एक क्लिक से पता चलेगा-कौन सी प्रॉपर्टी किसके नाम
रुकेगी गड़बड़ी... वर्तमान संपदा सॉफ्टवेयर को करेंगे अपग्रेड
अब जल्दी प्रदेश में मकान, फ्लैट, खेती की जमीन या अन्य प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने वाले खरीदारों की जानकारी एक क्लिक पर मिल सकेगी। इसके लिए पंजीयन विभाग वर्तमान संपदा सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करेगा। अब नए संपदा सॉफ्टवेयर के 2.0 वर्जन को जोड़ा जाएगा। इसके बाद प्रदेश के किसी भी हिस्से में प्रॉपर्टी खरीदी है या पहले से आपके नाम पर दर्ज है तो उसका रिकॉर्ड आसानी से सर्च किया जा सकेगा। इस व्यवस्था के बाद यह भी पता चल जाएगा कि एक व्यक्ति के नाम पर कितनी प्रॉपर्टी दर्ज हैं। पंजीयन विभाग के अफसरों ने बताया कि वर्तमान संपदा सॉफ्टवेयर में अभी सिर्फ एक जिले की प्रॉपर्टी सर्च हो पाती है। नई व्यवस्था के बाद प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के दौरान होने वाली गड़बड़ी रुकेंगी और प्रॉपर्टी खरीदने में आसानी होगी। अफसरों ने बताया कि इसके लिए प्रदेश भर की करीब दो लाख प्राॅपटी का डेटा मर्ज किया जाएगा।
टारगेट पूरा करना है... इसलिए आज भी हो सकेगी रजिस्ट्री
मार्च में पहली बार रविवार को रजिस्ट्री दफ्तर खोले जाएंगे। रविवार को आईएसबीटी और परी बाजार रजिस्ट्री दफ्तर में रजिस्ट्री होंगी। सभी सर्विस प्रोवाइडर को तय समय पर प्रॉपर्टी का स्लॉट बुक करने के निर्देश पंजीयन मुख्यालय ने जारी कर दिए हैं। पंजीयन विभाग के अफसरों को अनुमान है कि मार्च के अंतिम दिनों में ज्यादातर लोग प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने के लिए पहुंचते हैं। सरकार ने भोपाल जिले को 829 करोड़ रुपए राजस्व का टारगेट दिया है, जबकि अभी तक 600 करोड़ रुपए की आय हो चुकी है। शेष बचे 15 दिनों में अफसरों को टारगेट पूरा करने होगा।
अब रेरा रजिस्ट्रेशन की जांच घर बैठे... जमीन, मकान की रजिस्ट्री, ई-स्टांप, खसरा व बिल्डर के रेरा रजिस्ट्रेशन की जांच अब घर बैठे कर सकते हैं। इसके लिए एमपीआईजीआर पोर्टल पर 5 तरह की लिंक होम पेज पर उपलब्ध करा दी गई है।