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हमलावरों से बचने के लिए भागे पूर्व सरपंच पर पीछे से किया वार, 90% गर्दन कटी और एक तरफ लटका था सिर

3 वर्ष पहले
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अमृतसर। मंगलवार सुबह खेतों में फसल देखने गए पूर्व अकाली सरपंच सर्बजीत सिंह जैलदार (60) की अज्ञात युवकों ने गर्दन पर तेजधार हथियार से हमला करके हत्या कर दी। हत्यारों ने इतनी ताकत से वार किया कि सर्बजीत सिंह की गर्दन 90% कट गई और सिर एक तरफ लटक गया। पारिवारिक सदस्य इस हत्या की वजह राजनीतिक बता रहे हैं, लेकिन अमृतसर देहाती पुलिस कुछ भी कहने से कतरा रही है। उसने फिलहाल अज्ञात युवकों केखिलाफ मामला दर्ज करकेकार्रवाई शुरू कर दी है।

दो बार अपनी पंचायत के सरपंच रह चुके सर्बजीत सिंह जैलदार गांव के गुरुद्वारे में रखे पाठ के भोग से सीधे खेतों में पहुंचे थे। सर्बजीत सिंह जैलदार के खेतों में पानी की कई बंबियां है। इन्हीं में से एक बंबी के पास चारा काट रहे नौकर बलदेव के अनुसार, जैलदार सुबह तकरीबन 10.30 बजे एक्टिवा पर खेतों में पहुंचे। पायजामा गंदा न हो, इसलिए उसे खेतों के किनारे बने कमरे में टांगने के बाद पैदल फसल का जायजा लेने चल पड़े। टहलते-टहलते वह उसके पास पहुंचे और उसे आधा किलोमीटर दूर स्थित दूसरी बंबियां चालू करने को कहा। अभी वह बंबियां शुरू कर ही रहा था कि सर्बजीत का भतीजा और भानजा खेतों में उस जगह पहुंच गए जहां वह उन्हें छोड़कर आया था। वहां सर्बजीत सिंह जैलदार का शव पड़ा था। उनके भतीजे और भानजे ने कुछ अज्ञात लोगों को भागते हुए भी देखा मगर दूरी ज्यादा होने के कारण उन्हें पहचाना नहीं जा सका। इसके बाद गांववालों को हत्याकांड की जानकारी दी गई।

वार इतना तेज था कि उनकी गर्दन लगभग 90% कट गई

खेतों में जिस जगह सर्बजीत सिंह जैलदार की बॉडी पड़ी थी, वहां काफी खून जमा था। सर्बजीत की बॉडी पर दो घाव थे। एक बायीं कलाई पर और दूसरा गर्दन पर। घटनास्थल को देखकर लग रहा था कि जब हत्यारों ने पहला वार किया तो सर्बजीत सिंह नेबचाव में बायां हाथ आगे किया जिससे वह कट गया। इसके बाद जब वह बचने के लिए भागे तो हत्यारों ने तेज धार हथियार से उनकी गर्दन पर पीछे सेवार किया। ये वार इतना तेज था कि उनकी गर्दन लगभग 90% कट गई और सिर एक तरफ लटक गया।

भाई की किसी सेरंजिश नहीं थी : सुखचैन

घटनास्थल पर पहुंचे सर्बजीत सिंह जैलदार केछोटे भाई सुखचैन सिंह नेबताया कि गांव में या किसी अन्य से उनकी कोई रंजिश नहीं थी। हालांकि सुखचैन सिंह ने ये आशंका जरूर जताई कि उनके भाई के कत्ल के पीछे राजनीतिक कारण हो सकते है जिसकी जांच पुलिस को करनी है।

कबड्डी प्लेयर थे,एक-दो लोग नहीं कर सकते थे काबू

मौके पर मौजूद ग्रामीणों के अनुसार, सर्बजीत सिंह कबड्डी प्लेयर थेऔर 60 साल की उम्र में भी एक या दो व्यक्ति उन्हें काबूनहीं कर सकतेथे। ऐसे में हत्यारे दो से अधिक रहे होंगे और पूरी प्लानिंग से घेरकर उन्हें मारा गया है। सर्बजीत हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे।

एसएसपी पहुंचे मौके पर

हत्याकांड की जानकारी मिलने केबाद अमृतसर देहाती के एसएसपी परमपाल सिंह, एसपी इन्वेस्टिगेशन हरपाल सिंह और डीसीपी अमनदीप कौर मौकेपर पहुंचे। एसपी इन्वेस्टिगेशन हरपाल सिंह नेबताया कि घटना सुबह साढ़े10 सेपौने11 बजे केबीच की है। इसकेपीछेराजनीतिक रंजिश है या नहीं, फिलहाल कुछ भी कहना नामुमकिन है। छानबीन चल रही है।

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