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डाउनलोड करेंहेल्थ डेस्क। ज्यादातर पुरुषों को लगता है कि अगर उनकी फेमिली हिस्ट्री में प्रोस्टेट कैंसर नहीं है तो उन्हें भी ये बीमारी नहीं हो सकती ये कहना है टुलेन यूनिवर्सिटी के एम डी एवं प्रोफेसर ऑलिवर सार्टर का। लेकिन ऐसा नहीं है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी की रिपोर्ट के अनुसार 2018 में 1 लाख 64 हजार पुरुषों में यह कैंसर डायग्नोस हो सकता है। अमेरिका में लंग्स कैंसर के बाद सबसे ज्यादा पुरुष प्रोस्टेट कैंसर से मरते हैं।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक प्रोस्टेट कैंसर इंडिया में पुरुषों को होने वाला दूसरा सबसे कॉमन कैंसर है। इंडिया में इसके पेशेंट की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। कैंसर प्रोजेक्शन डाटा के अनुसार 2020 में इंडिया में प्रोस्टेट कैंसर पेशेंट की संख्या डबल हो जाएगी।
>इस कैंसर से मरने वाले पुरुषों की संख्या इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि इस कैंसर को लोग सीरियली नहीं लेते।
>कई लोगों को इसके बारे में जानकारी भी नहीं है। इसको लेकर बहुत सारे मिथ और कंफ्यूजन भी है। यहां हम आपको ऐसे ही कुछ मिथ के बारे में बता रहे हैं जो प्रोस्टेट कैंसर के बारे में हैं।
मिथ- प्रोस्टेट कैंसर 50 के बाद ही होता है
ये बात सही है कि प्रोस्टेट कैंसर का खतरा उम्र के साथ बढ़ता है लेकिन कम उम्र के पुरुषों को भी ये कैंसर हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रोस्टेट कैंसर 40 की उम्र में भी हो सकता है। इसलिए 40 की उम्र शुरू होते ही अपने डॉक्टर से प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजेन टेस्टिंग (PSA) करवाएं। जो इसकी जांच के लिए होता है।
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