसी के चलते बाजार बनाए गए, जो आज भी गुलजार हैं। इन बाजारों की वजह से ही इस शहर को \\\'मड-गांव\\\' या \\\'मार्केट सिटी ऑफ गोवा\\\' कहा जाता है।
}बोगमलो
सी-बीच
क्या आप कभी वास्को डी गामा के बंदरगाह शहर गए हैं? यह लगभग 9 किमी की दूरी पर एक छोटा सा समुद्र तट वाला गांव है। यह एक छोटे रेतीले समुद्र तट के साथ एक लघु खाड़ी पर स्थित है, लेकिन इस जगह पर आपको शांति बहुत मिलेगी। यहां आराम से रहने के लिए भोजनालयों और आवास की सुविधा उपलब्ध है। इसकी सीमा गोवा के समुद्र तट से लगभग 50 प्रतिशत सटी हुई है।
}श्री दामोदर टेंपल
गोवा में रहने वाले सभी हिंदुओं के लिए श्री दामोदर मंदिर सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। इस मंदिर में स्थापित मूर्ति पहले एक पुराने मंदिर में उसी स्थान पर स्थित थी, जहां पर अब चर्च ऑफ होली स्पिरिट बना हुआ है। इस मंदिर का बहुत धार्मिक महत्व है एवं यह खुशावती नदी के तट पर स्थित है। कहा जाता है कि इस नदी के पानी में औषधीय गुण मौजूद हैं। क्या आप जानते हैं कि भगवान दामोदर भगवान शिव के अवतार थे। मंदिर की वास्तुकला काफी आधुनिक है लेकिन मूर्ति अभी भी वही है। इस मंदिर में हिंदू और ईसाई दोनों ही समुदाय के लोग दर्शन करने आते हैं।
शांत समुद्र तट, सुंदर परेड और पार्टियों का लुत्फ
आप अक्टूबर से अप्रैल माह तक मारगांव आ सकते हैं। दिसंबर से मार्च में यहां पर ठंड रहती है एवं इस दौरान तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है। समुद्र तट का शांत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करता है। आपने फरवरी या मार्च के शुरुआती दिनों में आयोजित होने वाले कार्निवल परेड के बारे में तो सुना ही होगा। यह मारगांव आने के लिए एक आदर्श समय है। इस समय सड़कों पर सुंदर परेड देखने को मिलती है और इस दौरान आप दावतों और पार्टियों का भी आनंद ले सकते हैं।
}कोल्वा सी-बीच
अरब सागर में 2.4 किमी अंदर कोलवा बीच देख सकते हैं। सफेद और चमचमाती रेत से सजा ये सी-बीच बहुत ही खूबसूरत लगता है। इस पूरी तटरेखा पर हवा के झोंकों से झूलते हुए नारियल के पेड़ लगे हुए हैं। समुद्र तट के करीब आवास की सुविधा उपलब्ध है। आमतौर पर आप लुभावने सुंदर सनसैट के नजारों का मजा ले सकते हैं। इस बीच से आपको कभी न खत्म होने वाले अरब सागर का दृश्य दिखेगा, जिसके आकाश में चमकते हुए कई रंग-बिरंगे पंछी झूमते हुए दिखेंगे। आकाश और पानी के संगम का ये अद्भुत स्थल है।