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डाउनलोड करेंपठानकोट(अमृतसर). युवाओं में कुछ कर गुजरने की चाहत तो होती है, लेकिन किसी की प्रेरणा के बाद मेहनत से किया गया वह काम, जिसमें दिलचस्पी न हो, भी इंसान को सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचा सकता है। यही सच कर दिखाया है पठानकोट के साइकिल व्यापारी सन्नी चतरथ ने। सन्नी आम युवाओं की तरह ही जीम जाता था। फिजिकल फिटनेस के लिए। बॉडी बिल्डर बनने की कोई दिलचस्पी नहीं थी। जिम कोच ने कहा-एक बार कंपीटिशन लड़ो। बस फिर क्या था, सन्नी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। मेहनत के बल पर 4 साल में 7 बार मिस्टर पंजाब और 2 बार मिस्टर इंडिया का खिताब जीत लिया। अब पहली बार भारत में होने जा रही मिस्टर वर्ल्ड प्रतियोगिता की तैयारी शुरू है।
कोच ने कहा-फिटनेस का फायदा तभी, जब कंपीटिशन जीतोगे
सन्नी बताते हैं-उन्हें बॉडी बिल्डिंग में कोई दिलचस्पी नहीं थी। फिजिकल फिटनेस के लिए जिम ज्वाइन किया। शारीरिक बनावट अच्छी थी। जिम के कोच ने कई बार कहा कि बॉडी बिल्डर बनो, लेकिन दिलचस्पी नहीं थी। कोच विनोद के बार-बार प्रेरित किया कि फिटनेस का फायदा तभी है जब कम्पीटिशन लड़ोगे। मैं मान गया। इसके बाद उन्होंने मेरी प्रैक्टिस, डाइट और वर्किंग ऑवर को ध्यान में रख 60-65 किलो वर्ग के लिए तैयारी करवाई। 23 साल की उम्र में पहला कम्पीटिशन गांव म्यानी में लड़ा, जहां तीसरा स्थान आया पर हौसला बुलंद हो गया। उसके बाद 4 महीने किसी अन्य आयोजक द्वारा करवाए मिस्टर पंजाब में गोल्ड मिला और लगातार 7 कम्पीटिशन जीते। इसी दौरान मिस्टर इंडिया में खेला और जीत गया। हर मेडल का श्रेय मैं अपने उस्ताद विनोद को ही देता हूं। इस बार पहली बार भारत में अक्टूबर में मिस्टर वर्ल्ड प्रतियोगिता हो रही है, जिसकी तैयारी शुरू कर दी है।
सुबह-शाम 2-2 घंटे की जी-तोड़ प्रैक्टिस के बाद पाया मुकाम
सन्नी इस समय शहर के मॉडल टाउन में अपने मामा शिव सरना के पास रह रहे हैं। 4 साल में सन्नी ने मिस्टर पंजाब, मिस्टर इंडिया, मिस्टर इंडिया फिजिक, मिस्टर इंडिया फिटनेस मॉडल के टैग जीते। हाल ही में दिल्ली के कालका में हुई मिस्टर इंडिया फिजिक एंड बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में भी सिल्वर मेडल हासिल कर पठानकोट का नाम रोशन किया। पठानकोट में ही पले-बढ़े सन्नी चतरथ बताते हैं कि रोजाना सुबह और शाम 2-2 घंटे की जी-तोड़ प्रैक्टिस के बाद यह मुकाम पाया है। अब अपना वर्कआउट टाइम बढ़ाया है ताकि मिस्टर वर्ल्ड खिताब के लिए खुद को तैयार कर सकूं।
युवाओं से अपील-नशे से दूर रहकर खेल को बनाओ जीवन का हिस्सा
सन्नी का कहना है कि बच्चे अगर किसी गेम या स्पोर्ट में जाना चाहें तो पेरेंट्स उन्हें मोटिवेट करें। किसी को आगे बढ़ाने के लिए मोटिवेट करना बहुत जरूरी है। साथ ही युवाओं से अपील करते हैं कि नशे से दूर रह किसी गेम में हिस्सा बनें। नशे से जीवन ही बर्बाद होता है, जबकि खेल आपका जीवन संवारता है। मेहनत के बल पर कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
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