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अमानक चावल मिला तो कलेक्टर ने स्वयं पहुंचकर 3 गोदाम सील कराए, तीन दिन बाद खुलवा दिए

एक वर्ष पहले
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मारुताल के पास ग्वारी में स्थित पीईजी अग्रवाल वेयर हाउस में मिला करीब 5 हजार 7 सौ मीट्रिक टन अमानक चावल सील करने की कार्रवाई सवालों में आ गई है। शनिवार को कलेक्टर ने तीनों गोदामें सील कराईं थीं, लेकिन तीन दिन बाद ही मंगलवार को खुलवा दीं। नॉन के अधिकारियों का कहना है कि अभी गाेदाम की जांच करने के लिए भोपाल से टीम आने वाली है, लेकिन इससे पहले ही कलेक्टर के आदेश पर अमानक चावल से भरी तीनों गोदामें खोल दी गईं। इधर नागरिक आपूर्ति निगम के महाप्रबंधक एके द्विवेदी कार्रवाई पर ही सवाल उठा रहे हैं, उनका कहना है कि अभी भोपाल से टीम नहीं आई है। न ही सेंपल की कोई जांच हुई है।

हैरानी की बात यह है कि अभी तक न तो सेंपल की जांच हुई है, न ही कोई कागजी कार्रवाई की गई है। दरअसल शुक्रवार को कलेक्टर तरुण राठी को सूचना मिली थी कि ग्वारी में स्थित अग्रवाल वेयर हाउस के तीन गोदामों में 5 हजार 7 सौ मीट्रिक टन टूटन वाला घटिया किस्म का चावल जमा किया गया है। चावल को पीडीएस की दुकानों पर वितरण करने के लिए भेजा जा रहा है। कलेक्टर ने आपूर्ति विभाग के साथ गोदामों पर छापा मारा और वहां पर मिले चावल के सेंपल लिए। पूरे गोदाम सील करा दिए गए। पड़ताल के बाद गोदाम नंबर 3 ए, 3 बी और 3 डी में अमानक चावल मिला था। कलेक्टर ने इसके सेंपल जांच के लिए आपूर्ति विभाग और नॉन के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी थी, नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों ने इसकी सूचना भोपाल भेज दी थी, जहां से मामले की जांच करने के लिए एक दल दमोह आना था, रंग पंचमी के बाद दल के आने की बात कही जा रही थी, लेकिन इस बीच कलेक्टर ने मंगलवार को सील की गई तीनों गोदामें खुलवा दीं। सवाल यह है कि यदि सील गोदामें खुलवा दी गई हैं, तो अमानक चावल खुर्द-बुर्द हो सकता है और भोपाल से जांच के लिए आने वाली टीम को कुछ हाथ मिलेगा कि नहीं, कुछ नहीं कहा जा सकता है।

नान के महाप्रबंधक बाेले-अभी उन्हें चावल के सेंपल नहीं मिले हैं, जिससे उनकी जांच कराई जा सके


नान के महाप्रबंधक द्विवेदी ने बताया कि अभी उन्हें चावल के सेंपल नहीं मिले हैं, जिससे उनकी जांच कराई जा सके। अभी कलेक्टर के आदेश पर सील किया गया गोदाम मंगलवार को खोल दिया गया है। जो भी जांच टीम आएगी, उसे स्थिति का मुआयना कराया जाएगा। वे ही अपनी रिपोर्ट देंगे। जबकि आपूर्ति विभाग के भरत कूप सिंह का कहना है कि कलेक्टर ने जांच के लिए जिम्मेदारी थी, सेंपल की जांच कराई जानी है, मैं छुट्टी पर हूं, गोदाम सील है या खुलवा दिया गया है, मुझे कुछ पता नहीं है।

इधर कलेक्टर तरुण राठी का कहना है कि तीन गोदाम सील किए गए थे, लेकिन इस बीच गोदामों में भरा चावल खराब होने की आशंका थी, इसलिए खुलवा दी गई हैं। अभी सेंपल की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। दोनों विभागों से जांच प्रतिवेदन मांगा जाएगा, ताकि स्थिति का पता चल सके।

पीडीएस के उपभोक्ताओं को टूटन वाला घटिया चावल देने का मामला: कलेक्टर बोले- गोदाम में चावल के खराब होने का डर था, यदि खराब हो जाता तो जिम्मेदारी कौन लेता


दमोह। मंगलवार को कलेक्टर तरुण राठी ने अमानक चावल मिलने पर तीन गोदाम सील कराए थे।

कि ग्वारी में स्थित अग्रवाल वेयर हाउस के तीन गोदामों में 5 हजार 7 सौ मीट्रिक टन टूटन वाला घटिया किस्म का चावल जमा किया गया है। चावल को पीडीएस की दुकानों पर वितरण करने के लिए भेजा जा रहा है। कलेक्टर ने आपूर्ति विभाग के साथ गोदामों पर छापा मारा और वहां पर मिले चावल के सेंपल लिए। पूरे गोदाम सील करा दिए गए। पड़ताल के बाद गोदाम नंबर 3 ए, 3 बी और 3 डी में अमानक चावल मिला था। कलेक्टर ने इसके सेंपल जांच के लिए आपूर्ति विभाग और नॉन के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी थी, नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों ने इसकी सूचना भोपाल भेज दी थी, जहां से मामले की जांच करने के लिए एक दल दमोह आना था, रंग पंचमी के बाद दल के आने की बात कही जा रही थी, लेकिन इस बीच कलेक्टर ने मंगलवार को सील की गई तीनों गोदामें खुलवा दीं। सवाल यह है कि यदि सील गोदामें खुलवा दी गई हैं, तो अमानक चावल खुर्द-बुर्द हो सकता है और भोपाल से जांच के लिए आने वाली टीम को कुछ हाथ मिलेगा कि नहीं, कुछ नहीं कहा जा सकता है।
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