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महिलाओं ने भी किया देश का प्रतिनिधित्व

एक वर्ष पहले
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मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत रविवार को विश्व महिला दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्यायाधीश आशुतोष अग्रवाल ने कहा कि आज समाज को संतुलित करने की आवश्यकता है। समाज समन्वय से चलता है। जहां महिला व पुरुष दोनों को परिवार और समाज में समन्वय से निर्णय लेना चाहिए।

इतिहास गवाह है कि महिलाओं ने भी समाज व देश का प्रतिनिधित्व किया है और निरंतर करती आ रही हैं। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव हेमंत जोशी ने कहा हमें अधिकार और कर्तव्य दोनों पर कार्य करने की आवश्यकता है। अधिकारों के साथ कर्तव्य का भी निर्वहन करें। क्योंकि समाज में पारिवारिक इकाई है और महिला दो परिवारों की धुरी है। कार्यक्रम में परामर्शदाता अमृता मोदी ने महिला दिवस क्यों मनाया जाता है। इस संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम में परामर्शदाता सचिन पाटीदार ने कहा कि समाज में आज महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगातार बढ़ रहा है। खासकर हम देखें तो मप्र के राजनीतिक क्षेत्र में महिलाएं आज ग्राम पंचायतों में सरपंच बनकर अपनी भागीदारी को सुनिश्चित कर रही हैं। जो कि समाज में महिला और पुरुष में समानता को दर्शाता है।

कार्यक्रम में मौजूद अतिथि और महिलाएं।

ईच फॉर इक्वल है महिला दिवस की थीम

परामर्शदाता मनीष कुमार गुप्ता ने बताया कि महिला दिवस की इस बार की थीम ईच फॉर इक्वल है। महिलाओं के अधिकार और हर नागरिक समान है। महिला दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है। कार्यक्रम में राधा चौहान, महिला बाल विकास विभाग से दिनेश मुजाल्दे, मोनिका गुप्ता, अमृता मोदी, मनीष गुप्ता, सचिन पाटीदार, राधा चौहान सहित बीएसडब्ल्यू के विद्यार्थी मौजूद थे।
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