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डाउनलोड करेंगणतंत्र दिवस के ठीक एक दिन पहले मुज़फ्फ़रनगर के राहत शिविर में ठंड के कारण चार माह की एक बच्ची की मृत्यु हो गई है. उधर उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी समाजवादी पार्टी दंगों के लिए लेकर भारतीय जनता पार्टी को इलज़ाम दे रही है.
उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री आज़म ख़ान ने पत्रकारों से कहा, \'\'आपने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को प्रचारित और प्रसारित किया, लेकिन उन लोगों, समूहों और संगठनों को सामने लाने से परहेज किया जिन्होंने घरों को जलाया, निर्दोष लोगों की जान-माल को क्षति पहुंचाई और उन्हें विस्थापित होने के मजबूर किया.\'\'
आज़म ख़ान हाल में ही प्रदेश के दूसरे मंत्रियों के साथ विदेश यात्रा से लौटे हैं जिसे लेकर ये सवाल उठे थे कि जब राज्य में दंगा पीड़ित बच्चों की लगातार मौत हो रही है तो क्या मंत्रियों को घूमने के लिए विदेश यात्रा पर जाना चाहिए था.
स्टडी टूरमंत्रियों का कहना था कि ये स्टडी टूर था.
इधर पिछले साल सितम्बर और दिसम्बर के बीच राहत शिविरों में 34 बच्चों की मृत्यु हो चुकी है.
जिस बच्चे की शनिवार को मौत हुई उसका परिवार शामली जिले के कांधला कस्बे में आ गया था.
समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ने पुलिस के हवाले से बताया है कि बच्ची की मां एहसान दंगे के बाद बहावदी गांव से विस्थापित हो गई थीं और राहत शिविर में आश्रय लिया था.
पिछले महीने यह परिवार राहत शिविर से चला गया था.
शिविर से निकलने के बाद यह परिवार कांधला में ही एक झोपड़ी बनाकर रह रहा था, जहां उनकी बच्ची सुरैया की ठंड के कारण मृत्यु हो गई.
एजेंसी ने कांधला के सरकारी अस्पताल के सुपरिटेंडेंट रमेश चंद्रा के हवाले से कहा है कि बच्ची की मृत्यु के मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
34 बच्चों की मृत्युइससे पहले शुक्रवार को, शामली के मलकपुर गांव में स्थित राहत शिविर में पांच माह की एक अन्य बच्ची की मृत्यु हो गई थी.
मुज़फ्फ़रनगर दंगों में करीब 60 लोग मारे गए थे जबकि 40,000 लोगों को राहत शिविरों में विस्थापित होना पड़ा था.
समाजवादी पार्टी पहले भी दूसरे दलों पर दंगों का इलज़ाम लगाती रही है. अब आज़म ख़ान का बयान आया है जो प्रार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के क़रीबी माने जाते हैं.
\'मोदी, आरएसएस जिम्मेदार\'उन्होंने पत्रकारों से कहा, \'\'आपने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को प्रचारित और प्रसारित किया, लेकिन उन लोगों, समूहों और संगठनों को सामने लाने से परहेज किया जिन्होंने घरों को जलाया, निर्दोष लोगों की जान-माल को क्षति पहुंचाई और उन्हें विस्थापित होने के मजबूर किया.\'\'
प्रेस ट्रस्ट के ने आज़म के हवाले से कहा, \'\'नरेंद्र मोदी और आरएसएस ने ही साम्प्रदायिकता की आग को भड़काया.\'\'
समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह भी राहत शिविरों की सच्चाई को नकारते हुए विवादास्पद बयान दिया था कि इन शिविरों में कांग्रेस और भाजपा के लोग रह रहे हैं.
इसके बाद अव्यवस्था और बच्चों की मौतें होने की खबरों के बीच, राहत शिविरों को खाली कराए जाने की खबरें आईं थीं.
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