ईटीएफ का प्रबंधन कर सकेंगे म्यूचुअल फंड्स
बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड से जुड़े नियमों में बदलाव किया
बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंड्स के नियम में संशोधन किया है। इसके तहत सेबी के पास पंजीकृत गैर- बैंक कस्टोडियन को सोना और सोने से जुड़े उत्पादों के प्रबंधन की अनुमति दी गई है। फिलहाल सेबी के पास कस्टोडियन के रूप में पंजीकृत बैंकों को ही गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) और अन्य सोने से संबंधित उत्पादों के प्रबंधन की जिम्मेदारी मिल हुई है।
सेबी के निदेशक मंडल ने फरवरी में बैंक तथा गैर-बैंक कस्टोडियन को स्वर्ण या गोल्ड ईटीएफ जैसे स्वर्ण संबंधित उत्पादों की कस्टोडियन सेवाएं देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके मद्देनजर अब भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (म्यूचुअल फंड) नियमन, 1996 में संशोधन किया है।
एएमसी कर सकेगी क्लोज फंड में निवेश
सेबी ने असेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) को क्लोज एंडेड म्यूचुअल फंड में निवेश की अनुमति दे दी है। इसमें एएमसी को नए कोष की पेशकश के जरिए जुटाई गई राशि का कम-से-कम एक प्रतिशत या 50 लाख रुपए तक निवेश करने की अनुमति दी गयी है। हालांकि शर्त है कि एएमसी उन्हीं योजनाओं में निवेश करेंगे, जिसे बोर्ड ने निर्धारित किया है। अब तक एएमसी को नियत समय वाली योजनाओं को छोड़कर सभी में निवेश की अनुमति थी।
अब तक बैंक ही होते थे कस्टोडियन